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निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका का 25 ट्रायल साइट पर करार

निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया ने देश के 25 उभरते अनुसंधान क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मी और निरीक्षण के लिए तैयार क्लिनिकल ट्रायल साइट बनाने का करार किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका का 25 ट्रायल साइट पर करार — GK24 title card

चर्चा में क्यों

14 अक्तूबर 2026 को निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया ने नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन किया, जिससे 25 उभरते अनुसंधान क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मी और निरीक्षण के लिए तैयार क्लिनिकल ट्रायल साइट बनेंगी और बायोफार्मा शक्ति मिशन आगे बढ़ेगा।

रायबरेली स्थित राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (निपर), रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया ने क्लिनिकल ट्रायल के काम को बड़े महानगरों से बाहर ले जाने के लिए हाथ मिलाया है। समझौता ज्ञापन 14 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के सचिव मनोज जोशी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। लक्ष्य है देश के 25 उभरते अनुसंधान क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मी और निरीक्षण के लिए तैयार साइट खड़ी करना।

साझेदारी में क्या होगा

  • शुरुआत में 25 क्लिनिकल ट्रायल साइट को गोद लिया जाएगा और हर साइट की क्षमता का आकलन होगा।
  • वहां के कर्मियों को लक्षित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
  • दस्तावेजीकरण तथा नैतिकता, सुरक्षा और ट्रायल की व्यावहारिकता से जुड़ी प्रक्रियाएं मजबूत की जाएंगी।

किसकी क्या भूमिका

औषध विभाग दिशा और समर्थन देगा, जिससे यह पहल क्लिनिकल अनुसंधान की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप रहे। इसी सरकारी ढांचे पर एस्ट्राजेनेका इंडिया क्लिनिकल विकास की विशेषज्ञता देगी, कार्यक्रम तैयार कर उसे चलाएगी, भारत और विदेश के संकाय को जोड़ेगी तथा चुनी गई साइटों को प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, प्रशासन और तैयारी में सहारा देगी।

बड़ा मिशन

यह करार बायोफार्मा शक्ति को आगे बढ़ाता है, जो मजबूत बायोफार्मा तंत्र खड़ा करने की केंद्र सरकार की प्रमुख पहल है। उस मिशन के घोषित लक्ष्यों में देशभर में 1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट बनाना शामिल है, इसलिए यहां ली जा रही 25 साइट उस लक्ष्य की पहली किस्त हैं, पूरा लक्ष्य नहीं।

अधिकारियों ने क्या कहा

मनोज जोशी ने कहा कि वैश्विक क्लिनिकल ट्रायल में बड़ी भूमिका निभाने के लिए भारत के पास प्रतिभा और विशेषज्ञता दोनों हैं, और बड़े महानगरों से बाहर क्षमता बढ़ाने से कुशल पेशेवरों तथा अनुसंधान के लिए तैयार साइटों की संख्या बढ़ेगी। निपर रायबरेली की निदेशक डॉ. शुभिनी सराफ ने कहा कि उत्कृष्टता केंद्र क्लिनिकल अनुसंधान में व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रमाणन का समर्पित मंच बनेगा, और शैक्षणिक तथा उद्योग विशेषज्ञता मिलकर ऐसा मॉडल देंगी जिसे अन्य क्षेत्रों में दोहराया जा सके। एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया लिमिटेड के कंट्री प्रेसिडेंट एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण राव अक्किनेपल्ली ने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य ट्रायल में भागीदारी बढ़ाना और उच्च गुणवत्ता वाला टिकाऊ अनुसंधान तंत्र बनाना है।

विस्तार की गुंजाइश

पहल को विस्तार योग्य राष्ट्रीय मॉडल के रूप में बनाया गया है। अवधारणा के प्रमाण वाला चरण पूरा होने के बाद इसे और क्षेत्रों तक तथा कैंसर चिकित्सा से आगे के उपचार क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सकता है, जहां से काम शुरू हो रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

साझेदारनिपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया
दस्तावेजसमझौता ज्ञापन (एमओयू)
हस्ताक्षर कहांनई दिल्ली
गोद ली जाने वाली साइटउभरते अनुसंधान क्षेत्रों की 25 क्लिनिकल ट्रायल साइट
सरकारी विभागऔषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
उपस्थित सचिवमनोज जोशी
निदेशक, निपर रायबरेलीडॉ. शुभिनी सराफ
एस्ट्राजेनेका इंडिया प्रमुखप्रवीण राव अक्किनेपल्ली, कंट्री प्रेसिडेंट एवं प्रबंध निदेशक
संबंधित मिशनबायोफार्मा शक्ति
बायोफार्मा शक्ति लक्ष्यदेशभर में 1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट
शुरुआती उपचार क्षेत्रकैंसर चिकित्सा

परीक्षा की दृष्टि से

दोनों साझेदार, मेजबान संस्थान निपर रायबरेली और उसकी निदेशक डॉ. शुभिनी सराफ, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन औषध विभाग तथा सचिव मनोज जोशी, 25 क्लिनिकल ट्रायल साइट, बायोफार्मा शक्ति का 1,000 साइट का लक्ष्य और शुरुआत कैंसर चिकित्सा से, ये सब याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया के सहयोग में कितनी क्लिनिकल ट्रायल साइट गोद ली जाएंगी?

  1. A.10
  2. B.25
  3. C.50
  4. D.100
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 25

साझेदारी की शुरुआत उभरते अनुसंधान क्षेत्रों की 25 क्लिनिकल ट्रायल साइट को गोद लेने से होगी, जिनमें हर साइट की क्षमता का आकलन किया जाएगा और फिर कर्मियों को लक्षित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन देते हुए दस्तावेजीकरण तथा नैतिकता, सुरक्षा और ट्रायल की व्यावहारिकता से जुड़ी प्रक्रियाएं मजबूत की जाएंगी।

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Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नई दिल्ली में हुआ यह क्लिनिकल अनुसंधान सहयोग सरकार की किस प्रमुख पहल को आगे बढ़ाता है?

  1. A.बायोफार्मा शक्ति
  2. B.आयुष्मान भारत
  3. C.मिशन इंद्रधनुष
  4. D.पीआरआईपी योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बायोफार्मा शक्ति

इसे मजबूत बायोफार्मा तंत्र खड़ा करने की केंद्र सरकार की प्रमुख पहल बताया गया है, और इसके लक्ष्यों में देशभर में एक हजार क्लिनिकल ट्रायल साइट बनाना शामिल है; निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका इंडिया की साझेदारी सीधे उसी उद्देश्य की सेवा करती है।

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Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

उत्कृष्टता केंद्र पर टिप्पणी करने वाली निपर रायबरेली की निदेशक कौन हैं?

  1. A.मनोज जोशी
  2. B.डॉ. शुभिनी सराफ
  3. C.प्रवीण राव अक्किनेपल्ली
  4. D.डॉ. एम एल जाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. शुभिनी सराफ

निपर रायबरेली की निदेशक के रूप में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र क्लिनिकल अनुसंधान में व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रमाणन का समर्पित मंच बनेगा, और शैक्षणिक तथा उद्योग विशेषज्ञता मिलकर ऐसा मॉडल तैयार करेंगी जिसे अन्य क्षेत्रों तथा उपचार क्षेत्रों में दोहराया जा सके।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निपर रायबरेली और एस्ट्राजेनेका की साझेदारी में कितनी क्लिनिकल ट्रायल साइट ली जाएंगी?

देश के उभरते अनुसंधान क्षेत्रों की 25 क्लिनिकल ट्रायल साइट, जिनका आकलन कर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और तैयारी में सहायता दी जाएगी।

यह सहयोग किस मिशन को आगे बढ़ाता है?

बायोफार्मा शक्ति को, जो मजबूत बायोफार्मा तंत्र के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख पहल है और जिसके लक्ष्यों में देशभर में 1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट बनाना शामिल है।

औषध विभाग किस मंत्रालय के अधीन आता है?

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन। इसके सचिव मनोज जोशी नई दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर के समय उपस्थित थे।

क्या इस पहल का विस्तार हो सकता है?

हां। इसे विस्तार योग्य राष्ट्रीय मॉडल के रूप में बनाया गया है और अवधारणा प्रमाण चरण पूरा होने पर इसे और क्षेत्रों तथा कैंसर चिकित्सा से आगे के उपचार क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सकता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 14 अक्टूबर 2026

  1. कॉयर निर्यात 305% बढ़कर ₹6,614.40 करोड़ पर पहुंचाअर्थव्यवस्था
  2. थोक मुद्रास्फीति सितंबर 2026 में 11.39 प्रतिशत परअर्थव्यवस्था
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