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नौसेना 2026 में 18 युद्धपोत शामिल करेगी: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के दूसरे संस्करण में कहा कि नौसेना इस वर्ष 18 युद्धपोत शामिल करेगी, जो उसके इतिहास में एक वर्ष की सबसे बड़ी बढ़त है।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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नौसेना 2026 में 18 युद्धपोत शामिल करेगी: राजनाथ सिंह

चर्चा में क्यों

29 सितंबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के नौसेना भवन में 2026 के दूसरे नौसेना कमांडर सम्मेलन को संबोधित किया, भारत को हिंद महासागर क्षेत्र का पहला सहायक और पसंदीदा सुरक्षा भागीदार बताया और 2026 में 18 युद्धपोत शामिल करने की जानकारी दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के नौसेना भवन में भारतीय नौसेना के साल में दो बार होने वाले कमांडर सम्मेलन 2026 के दूसरे संस्करण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत पहला सहायता देने वाला देश और पसंदीदा सुरक्षा भागीदार बनकर खड़ा है। भीड़भाड़, धोखे और ग्रे-जोन गतिविधियों ने समुद्री क्षेत्र को पहले से जटिल बना दिया है, इसलिए निगरानी और प्रतिक्रिया तंत्र को नए स्तर पर ले जाना होगा।

एक वर्ष में सबसे बड़ी बढ़त

रक्षा मंत्री ने 2026 को नौसेना के लिए ऐतिहासिक वर्ष बताया, क्योंकि इस वर्ष 18 युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना है, जो नौसेना के इतिहास में एक ही वर्ष में जहाजों की सबसे बड़ी बढ़त होगी। हाल में कमीशन हुए युद्धपोतों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है। उन्होंने कहा कि देश का युद्धपोत निर्माण तंत्र अब वैश्विक मानकों पर खरा उतरता है, इसलिए भारत को अपनी जरूरत पूरी करने तक सीमित न रहकर मित्र देशों को युद्धपोत बेचने की ओर बढ़ना चाहिए।

ब्लू वाटर पहुंच और ऊर्जा की जीवन रेखा

भारतीय युद्धपोतों की मौजूदगी दक्षिण चीन सागर, भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर तक है, जिसे रक्षा मंत्री ने ब्लू वाटर क्षमता का प्रमाण बताया। उन्होंने ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा का विशेष उल्लेख किया, जिसके तहत पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों और खासकर एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने आंकड़े भी रखे कि भारत अपना लगभग 85 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस समुद्री मार्ग से मंगाता है, इसलिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा सीधे अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और रक्षा तैयारी से जुड़ी है।

अंतरराष्ट्रीय कमान और अभ्यास

विषयब्यौरा
सम्मेलन2026 का दूसरा नौसेना कमांडर सम्मेलन, नौसेना भवन, नई दिल्ली
अवधितीन दिन, 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026
युद्धपोत2026 में 18 शामिल करने की योजना
स्वदेशी सामग्रीहाल में कमीशन जहाजों में 75 प्रतिशत से अधिक
टास्क फोर्सकंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के अंतर्गत कंबाइंड टास्क फोर्स-154

रक्षा मंत्री ने नौसेना को कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की कमान संभालने पर बधाई दी। इस कार्यकाल में नौसेना ने कोच्चि में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस किया, जिसमें 27 देशों के 276 कर्मी, 76 सुविधाकर्ता तथा विषय विशेषज्ञ और चार अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए। उन्होंने लोकायन-26 के लिए आईएनएस सुदर्शिनी की तैनाती की भी सराहना की, जिसने अमेरिका, अटलांटिक और भूमध्य सागर क्षेत्र में बसे भारतीय समुदाय तक देश की समुद्री विरासत पहुंचाई।

समुद्र में महिलाएं और बड़ा लक्ष्य

नौसेना की सभी रैंक, सभी भूमिकाएं नीति के तहत महिला अधिकारी अब अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों और विमानों पर तैनात हैं और नाविका सागर परिक्रमा जैसे नौवहन अभियानों में महिलाओं ने हिस्सा लिया है। नौसेना को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का सामरिक स्तंभ बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्र सुरक्षित रहेंगे तो भारत सुरक्षित रहेगा और सुरक्षित भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करेगा। तीन दिन का यह शीर्ष सम्मेलन 1 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और इसमें परिचालन तैयारी, समुद्री सुरक्षा तथा भावी क्षमता की समीक्षा होगी। सम्मेलन में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और थलसेना प्रमुख भी शामिल हुए।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रम2026 का दूसरा भारतीय नौसेना कमांडर सम्मेलन
स्थान और तिथिनौसेना भवन, नई दिल्ली, 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026
संबोधनरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
2026 में युद्धपोत18 शामिल या कमीशन करने की योजना, एक वर्ष का रिकॉर्ड
स्वदेशी सामग्रीहाल में कमीशन युद्धपोतों में 75 प्रतिशत से अधिक
समुद्र से ऊर्जालगभग 85 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस
होर्मुज में अभियानऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय ध्वज वाले जहाजों और एलपीजी टैंकरों का सुरक्षित आवागमन
टास्क फोर्स कमानकंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के अंतर्गत कंबाइंड टास्क फोर्स-154
कोच्चि में अभ्यासऑपरेशन सदर्न रेडीनेस, 27 देशों के 276 कर्मी, 76 सुविधाकर्ता और चार अंतरराष्ट्रीय संगठन
प्रशिक्षण पोतलोकायन-26 के लिए आईएनएस सुदर्शिनी की तैनाती
नौसेना में महिलाएंसभी रैंक, सभी भूमिकाएं नीति तथा नाविका सागर परिक्रमा अभियान

परीक्षा की दृष्टि से

नौसेना कमांडर सम्मेलन का संस्करण (2026 का दूसरा) और स्थान (नौसेना भवन, नई दिल्ली), 2026 में 18 युद्धपोतों की योजना, 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री, होर्मुज जलडमरूमध्य में ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा, कंबाइंड टास्क फोर्स-154, कोच्चि में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस में 27 देशों के 276 कर्मी तथा लोकायन-26 पर आईएनएस सुदर्शिनी याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

भारतीय नौसेना 2026 में कितने युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना बना रही है?

  1. A.12
  2. B.15
  3. C.18
  4. D.24
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18

व्याख्या

सही उत्तर 18 है। नौसेना कमांडर सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने 2026 को नौसेना के लिए ऐतिहासिक वर्ष बताया, क्योंकि इस वर्ष अठारह युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना है और यह नौसेना के इतिहास में एक ही वर्ष में जहाजों की सबसे बड़ी बढ़त होगी। उन्होंने इसे देश के नौसैनिक जहाज निर्माण तंत्र की परिपक्वता से जोड़ा और बताया कि हाल में कमीशन हुए युद्धपोतों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है तथा भारतीय शिपयार्ड अब वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि वर्ष की बढ़त के लिए ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। बताया गया आंकड़ा अठारह है और उसे रिकॉर्ड कहा गया, इसलिए बारह या पंद्रह जैसी कम संख्या रिकॉर्ड नहीं होती और चौबीस जैसा कोई दावा नहीं किया गया। मंत्री ने मित्र देशों को युद्धपोत निर्यात करने का आग्रह भी किया।

Q2.रक्षामध्यम

होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों का सुरक्षित आवागमन किस अभियान के तहत सुनिश्चित किया गया?

  1. A.ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस
  2. B.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
  3. C.ऑपरेशन संकल्प
  4. D.लोकायन-26
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा

व्याख्या

सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। रक्षा मंत्री ने इसे शानदार उपलब्धि बताया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान इस अभियान के तहत भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों और खासकर एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता मिला। उन्होंने इसकी अहमियत व्यापारिक निर्भरता से जोड़ी, क्योंकि भारत का लगभग 85 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस समुद्र के रास्ते आता है, इसलिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा सीधे अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और रक्षा तैयारी से जुड़ती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस कोच्चि में हुआ अभ्यास था। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस संबोधन में ऐसे किसी अभियान का नाम नहीं आया। विकल्प D गलत है, क्योंकि लोकायन-26 आईएनएस सुदर्शिनी की समुद्री कूटनीति वाली तैनाती थी।

Q3.रक्षाकठिन

कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की भारतीय कमान के दौरान कोच्चि में हुए ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस में कितने देशों के कर्मी शामिल हुए?

  1. A.27
  2. B.18
  3. C.36
  4. D.41
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 27

व्याख्या

सही उत्तर 27 है। ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस कोच्चि में उस समय हुआ जब भारतीय नौसेना कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के अंतर्गत कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की कमान संभाल रही थी, और इसमें सत्ताईस देशों के 276 कर्मी, 76 सुविधाकर्ता तथा विषय विशेषज्ञ और चार अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए। विकल्प B गलत है, क्योंकि अठारह 2026 में शामिल किए जाने वाले युद्धपोतों की संख्या है, भाग लेने वाले देशों की नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐसा कोई आंकड़ा संबोधन में नहीं आया। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। रक्षा मंत्री ने इस टास्क फोर्स की कमान को क्षेत्रीय सहकारी सुरक्षा में भारत का अहम योगदान बताया और लोकायन-26 के लिए आईएनएस सुदर्शिनी की तैनाती की भी सराहना की। उस यात्रा ने अमेरिका, अटलांटिक तथा भूमध्य सागर क्षेत्र में बसे भारतीय समुदाय तक देश की समुद्री विरासत पहुंचाई और समुद्री कूटनीति को मजबूत किया, जबकि कोच्चि का अभ्यास कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के साथ साझा तैयारी का उदाहरण बना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय नौसेना 2026 में कितने युद्धपोत शामिल करेगी?

2026 में 18 युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना है, जिसे राजनाथ सिंह ने नौसेना के इतिहास में एक वर्ष की सबसे बड़ी बढ़त बताया। हाल में कमीशन हुए जहाजों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है।

ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा क्या है?

यह भारतीय नौसेना का वह अभियान है जिसके तहत पश्चिम एशिया संकट के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों और खासकर एलपीजी टैंकरों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया गया। भारत का लगभग 85 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस समुद्री मार्ग से आता है।

भारतीय नौसेना ने किस टास्क फोर्स की कमान संभाली?

कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के अंतर्गत कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की। इस कार्यकाल में नौसेना ने कोच्चि में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस किया, जिसमें 27 देशों के 276 कर्मी, 76 सुविधाकर्ता तथा विषय विशेषज्ञ और चार अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS