भारतीय नौसेना 2026 में कितने युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना बना रही है?
- A.12
- B.15
- C.18
- D.24
सही उत्तर
C. 18
व्याख्या
सही उत्तर 18 है। नौसेना कमांडर सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने 2026 को नौसेना के लिए ऐतिहासिक वर्ष बताया, क्योंकि इस वर्ष अठारह युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना है और यह नौसेना के इतिहास में एक ही वर्ष में जहाजों की सबसे बड़ी बढ़त होगी। उन्होंने इसे देश के नौसैनिक जहाज निर्माण तंत्र की परिपक्वता से जोड़ा और बताया कि हाल में कमीशन हुए युद्धपोतों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है तथा भारतीय शिपयार्ड अब वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि वर्ष की बढ़त के लिए ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। बताया गया आंकड़ा अठारह है और उसे रिकॉर्ड कहा गया, इसलिए बारह या पंद्रह जैसी कम संख्या रिकॉर्ड नहीं होती और चौबीस जैसा कोई दावा नहीं किया गया। मंत्री ने मित्र देशों को युद्धपोत निर्यात करने का आग्रह भी किया।
पूरा लेख पढ़ें: नौसेना 2026 में 18 युद्धपोत शामिल करेगी: राजनाथ सिंह
अभ्यास प्रश्न
होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों का सुरक्षित आवागमन किस अभियान के तहत सुनिश्चित किया गया?
- A.ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस
- B.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
- C.ऑपरेशन संकल्प
- D.लोकायन-26
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
व्याख्या
सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। रक्षा मंत्री ने इसे शानदार उपलब्धि बताया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान इस अभियान के तहत भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों और खासकर एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता मिला। उन्होंने इसकी अहमियत व्यापारिक निर्भरता से जोड़ी, क्योंकि भारत का लगभग 85 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस समुद्र के रास्ते आता है, इसलिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा सीधे अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और रक्षा तैयारी से जुड़ती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस कोच्चि में हुआ अभ्यास था। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस संबोधन में ऐसे किसी अभियान का नाम नहीं आया। विकल्प D गलत है, क्योंकि लोकायन-26 आईएनएस सुदर्शिनी की समुद्री कूटनीति वाली तैनाती थी।
कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की भारतीय कमान के दौरान कोच्चि में हुए ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस में कितने देशों के कर्मी शामिल हुए?
- A.27
- B.18
- C.36
- D.41
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 27
व्याख्या
सही उत्तर 27 है। ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस कोच्चि में उस समय हुआ जब भारतीय नौसेना कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के अंतर्गत कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की कमान संभाल रही थी, और इसमें सत्ताईस देशों के 276 कर्मी, 76 सुविधाकर्ता तथा विषय विशेषज्ञ और चार अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए। विकल्प B गलत है, क्योंकि अठारह 2026 में शामिल किए जाने वाले युद्धपोतों की संख्या है, भाग लेने वाले देशों की नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐसा कोई आंकड़ा संबोधन में नहीं आया। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। रक्षा मंत्री ने इस टास्क फोर्स की कमान को क्षेत्रीय सहकारी सुरक्षा में भारत का अहम योगदान बताया और लोकायन-26 के लिए आईएनएस सुदर्शिनी की तैनाती की भी सराहना की। उस यात्रा ने अमेरिका, अटलांटिक तथा भूमध्य सागर क्षेत्र में बसे भारतीय समुदाय तक देश की समुद्री विरासत पहुंचाई और समुद्री कूटनीति को मजबूत किया, जबकि कोच्चि का अभ्यास कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के साथ साझा तैयारी का उदाहरण बना।
ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में भारतीय नौसेना के किस चल रहे अभियान का उल्लेख किया गया?
- A.ऑपरेशन संकल्प
- B.ऑपरेशन समुद्र सेतु
- C.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
- D.ऑपरेशन निस्तार
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
व्याख्या
सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। कमांडरों के सम्मेलन की घोषणा करते हुए रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह आयोजन भारत के समुद्री हितों की रक्षा में नौसेना की भूमिका को रेखांकित करेगा, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा भी शामिल है, और यह विषय पश्चिमी एशिया में जारी संघर्षों की पृष्ठभूमि में और अहम हो जाता है। इसी अभियान के प्रभावी संचालन तथा एक विश्वसनीय समुद्री शक्ति के रूप में नौसेना की भूमिका से हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे भारत की साख मज़बूत होती है। विकल्प A, B और D में दिए गए नाम इस घोषणा में नहीं आए। परीक्षा की दृष्टि से अभियान के नाम को ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिमी एशिया की स्थिति से जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा। यह भी ध्यान रखें कि इसका उल्लेख नौसेना भवन में होने वाले वर्ष के दूसरे कमांडर सम्मेलन की घोषणा के समय हुआ।
नौसेना की तैयारियों के आकलन में प्रयुक्त 'जय' के तीन स्तंभ कौन से हैं?
- A.संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार
- B.संयुक्तता, फुर्ती और एकीकरण
- C.न्याय, आत्मनिर्भरता और खुफिया क्षमता
- D.संयुक्तता, स्वचालन और निवेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार
व्याख्या
सही उत्तर संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार है। नौसेना का शीर्ष नेतृत्व इन्हीं तीन बुनियादी स्तंभों के अनुरूप अपनी समग्र तैयारियों का आकलन करेगा, जिनके पहले अक्षरों से 'जय' शब्द बनता है। इसका उद्देश्य बलों के स्तर को बेहतर बनाना और युद्ध के लिए तत्परता बढ़ाना है, जो सरकार के आत्मनिर्भरता तथा विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा है। विकल्प B गलत है क्योंकि फुर्ती और एकीकरण उपयोगी विचार होते हुए भी इस संक्षिप्त नाम के पीछे के शब्द नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि न्याय और खुफिया क्षमता स्तंभों में शामिल नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि स्वचालन और निवेश का उल्लेख स्तंभों के रूप में नहीं हुआ, हालांकि स्वायत्त और बिना चालक वाली प्रणालियां समीक्षा के विषयों में अलग से आती हैं।
भारतीय नौसेना के कमांडरों का सम्मेलन 2026/02 कहां आयोजित हो रहा है?
- A.नौसैनिक अड्डा, कोच्चि
- B.नौसेना भवन, नई दिल्ली
- C.आईएनएस कदंब, कारवार
- D.नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नौसेना भवन, नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर नौसेना भवन, नई दिल्ली है। भारतीय नौसेना के कमांडरों के सम्मेलन का इस वर्ष का दूसरा संस्करण यहीं तीन दिन तक चलेगा, यानी 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक। यह सम्मेलन नौसेना का सर्वोच्च स्तरीय मंच है और साल में दो बार होता है, इसीलिए इसे 2026/02 कहा गया है। इसमें वरिष्ठ नौसैनिक नेतृत्व शामिल होता है, जिसमें राजधानी से बाहर तैनात परिचालन और क्षेत्रीय कमांडर भी आते हैं, और सैन्य-रणनीतिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान है, पर उसे स्थान के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प C गलत है क्योंकि कारवार का उल्लेख इस सम्मेलन के संदर्भ में नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि मुंबई का नौसेना डॉकयार्ड रखरखाव और सहायता की सुविधा है, वहां यह शीर्ष मंच आयोजित नहीं होता।