नशा मुक्त भारत अभियान 35 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा
नशा मुक्त भारत अभियान अब तक 35 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है, जिनमें 13.94 करोड़ युवा और 10.86 करोड़ महिलाएं तथा 32 लाख शिक्षण संस्थान शामिल हैं।

चर्चा में क्यों
22 अक्टूबर 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान 35 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है, जिनमें 13.94 करोड़ युवा और 10.86 करोड़ महिलाएं हैं, तथा 32 लाख से अधिक शिक्षण संस्थान इससे जुड़े हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अपने प्रमुख नशा विरोधी अभियान की पहुंच का ब्यौरा सामने रखा है। अब तक नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) 35 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है, और इस संख्या में 13.94 करोड़ से अधिक युवा तथा 10.86 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। अभियान की जागरूकता गतिविधियों से 32 लाख से अधिक शिक्षण संस्थान भी जुड़े हैं।
नीति में अभियान का स्थान
एनएमबीए नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के अंतर्गत चलता है। इसकी शुरुआत 15 अगस्त 2020 को हुई और आरंभ में इसका ध्यान 272 संवेदनशील जिलों पर था, जिन्हें वहां मिले नशे के प्रसार के आधार पर चुना गया था, और बाद में इसका दायरा पूरे देश तक फैल गया। अभियान का जोर युवाओं, महिलाओं और स्थानीय समुदायों पर है, क्योंकि रोकथाम वहीं सबसे प्रभावी होती है जहां परिवार, विद्यालय और मोहल्ले स्वयं भागीदार बनें।
गृह मंत्री का लक्ष्य
नई दिल्ली में सितंबर में हुए नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्य बल (एएनटीएफ) के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश सामूहिक रूप से 31 दिसंबर 2029 तक भारत से नशीले पदार्थों के कारोबार को जड़ से समाप्त करने में सफल होगा। उन्होंने आपसी समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य, जवाबदेही और नशे के नेटवर्क को तोड़ने पर बल दिया तथा युवाओं को नशे से बचाने को 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ा।
प्रवर्तन के साथ मांग में कमी
यह अभियान सोच-समझकर नशा विरोधी प्रयास के मांग पक्ष के रूप में गढ़ा गया है। प्रवर्तन एजेंसियां तस्करी और आपूर्ति पर काम करती हैं, जबकि एनएमबीए जागरूकता, समुदाय की भागीदारी और मदद तक पहुंच पर ध्यान देता है। इसका दायरा रोकथाम और आकलन से लेकर उपचार, पुनर्वास तथा बाद की देखभाल तक फैला है, और यह नशे की लत से जुड़े सामाजिक कलंक को घटाने का प्रयास भी करता है, जिससे परिवार समय रहते मदद मांग सकें। शिक्षण संस्थान, युवा क्लब और महिला समूह इसके मुख्य मंच हैं, और नशामुक्त मित्र कहे जाने वाले स्वयंसेवक यह संदेश विद्यालयों तथा महाविद्यालयों तक ले जाते हैं।
हेल्पलाइन और याद रखने योग्य आंकड़े
जानकारी या सहायता चाहने वाला कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 पर संपर्क कर सकता है। परीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण आंकड़े हैं कुल पहुंच 35 करोड़, युवाओं और महिलाओं के आंकड़े 13.94 करोड़ तथा 10.86 करोड़, 32 लाख संस्थान, शुरुआत की तिथि 15 अगस्त 2020, आरंभिक 272 जिले और नशे का कारोबार समाप्त करने के लिए तय 31 दिसंबर 2029 की समय सीमा।
महत्वपूर्ण तथ्य
| अभियान | नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) |
|---|---|
| मंत्रालय | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |
| मूल योजना | नशीले पदार्थों की मांग में कमी की राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) |
| शुरुआत | 15 अगस्त 2020, आरंभ में 272 संवेदनशील जिले |
| पहुंच | 35 करोड़ से अधिक लोग, 13.94 करोड़ युवा, 10.86 करोड़ महिलाएं |
| संस्थान | 32 लाख से अधिक शिक्षण संस्थान |
| लक्ष्य | 31 दिसंबर 2029 तक नशे का कारोबार समाप्त करना |
| हेल्पलाइन | राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें पहुंच के आंकड़े 35 करोड़ लोग, 13.94 करोड़ युवा, 10.86 करोड़ महिलाएं और 32 लाख संस्थान; शुरुआत 15 अगस्त 2020 तथा आरंभिक 272 जिले; मूल योजना एनएपीडीडीआर और संबंधित मंत्रालय; अमित शाह की बताई 31 दिसंबर 2029 की समय सीमा; और हेल्पलाइन नंबर 14446।
अभ्यास प्रश्न
नशा मुक्त भारत अभियान किस राष्ट्रीय योजना के अंतर्गत संचालित होता है?
- A.नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना
- B.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
- C.राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
- D.राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
उत्तर देखें
नशा मुक्त भारत अभियान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहल है और इसी योजना के अंतर्गत आता है, इसलिए इसका काम जागरूकता, रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और बाद की देखभाल पर केंद्रित है, पुलिस कार्रवाई पर नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शुरुआत के समय नशा मुक्त भारत अभियान का ध्यान कितने संवेदनशील जिलों पर था?
- A.112
- B.272
- C.372
- D.750
उत्तर देखें
अभियान 15 अगस्त 2020 को इतने ही संवेदनशील जिलों से शुरू हुआ था, जिन्हें वहां नशे के व्यापक प्रसार के कारण चुना गया था, और बाद में इसका दायरा पूरे देश तक फैल गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार भारत से नशे का कारोबार किस तिथि तक समाप्त कर दिया जाएगा?
- A.31 दिसंबर 2027
- B.15 अगस्त 2028
- C.31 दिसंबर 2029
- D.15 अगस्त 2047
उत्तर देखें
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह समय सीमा नई दिल्ली में सितंबर में हुए नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्य बल के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताई थी, और इसके साथ उन्होंने आपसी समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य, जवाबदेही तथा नशे के नेटवर्क को तोड़ने का आह्वान किया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नशा मुक्त भारत अभियान के संदर्भ में राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन का नंबर क्या है?
- A.1800
- B.14416
- C.14446
- D.15100
उत्तर देखें
यह राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन है और इसके जरिए व्यक्ति तथा परिवार नशे से जुड़ी चिंताओं पर जानकारी और सहायता मांग सकते हैं, जो मदद को आसान बनाने तथा उस सामाजिक कलंक को घटाने के अभियान के जोर से मेल खाता है जिसके कारण लोग मदद मांगने से हिचकते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नशा मुक्त भारत अभियान अब तक कितने लोगों तक पहुंचा है?
35 करोड़ से अधिक लोगों तक, जिनमें 13.94 करोड़ से अधिक युवा और 10.86 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, तथा इससे 32 लाख से अधिक शिक्षण संस्थान जुड़े हैं।
नशा मुक्त भारत अभियान कब और कितने जिलों से शुरू हुआ था?
इसकी शुरुआत 15 अगस्त 2020 को हुई और आरंभ में इसका ध्यान 272 संवेदनशील जिलों पर था, जिसके बाद इसका विस्तार पूरे देश में हुआ।
सरकार भारत से नशे का कारोबार किस तिथि तक समाप्त करना चाहती है?
31 दिसंबर 2029 तक। यह लक्ष्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एएनटीएफ प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में बताया था।
राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन का नंबर क्या है?
14446। यह नशे से जुड़ी चिंताओं पर जानकारी और सहायता चाहने वाले व्यक्तियों तथा परिवारों के लिए है।
स्रोत
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