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ज्ञान भारतम: भारत-फ्रांस समझौता, भारतीय पांडुलिपियां डिजिटल होंगी

संस्कृति मंत्रालय और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय ने 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपि संरक्षण समझौते पर दस्तख़त किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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ज्ञान भारतम: भारत-फ्रांस समझौता, भारतीय पांडुलिपियां डिजिटल होंगी

चर्चा में क्यों

26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में संस्कृति मंत्रालय और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय ने ज्ञान भारतम मिशन के तहत सहमति पत्र पर दस्तख़त किए, जिसके तहत फ्रांसीसी संग्रहों में रखी भारतीय मूल की पांडुलिपियों का संरक्षण, डिजिटलीकरण और शोध होगा।

भारत और फ्रांस फ्रांसीसी संग्रहों में रखी भारतीय पांडुलिपियों पर मिलकर काम करने पर सहमत हो गए हैं। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय बिब्लियोथेक नास्योनाल द फ्रांस के बीच 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में एक सहमति पत्र पर दस्तख़त हुए और उसका आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत हुआ है और इसमें पांडुलिपियों तथा दस्तावेज़ी विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण, शोध और व्यापक प्रसार को शामिल किया गया है।

दस्तख़त किसने किए

भारत की ओर से संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने और फ्रांस की ओर से पुस्तकालय के अध्यक्ष श्री जिल पेकू ने समझौते पर दस्तख़त किए। भारतीय पक्ष में ज्ञान भारतम के ज़रिये संस्कृति मंत्रालय के साथ नई दिल्ली का भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार और कोलकाता का राष्ट्रीय पुस्तकालय भी इस साझेदारी से जुड़े हैं।

सहयोग के पांच क्षेत्र

  • पांडुलिपियों और संग्रहों का डिजिटलीकरण
  • राष्ट्रीय डिजिटल भंडार पर आपसी साझेदारी
  • दोनों पक्षों के बीच तकनीक का आदान-प्रदान
  • नाज़ुक दस्तावेज़ों का संरक्षण
  • शोध और विकास

दोनों पक्ष पहले फ्रांसीसी पुस्तकालय में मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियों और संग्रहों की पहचान करेंगे और उसके बाद उन्हें डिजिटल रूप देंगे। इसके साथ डिजिटलीकरण तथा परिरक्षण की तकनीक, सूचीकरण के मानक, भारतीय लिपियों को मशीन से पढ़ने वाले ओसीआर और एचटीआर उपकरण, डिजिटल मानविकी और पांडुलिपि संरक्षण में विशेषज्ञता साझा की जाएगी। समझौते के तहत संयुक्त कार्यशालाएं, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, शोध परियोजनाएं, प्रकाशन, प्रदर्शनियां तथा विद्वानों और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान भी प्रस्तावित है।

ज्ञान भारतम मिशन का काम

ज्ञान भारतम संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख मिशन है, जो भारत की पांडुलिपि विरासत पर केंद्रित है। इसका दायरा पहचान और प्रलेखन से लेकर संरक्षण, डिजिटलीकरण, अनुवाद, शोध और प्रसार तक फैला है। इसका राष्ट्रीय डिजिटल भंडार भारतीय मूल की पांडुलिपियों तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की सामग्री के लिए एक सुरक्षित भंडार के रूप में सोचा गया है, चाहे वह सामग्री देश में हो या विदेश में, और शोध तथा अध्ययन के लिए उसकी पहुंच अनुमति आधारित व्यवस्था से दी जाएगी।

मंत्रालय ने इस साझेदारी को भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण और अध्ययन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग मज़बूत करने की दिशा में एक क़दम बताया, जिससे दोनों देशों के बीच विद्वत्तापूर्ण और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते भी खुलेंगे।

महत्वपूर्ण तथ्य

समझौतासंस्कृति मंत्रालय और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय के बीच सहमति पत्र
स्थान और तिथिपेरिस, 26 अक्टूबर 2026
मिशनसंस्कृति मंत्रालय का ज्ञान भारतम मिशन
हस्ताक्षरकर्ताविवेक अग्रवाल, सचिव, संस्कृति मंत्रालय और जिल पेकू, अध्यक्ष, फ्रांस का राष्ट्रीय पुस्तकालय
भारतीय संस्थानभारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली और राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता
सहयोग के क्षेत्रडिजिटलीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल भंडार पर साझेदारी, तकनीक का आदान-प्रदान, संरक्षण, शोध और विकास
केंद्र मेंफ्रांसीसी पुस्तकालय में मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियां और संग्रह

परीक्षा की दृष्टि से

दोनों हस्ताक्षरकर्ता (विवेक अग्रवाल और जिल पेकू), फ्रांसीसी संस्था (बिब्लियोथेक नास्योनाल द फ्रांस यानी फ्रांस का राष्ट्रीय पुस्तकालय), मिशन का नाम (ज्ञान भारतम), शहर और तिथि (पेरिस, 26 अक्टूबर 2026), सहयोग के पांच क्षेत्र तथा दोनों भारतीय संस्थान याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय के साथ पांडुलिपि विरासत समझौता संस्कृति मंत्रालय के किस मिशन के तहत हुआ?

  1. A.ज्ञान भारतम मिशन
  2. B.राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन
  3. C.अडॉप्ट ए हेरिटेज मिशन
  4. D.भारत साझा भंडार मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ज्ञान भारतम मिशन

संस्कृति मंत्रालय और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय के बीच यह समझौता 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में इसी मिशन के अंतर्गत हुआ, जो भारत की पांडुलिपि विरासत के लिए मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

पांडुलिपि विरासत समझौते पर भारत सरकार की ओर से किसने दस्तख़त किए?

  1. A.जिल पेकू, अध्यक्ष, फ्रांस का राष्ट्रीय पुस्तकालय
  2. B.विवेक अग्रवाल, सचिव, संस्कृति मंत्रालय
  3. C.राष्ट्रीय अभिलेखागार के महानिदेशक
  4. D.राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता के पुस्तकालयाध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विवेक अग्रवाल, सचिव, संस्कृति मंत्रालय

उन्होंने 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय के अध्यक्ष जिल पेकू के साथ सहमति पत्र पर दस्तख़त किए और उसका आदान-प्रदान किया।

Q3.अंतरराष्ट्रीयकठिन

भारत-फ्रांस पांडुलिपि सहयोग समझौते में निम्नलिखित में से कौन सा विषय शामिल है?

  1. A.फ़िल्मों का संयुक्त निर्माण
  2. B.स्थायी प्रदर्शन के लिए संग्रहालय की पुरावस्तुओं का आदान-प्रदान
  3. C.भारतीय लिपियों के लिए ओसीआर और एचटीआर उपकरण
  4. D.पेरिस में नए पुस्तकालय भवन का निर्माण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय लिपियों के लिए ओसीआर और एचटीआर उपकरण

समझौते में डिजिटलीकरण तथा परिरक्षण की तकनीक, सूचीकरण के मानक, भारतीय लिपियों के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन और हस्तलिखित पाठ पहचान के उपकरण, डिजिटल मानविकी तथा पांडुलिपि संरक्षण में विशेषज्ञता के आदान-प्रदान की बात कही गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पांडुलिपि विरासत समझौते पर भारत के साथ किस फ्रांसीसी संस्था ने दस्तख़त किए?

फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय बिब्लियोथेक नास्योनाल द फ्रांस ने। इसके अध्यक्ष जिल पेकू ने 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल के साथ समझौते पर दस्तख़त किए।

यह समझौता किस मिशन के तहत हुआ?

ज्ञान भारतम मिशन के तहत, जो भारत की पांडुलिपि विरासत की पहचान, प्रलेखन, संरक्षण, डिजिटलीकरण, अनुवाद, शोध और प्रसार के लिए संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम है।

राष्ट्रीय डिजिटल भंडार क्या है?

यह भारतीय मूल की पांडुलिपियों और भारतीय ज्ञान परंपरा की सामग्री के लिए सुरक्षित डिजिटल भंडार है, जिसमें देश और विदेश की सामग्री रखी जाएगी और शोध के लिए अनुमति आधारित पहुंच दी जाएगी।

स्रोत

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