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भारत-फ्रांस अंतरिक्ष वार्ता, पेरिस समिट से पहले हुई बैठक

डॉ. जितेंद्र सिंह और फ्रांस के मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट ने 4 सितंबर 2026 को वर्चुअल बैठक कर पेरिस इंटरनेशनल स्पेस समिट की तैयारियों पर चर्चा की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारत-फ्रांस अंतरिक्ष वार्ता, पेरिस समिट से पहले हुई बैठक

चर्चा में क्यों

4 सितंबर 2026 को डॉ. जितेंद्र सिंह ने फ्रांस के मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट के साथ वर्चुअल द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक पेरिस इंटरनेशनल स्पेस समिट और बेंगलुरु स्पेस एक्सपो से पहले हुई।

भारत और फ्रांस के बीच 4 सितंबर 2026 को अंतरिक्ष सहयोग पर द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक वर्चुअल माध्यम से हुई। भारत की ओर से डॉ. जितेंद्र सिंह ने भाग लिया। वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभाग में भी राज्य मंत्री हैं। फ्रांस की ओर से उसके उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट शामिल हुए।

दो आयोजनों से जुड़ा समय

यह बैठक दो आयोजनों से ठीक पहले हुई। इंटरनेशनल स्पेस समिट का आयोजन पेरिस में 9 और 10 सितंबर 2026 को होना है। बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 7 से 9 सितंबर 2026 तक होना है। बैठक में पेरिस समिट में भारत की भागीदारी और बेंगलुरु एक्सपो में फ्रांस की भागीदारी, दोनों पर चर्चा हुई।

मुख्य भाषण का निमंत्रण

परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यही है। इसरो के अध्यक्ष, जो अंतरिक्ष विभाग के सचिव भी हैं, को पेरिस समिट में उद्घाटन भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस भाषण का विषय लो अर्थ ऑर्बिट में भारत की भावी मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय प्रतिनिधि अंतरिक्ष में डिजाइन और विनिर्माण प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष से कनेक्टिविटी तथा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से आगे के अन्वेषण पर भी प्रस्तुति दे सकते हैं।

भारत ने किन बातों का स्वागत किया

  • बाह्य अंतरिक्ष के संधारणीय उपयोग पर समिट के प्रस्तावित परिणाम।
  • अंतरिक्ष आधारित वैज्ञानिक डेटा की पहुंच, खुलापन और अखंडता।
  • आवृत्ति प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के विनियामक ढांचे का समर्थन।

प्रो. बैप्टिस्ट ने समिट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित वीडियो संदेश पर भारत का आभार जताया।

याद रखने लायक तिथियां और नाम

इंटरनेशनल स्पेस समिट, पेरिस9 से 10 सितंबर 2026
बेंगलुरु स्पेस एक्सपो7 से 9 सितंबर 2026
प्रो. बैप्टिस्ट की भारत यात्रा28 से 30 सितंबर 2026
फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसीसीएनईएस
संयुक्त उपग्रह मिशनमेघा-ट्रॉपिक्स और सरल

पुरानी साझेदारी

विज्ञप्ति के अनुसार दोनों देशों की अंतरिक्ष साझेदारी लगभग छह दशक पुरानी है। इसरो और फ्रांस की एजेंसी सीएनईएस के सहयोग से मेघा-ट्रॉपिक्स तथा सरल जैसे संयुक्त उपग्रह मिशन पूरे हुए हैं। दोनों पक्ष पृथ्वी अवलोकन और जलवायु से जुड़े अनुप्रयोगों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। प्रो. बैप्टिस्ट 28 से 30 सितंबर 2026 तक भारत आएंगे और उन्होंने बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र देखने की इच्छा जताई है।

महत्वपूर्ण तथ्य

भारतीय मंत्रीडॉ. जितेंद्र सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
फ्रांसीसी मंत्रीप्रो. फिलिप बैप्टिस्ट, उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री
इंटरनेशनल स्पेस समिटपेरिस, 9 से 10 सितंबर 2026
बेंगलुरु स्पेस एक्सपो7 से 9 सितंबर 2026
मुख्य भाषणइसरो अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग सचिव, विषय लो अर्थ ऑर्बिट में भारत की भावी मानव युक्त उड़ान
फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसीसीएनईएस
संयुक्त मिशनमेघा-ट्रॉपिक्स और सरल
प्रो. बैप्टिस्ट की यात्रा28 से 30 सितंबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

दोनों आयोजनों की तिथियां, पेरिस का स्थल, इसरो अध्यक्ष को मिला उद्घाटन भाषण का निमंत्रण, फ्रांसीसी मंत्री का नाम, फ्रांस की एजेंसी सीएनईएस तथा मेघा-ट्रॉपिक्स और सरल मिशन याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत और फ्रांस की बैठक में जिस इंटरनेशनल स्पेस समिट की चर्चा हुई, वह किस शहर में हो रहा है?

  1. A.वियना
  2. B.पेरिस
  3. C.तुलूज़
  4. D.जिनेवा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पेरिस

व्याख्या

सही उत्तर पेरिस है। विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. जितेंद्र सिंह और प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट की वर्चुअल द्विपक्षीय बैठक इंटरनेशनल स्पेस समिट से पहले हुई, जो पेरिस में 9 और 10 सितंबर 2026 को होना है। इसी बैठक में बेंगलुरु स्पेस एक्सपो की भी चर्चा हुई, जो 7 से 9 सितंबर 2026 तक चलेगा। दोनों आयोजन कुछ ही दिनों के अंतर पर हैं, इसलिए छात्र इन्हें आपस में मिला देते हैं। विकल्प क में दिए वियना में संयुक्त राष्ट्र का बाह्य अंतरिक्ष मामलों का कार्यालय है, इसलिए यह स्वाभाविक पर गलत अनुमान बनता है। विकल्प ग में दिया तुलूज़ फ्रांस के अंतरिक्ष उद्योग का बड़ा केंद्र है और यही इसे सबसे आकर्षक भ्रामक विकल्प बनाता है, पर यह समिट वहां नहीं हो रहा। विकल्प घ में दिया जिनेवा अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ का मुख्यालय है, जिसके ढांचे का भारत ने समर्थन किया, पर वह आयोजन स्थल नहीं है। जोड़ी याद रखें: समिट पेरिस में, एक्सपो बेंगलुरु में।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

पेरिस समिट में भारत की भावी मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान पर उद्घाटन भाषण देने के लिए किसे आमंत्रित किया गया है?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.डॉ. जितेंद्र सिंह
  3. C.इसरो अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग सचिव
  4. D.प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इसरो अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग सचिव

व्याख्या

सही उत्तर इसरो के अध्यक्ष, जो अंतरिक्ष विभाग के सचिव भी हैं है। विज्ञप्ति में स्पष्ट लिखा है कि इसी पद पर आसीन व्यक्ति को पेरिस समिट में उद्घाटन भाषण देने का निमंत्रण मिला है और उस भाषण का विषय लो अर्थ ऑर्बिट में भारत की भावी मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान है। विकल्प क में दिया प्रधानमंत्री का उत्तर गलत होते हुए भी एक सच्चे तथ्य के बहुत करीब है, और यही इसे खतरनाक बनाता है। प्रो. बैप्टिस्ट ने समिट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित वीडियो संदेश पर आभार जताया था, पर वीडियो संदेश और उद्घाटन भाषण अलग-अलग बातें हैं। विकल्प ख में दिए डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बैठक में भारत का नेतृत्व किया और समिट में भागीदारी की इच्छा जताई, पर निमंत्रण उन्हें नहीं मिला। विकल्प घ में दिए प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का इस विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

मेघा-ट्रॉपिक्स और सरल, इसरो के किस विदेशी एजेंसी के साथ संयुक्त उपग्रह मिशन हैं?

  1. A.नासा
  2. B.जाक्सा
  3. C.सीएनईएस
  4. D.रोस्कोस्मोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सीएनईएस

व्याख्या

सही उत्तर सीएनईएस है, जो फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि भारत और फ्रांस की अंतरिक्ष साझेदारी लगभग छह दशक पुरानी है तथा इसरो और सीएनईएस के सहयोग में मेघा-ट्रॉपिक्स और सरल जैसे संयुक्त उपग्रह मिशन शामिल रहे हैं। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि दोनों पक्ष पृथ्वी अवलोकन और जलवायु से जुड़े अनुप्रयोगों में सहयोग आगे बढ़ा रहे हैं, जो इन्हीं दोनों मिशनों का स्वाभाविक क्षेत्र है। विकल्प क में दी नासा अमेरिका की एजेंसी है और वह अन्य परियोजनाओं में इसरो की साझेदार है, पर यहां उसका नाम नहीं है। विकल्प ख में दी जाक्सा जापान की एजेंसी है और इस विज्ञप्ति में उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प घ में दी रोस्कोस्मोस रूस की एजेंसी है और इन दोनों मिशनों से उसका कोई संबंध नहीं है। देश, एजेंसी और मिशन को एक साथ जोड़कर याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंटरनेशनल स्पेस समिट कहां और कब हो रहा है?

यह समिट पेरिस में 9 और 10 सितंबर 2026 को हो रहा है। इसमें इसरो के अध्यक्ष को लो अर्थ ऑर्बिट में भारत की भावी मानव युक्त उड़ान पर उद्घाटन भाषण देने का निमंत्रण मिला है।

इसरो और सीएनईएस के संयुक्त उपग्रह मिशन कौन से हैं?

मेघा-ट्रॉपिक्स और सरल। विज्ञप्ति के अनुसार भारत-फ्रांस अंतरिक्ष साझेदारी लगभग छह दशक पुरानी है और दोनों पृथ्वी अवलोकन तथा जलवायु अनुप्रयोगों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट कौन हैं?

वे फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री हैं। उन्होंने डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ वर्चुअल बैठक की और वे 28 से 30 सितंबर 2026 तक भारत आने वाले हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS