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भूतापीय ऊर्जा: लद्दाख की पूगा घाटी में भारत के पहले दो कुएं

पीआईबी की पृष्ठभूमि रिपोर्ट में भारत की भूतापीय ऊर्जा यात्रा का ब्योरा है, जिसमें लद्दाख की पूगा घाटी के पहले दो कुएं और 381 गर्म झरने शामिल हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भूतापीय ऊर्जा: लद्दाख की पूगा घाटी में भारत के पहले दो कुएं

चर्चा में क्यों

4 सितंबर 2026 को पत्र सूचना कार्यालय ने भूतापीय ऊर्जा पर पृष्ठभूमि रिपोर्ट जारी की, जिसमें राष्ट्रीय नीति और लद्दाख की पूगा घाटी में भारत के पहले दो भूतापीय कुओं का ब्योरा है।

पत्र सूचना कार्यालय ने 4 सितंबर 2026 को भूतापीय ऊर्जा पर एक पृष्ठभूमि रिपोर्ट जारी की। भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के भीतर मौजूद ताप से मिलती है। सौर और पवन ऊर्जा के विपरीत यह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है। यही एक गुण इसे बिजली ग्रिड के लिए बहुत उपयोगी बनाता है।

नीति और नोडल मंत्रालय

सरकार ने सितंबर 2025 में भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति अधिसूचित की। इसके कार्यान्वयन के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नोडल मंत्रालय है। यह नीति अन्वेषण, ड्रिलिंग, जलाशय प्रबंधन, प्रत्यक्ष ताप अनुप्रयोगों, ग्राउंड सोर्स हीट पंप, राष्ट्रीय भूतापीय डेटा भंडार, पायलट परियोजनाओं और उत्कृष्टता केंद्रों का समर्थन करती है। यह परित्यक्त तेल और गैस कुओं के पुन: उपयोग की सुविधा भी देती है।

लद्दाख की उपलब्धि

जुलाई 2026 में ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने देश के पहले दो भूतापीय कुएं चालू किए। ये कुएं लद्दाख की पूगा घाटी में हैं, जो समुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर है और अपने गर्म जलस्रोतों के लिए जानी जाती है। प्रत्येक कुआं लगभग 1,000 मीटर गहरा है। ये कुएं जलाशय के आकलन में मदद करेंगे और भारत की पहली 1 मेगावाट की प्रदर्शन आधारित भूतापीय परियोजना की नींव रखेंगे।

भारत का संसाधन आधार

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा मैप किए गर्म झरने381
चिन्हित भूतापीय प्रांत10
सैद्धांतिक भूतापीय क्षमतालगभग 10.6 गीगावॉट, यानी करीब 10,600 मेगावाट
संभावनाशील स्थल42
2025 के अंत तक वैश्विक स्थापित क्षमता15.67 गीगावॉट

दस प्रांतों में हिमालयी भूतापीय प्रांत, नागा-लुसाई, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, सोन नर्मदा तापी (सोनाटा), पश्चिमी तट, कैम्बे ग्रैबेन, अरावली, महानदी, गोदावरी तथा दक्षिण भारतीय क्रेटनिक क्षेत्र शामिल हैं।

दुनिया की तस्वीर

भूतापीय बिजली दुनिया भर में परखी जा चुकी है। 2025 के अंत तक वैश्विक स्थापित क्षमता 15.67 गीगावॉट तक पहुंची। इंडोनेशिया, अमेरिका, फिलीपींस, तुर्किए और न्यूजीलैंड इस क्षेत्र में अग्रणी हैं और इन पांच देशों के पास कुल क्षमता का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया और आइसलैंड के साथ तथा सऊदी अरब के साथ हुए समझौता ज्ञापन में भूतापीय ऊर्जा को सहयोग का क्षेत्र बनाया है।

इसके पीछे का विज्ञान

पृथ्वी की चार परतें हैं। आंतरिक कोर लोहे और निकल की ठोस गेंद है, जो लगभग 2,400 किमी चौड़ी है। तरल बाहरी कोर करीब 2,400 किमी मोटा है। मैंटल लगभग 2,900 किमी तक फैला है और सबसे बड़ी परत है। भूपर्पटी महासागरों के नीचे 5 से 8 किमी और महाद्वीपों के नीचे 24 से 56 किमी मोटी होती है। गहराई के साथ तापमान बढ़ता है: मैंटल और कोर की सीमा पर यह लगभग 3,700 डिग्री सेल्सियस और कोर में 5,000 से 6,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है। यह ताप यूरेनियम, थोरियम और पोटेशियम के रेडियोधर्मी क्षय तथा पृथ्वी के निर्माण से बची ऊष्मा से आता है। भारत 2070 तक नेट जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

पहले दो भूतापीय कुएंपूगा घाटी, लद्दाख, जुलाई 2026 में चालू
किसने चालू किएओएनजीसी ऊर्जा केंद्र
प्रत्येक कुएं की गहराईलगभग 1,000 मीटर
पूगा घाटी की ऊंचाईसमुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक
नीतिभूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति, सितंबर 2025 में अधिसूचित
नोडल मंत्रालयनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
मैप किए गर्म झरने381, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा
भूतापीय प्रांत10, जिनमें 42 स्थल संभावनाशील
भारत की सैद्धांतिक क्षमतालगभग 10.6 गीगावॉट, करीब 10,600 मेगावाट
वैश्विक स्थापित क्षमता2025 के अंत तक 15.67 गीगावॉट
नेट जीरो लक्ष्य2070

परीक्षा की दृष्टि से

पूगा घाटी को भारत के पहले दो भूतापीय कुओं का स्थल, ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र को चालू करने वाली संस्था, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को नोडल मंत्रालय, सितंबर 2025 को नीति की तिथि तथा 381 गर्म झरने और 10.6 गीगावॉट क्षमता याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

भारत के पहले दो भूतापीय कुएं कहां चालू किए गए?

  1. A.तातापानी, छत्तीसगढ़
  2. B.पूगा घाटी, लद्दाख
  3. C.मणिकरण, हिमाचल प्रदेश
  4. D.अंकलेश्वर, गुजरात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पूगा घाटी, लद्दाख

व्याख्या

सही उत्तर लद्दाख की पूगा घाटी है। पृष्ठभूमि रिपोर्ट के अनुसार ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने जुलाई 2026 में वहां देश के पहले दो भूतापीय कुएं चालू किए। यह घाटी समुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर है, अपने गर्म जलस्रोतों और भूमिगत ताप भंडार के लिए जानी जाती है तथा भारत के सबसे संभावनाशील भूतापीय स्थलों में गिनी जाती है। प्रत्येक कुआं लगभग 1,000 मीटर गहरा है और ये दोनों मिलकर भारत की पहली 1 मेगावाट प्रदर्शन आधारित भूतापीय परियोजना की नींव रखेंगे। विकल्प क में दिया तातापानी और विकल्प ग में दिया मणिकरण भारत के जाने-माने भूतापीय क्षेत्र हैं, इसलिए ऐसे प्रश्न में यही सबसे मजबूत भ्रामक विकल्प बनते हैं, पर पहले कुएं वहां नहीं हैं। विकल्प घ में दिया अंकलेश्वर इसी रिपोर्ट में आता है, पर अलग भूमिका में, जहां अनुत्पादक तेल और गैस कुओं की रेट्रोफिटिंग की पायलट परियोजना चल रही है।

Q2.पर्यावरणकठिन

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश में कितने गर्म झरनों की मैपिंग की है?

  1. A.183
  2. B.381
  3. C.420
  4. D.106
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 381

व्याख्या

सही उत्तर 381 है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश भर में 381 गर्म झरनों की मैपिंग की है और 10 भूतापीय प्रांतों की पहचान की है, जबकि भारत की सैद्धांतिक भूतापीय क्षमता लगभग 10.6 गीगावॉट है, जिसमें से 42 स्थल बिजली उत्पादन और प्रत्यक्ष ताप उपयोग के लिए संभावनाशील माने गए हैं। विकल्प क में सही आंकड़े के अंक उलट दिए गए हैं, जो संख्या वाले प्रश्नों की सबसे पुरानी चाल है और उन छात्रों को फंसाती है जिन्हें अंक याद हैं पर उनका क्रम नहीं। विकल्प ग संभावनाशील स्थलों की संख्या बयालीस से गढ़ा गया है और विकल्प घ सैद्धांतिक क्षमता 10.6 गीगावॉट से, यानी दोनों इसी अनुच्छेद की असली संख्याएं हैं पर गलत शीर्षक के नीचे रखी गई हैं। इस अनुच्छेद के चारों आंकड़े क्रम से याद रखें।

Q3.पर्यावरणमध्यम

भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?

  1. A.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  2. B.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
  3. C.नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  4. D.विद्युत मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने सितंबर 2025 में भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति अधिसूचित की और इसके कार्यान्वयन के लिए यही मंत्रालय नोडल है। यही मंत्रालय अक्षय ऊर्जा अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम भी चलाता है तथा इसने जुलाई और अगस्त 2025 के बीच पांच अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं मंजूर कीं, जिनमें संसाधन आकलन, स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास और क्षेत्रीय प्रदर्शन शामिल हैं। विकल्प क में दिया पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इसलिए लुभाता है क्योंकि पहले कुएं ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने चालू किए और नीति परित्यक्त तेल तथा गैस कुओं के पुन: उपयोग की बात करती है, पर नोडल भूमिका उसके पास नहीं है। विकल्प ख में दिया पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय स्वाभाविक पर गलत अनुमान है। विकल्प घ में दिया विद्युत मंत्रालय पारंपरिक बिजली देखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के पहले दो भूतापीय कुएं कहां हैं?

लद्दाख की पूगा घाटी में, जिन्हें ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने जुलाई 2026 में चालू किया। प्रत्येक कुआं लगभग 1,000 मीटर गहरा है और यह घाटी समुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर है।

भारत की सैद्धांतिक भूतापीय क्षमता कितनी है?

लगभग 10.6 गीगावॉट, यानी करीब 10,600 मेगावाट। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 381 गर्म झरने मैप किए हैं, 10 भूतापीय प्रांत चिन्हित किए हैं और 42 स्थल संभावनाशील माने गए हैं।

भूतापीय ऊर्जा का नोडल मंत्रालय कौन सा है?

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय। यही मंत्रालय भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति को लागू करता है, जो सितंबर 2025 में अधिसूचित की गई थी।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS