भारत-ब्रुनेई संयुक्त व्यापार समिति की तीसरी बैठक हुई
भारत और ब्रुनेई दारुस्सलाम ने संयुक्त व्यापार समिति की तीसरी बैठक में द्विपक्षीय व्यापार की समीक्षा की और औषधि, स्वास्थ्य तथा ऊर्जा को प्रमुख क्षेत्र चुना।

चर्चा में क्यों
भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति की तीसरी बैठक द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग की समीक्षा के लिए हुई, जिसमें औषधि, स्वास्थ्य सेवा तथा ऊर्जा को प्रमुख क्षेत्र चुना गया और तय हुआ कि अगला दौर ब्रुनेई दारुस्सलाम में होगा।
भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की तीसरी बैठक दोनों देशों के बीच व्यापार तथा आर्थिक सहयोग की समीक्षा करने और वाणिज्यिक रिश्तों को गहरा करने के रास्ते तलाशने के लिए बुलाई गई। यह समिति वह स्थायी द्विपक्षीय तंत्र है, जिसके जरिये दोनों सरकारें आपसी व्यापार की समीक्षा करती हैं, और इस दौर में आगे की अवधि के लिए स्पष्ट कार्यसूची तय हुई।
बैठक की अध्यक्षता
बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय पक्ष से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव अमित वर्मा तथा ब्रुनेई दारुस्सलाम के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय में स्थायी सचिव (अर्थव्यवस्था एवं व्यापार) डॉ. मे फाएजाह अहमद अरिफिन ने की। दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के प्रतिनिधि भी विचार-विमर्श में शामिल हुए।
किन विषयों पर बात हुई
- द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना तथा दोनों पक्षों की बाजार पहुंच से जुड़ी प्राथमिकताओं का समाधान।
- व्यवसाय-से-व्यवसाय आदान-प्रदान सुगम बनाने के लिए संस्थागत तंत्र।
- भारत से ब्रुनेई दारुस्सलाम को कृषि और पशु उत्पादों के निर्यात को आसान बनाना, जिससे खाद्य सुरक्षा को सहारा मिले और व्यापार का दायरा चौड़ा हो।
- पर्यटन में सहयोग, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी तथा परस्पर व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल।
चिह्नित क्षेत्र
औषधि, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा को आगे के काम के लिए प्रमुख क्षेत्र चुना गया। पहले दो पर दोनों पक्षों ने नियामकीय सहयोग, खरीद तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार किया और माना कि इनमें जुड़ाव बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। ऊर्जा पर पारंपरिक तथा उभरती, दोनों तरह की साझेदारियों पर बात हुई, जिनका उद्देश्य निरंतर औद्योगिक वृद्धि को सहारा देना है। दोनों प्रतिनिधिमंडलों का मत था कि लक्षित व्यापार प्रोत्साहन आयोजन और परस्पर व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल विनिर्माण, अधोसंरचना तथा सेवाओं में निवेश के अवसर सामने ला सकते हैं, और जन-से-जन संबंध तथा वाणिज्यिक पहुंच मजबूत करना भी सहायक होगा।
आगे क्या
दोनों पक्षों ने दोहराया कि संबंधित नोडल एजेंसियां और कार्य समूह नियमित संपर्क में रहकर अनुवर्ती कार्रवाई पर नजर रखेंगे और बैठक में तय व्यापार तथा निवेश लक्ष्यों को आगे बढ़ाएंगे। संयुक्त व्यापार समिति की अगली बैठक ब्रुनेई दारुस्सलाम में होगी, और परीक्षा में यही बिंदु बैठक के क्रमांक तथा सह-अध्यक्षों के साथ सबसे अधिक पूछा जा सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| तंत्र | भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) |
|---|---|
| बैठक | तीसरी बैठक |
| भारतीय सह-अध्यक्ष | अमित वर्मा, संयुक्त सचिव, वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय |
| ब्रुनेई सह-अध्यक्ष | डॉ. मे फाएजाह अहमद अरिफिन, स्थायी सचिव (अर्थव्यवस्था एवं व्यापार), अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय |
| चिह्नित प्रमुख क्षेत्र | औषधि, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा |
| निर्यात पर जोर | भारत से ब्रुनेई दारुस्सलाम को कृषि और पशु उत्पाद |
| अन्य क्षेत्र | पर्यटन, व्यापार मेले और प्रदर्शनियां, परस्पर व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल |
| निवेश के अवसर | विनिर्माण, अधोसंरचना और सेवाएं |
| अनुवर्ती कार्रवाई | नोडल एजेंसियां और कार्य समूह नियमित संपर्क में रहेंगे |
| अगली बैठक का स्थान | ब्रुनेई दारुस्सलाम |
परीक्षा की दृष्टि से
तंत्र (भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति), बैठक का क्रमांक (तीसरी), दोनों सह-अध्यक्ष (वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव अमित वर्मा तथा ब्रुनेई की स्थायी सचिव डॉ. मे फाएजाह अहमद अरिफिन), सहयोग के लिए चिह्नित तीन क्षेत्र (औषधि, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा), कृषि तथा पशु उत्पादों के निर्यात पर जोर, और अगली बैठक का स्थान — ब्रुनेई दारुस्सलाम — याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
द्विपक्षीय व्यापार की समीक्षा के लिए भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति की कौन-सी बैठक हुई?
- A.पहली
- B.दूसरी
- C.तीसरी
- D.पांचवीं
उत्तर देखें
संयुक्त व्यापार समिति वह स्थायी द्विपक्षीय तंत्र है, जिसके जरिये भारत और ब्रुनेई दारुस्सलाम व्यापार तथा आर्थिक सहयोग की समीक्षा करते हैं, और यह दौर वाणिज्यिक रिश्तों का जायजा लेने तथा उन्हें मजबूत करने के रास्ते तलाशने के लिए बुलाया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बैठक में भारत-ब्रुनेई सहयोग के लिए किन क्षेत्रों को प्रमुख बताया गया?
- A.वस्त्र, चमड़ा और रत्न
- B.औषधि, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा
- C.रक्षा, अंतरिक्ष और पोत परिवहन
- D.मत्स्य पालन, खनन और रेलवे
उत्तर देखें
पहले दो क्षेत्रों पर दोनों पक्षों ने नियामकीय सहयोग, खरीद तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार किया और माना कि इनमें आपसी जुड़ाव बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति की अगली बैठक कहां होगी?
- A.नई दिल्ली
- B.ब्रुनेई दारुस्सलाम
- C.सिंगापुर
- D.जकार्ता
उत्तर देखें
तीसरी बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने तय किया कि संयुक्त व्यापार समिति का अगला दौर वहीं होगा, और इस बीच संबंधित नोडल एजेंसियां तथा कार्य समूह नियमित संपर्क में रहकर अनुवर्ती कार्रवाई पर नजर रखेंगे और बैठक में तय व्यापार एवं निवेश लक्ष्यों को आगे बढ़ाएंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-ब्रुनेई संयुक्त व्यापार समिति की तीसरी बैठक में क्या तय हुआ?
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग की समीक्षा की, बाजार पहुंच की प्राथमिकताएं उठाईं, व्यवसाय-से-व्यवसाय आदान-प्रदान के लिए संस्थागत तंत्र पर चर्चा की और औषधि, स्वास्थ्य सेवा तथा ऊर्जा को आगे सहयोग के प्रमुख क्षेत्र चुना। यह भी तय हुआ कि नोडल एजेंसियां और कार्य समूह अनुवर्ती कार्रवाई पर नजर रखेंगे।
बैठक की सह-अध्यक्षता किसने की?
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव अमित वर्मा तथा ब्रुनेई दारुस्सलाम के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय में स्थायी सचिव (अर्थव्यवस्था एवं व्यापार) डॉ. मे फाएजाह अहमद अरिफिन ने बैठक की सह-अध्यक्षता की।
संयुक्त व्यापार समिति की अगली बैठक कहां होगी?
भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति की अगली बैठक ब्रुनेई दारुस्सलाम में होगी। यह समिति वह स्थायी तंत्र है, जिसके जरिये दोनों सरकारें व्यापार और आर्थिक सहयोग की समीक्षा करती हैं।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2323562 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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