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GK24

भुज में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी

भूपेंद्र यादव ने भुज में जीआईबी संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी किया और बताया कि चीता परियोजना में आबादी 29 संस्थापक चीतों से बढ़कर 52 हो गई है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भुज में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी

चर्चा में क्यों

13 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भुज में जीआईबी संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी किया तथा घासस्थल पुनर्स्थापना और चीता परियोजना की समीक्षा की।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 13 सितंबर 2026 को गुजरात के कच्छ स्थित भुज में प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में महान भारतीय बस्टर्ड, घासस्थल पुनर्स्थापना और चीता परियोजना पर चर्चा हुई। गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री अर्जुन मोढवाड़िया भी उपस्थित रहे। भारतीय वन्यजीव संस्थान तथा राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद थे।

जीआईबी के लिए गुजरात एक्शन प्लान

मंत्री ने जीआईबी संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी किया। इसे भारतीय वन्यजीव संस्थान ने गुजरात वन विभाग के सहयोग से तैयार किया है। महान भारतीय बस्टर्ड गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में है। योजना का लक्ष्य 30 से अधिक पक्षियों की न्यूनतम व्यवहार्य आबादी बनाना है। इसका उद्देश्य 200 से 500 वर्ग किमी सुरक्षित और सतत आवास सुनिश्चित करना भी है। तत्काल ध्यान लगभग 200 वर्ग किमी के लाला-रावा भू-दृश्य पर है।

नालिया में हुआ काम

नालिया में लगभग 11 वर्ग किमी घासस्थल को आक्रामक प्रोसोपिस जुलिफ्लोरा से मुक्त कर पुनर्स्थापित किया गया है। 15 वर्ग किमी के घेरे को 30 किमी लंबी शिकारी-रोधी बाड़ से सुरक्षित किया गया है। घोंसले के शिकारियों का प्रबंधन किया जा रहा है। एक जंप-स्टार्ट प्रयोग में जंगली मादाओं के बांझ अंडों की जगह संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के सजीव अंडे रखे गए। दूसरे ऐसे प्रयास से निकला चूजा जंगल में पहले तीन महीनों से अधिक जीवित रहा। नालिया के पास एक जीआईबी सॉफ्ट रिलीज सेंटर बनाया गया है, जहां राजस्थान से लाए गए कैद-प्रजनित पक्षी रखे जाएंगे।

चीता परियोजना के आंकड़े

संस्थापक चीते29
वर्तमान आबादी52
भारत में जन्मे शावक49
कुनो में शावक जीवित रहने की दरलगभग 68 प्रतिशत
संरक्षित आवास3,428 वर्ग किमी, कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर से
भावी रिलीज स्थलगुजरात का बन्नी घासस्थल, मध्य प्रदेश का नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य

घासस्थल

घासस्थल भारत के लगभग 24 प्रतिशत भू-भाग पर हैं। फिर भी ये देश के सबसे क्षतिग्रस्त और सबसे कम संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्रों में गिने जाते हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान, आईसीएफआरई और भारतीय वन सर्वेक्षण के साथ पांच वर्ष का राष्ट्रीय आकलन प्रस्तावित है, जिसे नेशनल कैम्पा का सहयोग मिलेगा। इसमें गुजरात के बन्नी घासस्थल सहित खुले प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों का मानचित्रण और आकलन होगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

बैठकप्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा, भुज, कच्छ, गुजरात
अध्यक्षताकेंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव
जारी दस्तावेजजीआईबी संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान
किसने तैयार कियाभारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ
आवास लक्ष्य200 से 500 वर्ग किमी, तत्काल ध्यान लाला-रावा पर
नालिया में काम11 वर्ग किमी घासस्थल पुनर्स्थापित, 15 वर्ग किमी घेरा, 30 किमी बाड़
चीता परियोजना29 संस्थापक से 52 की आबादी, 49 शावक भारत में जन्मे
चीता आवास3,428 वर्ग किमी, कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर
भारत में घासस्थललगभग 24 प्रतिशत भू-भाग

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि महान भारतीय बस्टर्ड गंभीर रूप से संकटग्रस्त है, गुजरात एक्शन प्लान भारतीय वन्यजीव संस्थान ने बनाया, लाला-रावा भू-दृश्य का क्षेत्रफल, तथा चीता परियोजना के 29 संस्थापक, 52 की आबादी और 3,428 वर्ग किमी आवास के आंकड़े।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

भुज की समीक्षा बैठक के अनुसार चीता परियोजना के तहत संरक्षित आवास कितना है?

  1. A.2,428 वर्ग किमी
  2. B.3,428 वर्ग किमी
  3. C.4,328 वर्ग किमी
  4. D.1,428 वर्ग किमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 3,428 वर्ग किमी

व्याख्या

सही उत्तर है 3,428 वर्ग किमी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर के एकीकृत प्रबंधन के जरिए चीतों के लिए संरक्षित आवास इस क्षेत्रफल तक बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने उनतीस संस्थापक चीतों से आबादी बढ़ाई है, यह आबादी अब बावन तक पहुंच गई है और उनचास शावक भारत में जन्मे हैं। कुनो में शावकों के जीवित रहने की दर लगभग अड़सठ प्रतिशत है, जो दिखाता है कि उपयुक्त पारिस्थितिक परिस्थितियों में आबादी स्थापित हो सकती है। गुजरात के बन्नी घासस्थल और मध्य प्रदेश के नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को भावी रिलीज स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। विकल्प A, C और D के आंकड़े विज्ञप्ति से मेल नहीं खाते और सही आंकड़े के इतने करीब हैं कि सरसरी तौर पर पढ़ने वाला उलझ सकता है।

Q2.पर्यावरणमध्यम

महान भारतीय बस्टर्ड संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान किस संस्थान ने तैयार किया?

  1. A.भारतीय प्राणी सर्वेक्षण
  2. B.राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण
  3. C.भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ
  4. D.भारतीय वन सर्वेक्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ

व्याख्या

सही उत्तर है भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ। केंद्रीय मंत्री ने यह योजना भुज में जारी की और इसे विज्ञान आधारित रोडमैप बताया। इसका लक्ष्य तीस से अधिक पक्षियों की न्यूनतम व्यवहार्य आबादी स्थापित करना और दो सौ से पांच सौ वर्ग किलोमीटर सुरक्षित तथा सतत आवास सुनिश्चित करना है। तत्काल ध्यान लगभग दो सौ वर्ग किलोमीटर के लाला-रावा भू-दृश्य पर है, जहां आवास पुनर्स्थापन, चराई प्रबंधन, आक्रामक प्रजातियों को हटाना, शिकारी प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े खतरों को कम करना शामिल है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उस प्राधिकरण के अधिकारी बैठक में मौजूद तो थे, पर योजना उन्होंने नहीं बनाई। विकल्प A और D में ऐसे निकाय हैं जिन्हें इस दस्तावेज का श्रेय नहीं दिया गया, हालांकि भारतीय वन सर्वेक्षण प्रस्तावित घासस्थल आकलन में साझेदार है।

Q3.पर्यावरणकठिन

समीक्षा बैठक के अनुसार भारत के लगभग कितने भू-भाग पर घासस्थल हैं?

  1. A.लगभग 14 प्रतिशत
  2. B.लगभग 18 प्रतिशत
  3. C.लगभग 24 प्रतिशत
  4. D.लगभग 32 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लगभग 24 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर है लगभग 24 प्रतिशत। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने घासस्थलों के पारिस्थितिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये देश के लगभग इतने भू-भाग को कवर करते हैं, फिर भी ये भारत के सबसे अधिक क्षतिग्रस्त और सबसे कम संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्रों में से हैं। उन्होंने बैठक को बताया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद तथा भारतीय वन सर्वेक्षण के सहयोग से पांच वर्ष का राष्ट्रीय आकलन प्रस्तावित है, जिसे नेशनल कैम्पा का सहयोग मिलेगा। यह आकलन घासस्थल प्रबंधन के राष्ट्रीय ढांचे के लिए वैज्ञानिक आधार देगा, जिसमें गुजरात के बन्नी घासस्थल सहित खुले प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों का मानचित्रण, पारिस्थितिक आकलन, पुनर्स्थापन और बेहतर प्रबंधन शामिल होगा। विकल्प A, B और D के आंकड़े विज्ञप्ति से मेल नहीं खाते।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीआईबी संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान किसने तैयार किया?

भारतीय वन्यजीव संस्थान ने गुजरात वन विभाग के सहयोग से। इसे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने 13 सितंबर 2026 को कच्छ के भुज में जारी किया।

चीता परियोजना के तहत अब कितने चीते हैं?

कुल 52, जो 29 संस्थापक चीतों से बढ़कर हुए हैं और इनमें 49 शावक भारत में जन्मे। कुनो में शावकों के जीवित रहने की दर लगभग 68 प्रतिशत है।

चीतों को भविष्य में कहां छोड़ा जाएगा?

गुजरात के बन्नी घासस्थल और मध्य प्रदेश के नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को भावी रिलीज स्थल चिन्हित किया गया है। संरक्षित आवास अब 3,428 वर्ग किमी है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC