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GK24
पर्यावरणमध्यम

भुज की समीक्षा बैठक के अनुसार चीता परियोजना के तहत संरक्षित आवास कितना है?

  1. A.2,428 वर्ग किमी
  2. B.3,428 वर्ग किमी
  3. C.4,328 वर्ग किमी
  4. D.1,428 वर्ग किमी

सही उत्तर

B. 3,428 वर्ग किमी

व्याख्या

सही उत्तर है 3,428 वर्ग किमी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर के एकीकृत प्रबंधन के जरिए चीतों के लिए संरक्षित आवास इस क्षेत्रफल तक बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने उनतीस संस्थापक चीतों से आबादी बढ़ाई है, यह आबादी अब बावन तक पहुंच गई है और उनचास शावक भारत में जन्मे हैं। कुनो में शावकों के जीवित रहने की दर लगभग अड़सठ प्रतिशत है, जो दिखाता है कि उपयुक्त पारिस्थितिक परिस्थितियों में आबादी स्थापित हो सकती है। गुजरात के बन्नी घासस्थल और मध्य प्रदेश के नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को भावी रिलीज स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। विकल्प A, C और D के आंकड़े विज्ञप्ति से मेल नहीं खाते और सही आंकड़े के इतने करीब हैं कि सरसरी तौर पर पढ़ने वाला उलझ सकता है।

पूरा लेख पढ़ें: भुज में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी

Q1.पर्यावरणमध्यम

महान भारतीय बस्टर्ड संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान किस संस्थान ने तैयार किया?

  1. A.भारतीय प्राणी सर्वेक्षण
  2. B.राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण
  3. C.भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ
  4. D.भारतीय वन सर्वेक्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ

केंद्रीय मंत्री ने यह योजना भुज में जारी की और इसे विज्ञान आधारित रोडमैप बताया। इसका लक्ष्य तीस से अधिक पक्षियों की न्यूनतम व्यवहार्य आबादी स्थापित करना और दो सौ से पांच सौ वर्ग किलोमीटर सुरक्षित तथा सतत आवास सुनिश्चित करना है।

Q2.पर्यावरणकठिन

समीक्षा बैठक के अनुसार भारत के लगभग कितने भू-भाग पर घासस्थल हैं?

  1. A.लगभग 14 प्रतिशत
  2. B.लगभग 18 प्रतिशत
  3. C.लगभग 24 प्रतिशत
  4. D.लगभग 32 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 24 प्रतिशत

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने घासस्थलों के पारिस्थितिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये देश के लगभग इतने भू-भाग को कवर करते हैं, फिर भी ये भारत के सबसे अधिक क्षतिग्रस्त और सबसे कम संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्रों में से हैं।

Q3.पर्यावरणकठिन

एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2014-15 से एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से कितनी विदेशी मुद्रा बची है?

  1. A.62,000 करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक

मंत्रालय ने ईएसवाई 2014-15 से कार्यक्रम की चार संचयी उपलब्धियां बताईं - इतनी विदेशी मुद्रा की बचत, लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन, लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड में कमी और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण।

Q4.पर्यावरणमध्यम

कर्नाटक में जांचे गए नमूनों में एथेनॉल की औसत मात्रा कितनी दर्ज हुई?

  1. A.19.30 प्रतिशत
  2. B.21.50 प्रतिशत
  3. C.26 प्रतिशत
  4. D.31 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 19.30 प्रतिशत

कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों और तीनों तेल विपणन कंपनियों से लिए गए सभी 56 नमूने निर्धारित विनिर्देश के अनुरूप पाए गए, जिनमें एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 प्रतिशत के बीच रही और औसत यही आंकड़ा निकला।

Q5.पर्यावरणमध्यम

एथेनॉल मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो का कौन-सा विनिर्देश लागू होता है?

  1. A.आईएस 1460
  2. B.आईएस 2796
  3. C.आईएस 17021
  4. D.आईएस 15607
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आईएस 17021

यह एथेनॉल मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो का विनिर्देश है और तीनों सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों द्वारा देश भर में आपूर्ति किए जाने वाले ई20 पेट्रोल को इसी के अनुरूप होना जरूरी है।