समीक्षा बैठक के अनुसार भारत के लगभग कितने भू-भाग पर घासस्थल हैं?
- A.लगभग 14 प्रतिशत
- B.लगभग 18 प्रतिशत
- C.लगभग 24 प्रतिशत
- D.लगभग 32 प्रतिशत
सही उत्तर
C. लगभग 24 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर है लगभग 24 प्रतिशत। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने घासस्थलों के पारिस्थितिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये देश के लगभग इतने भू-भाग को कवर करते हैं, फिर भी ये भारत के सबसे अधिक क्षतिग्रस्त और सबसे कम संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्रों में से हैं। उन्होंने बैठक को बताया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद तथा भारतीय वन सर्वेक्षण के सहयोग से पांच वर्ष का राष्ट्रीय आकलन प्रस्तावित है, जिसे नेशनल कैम्पा का सहयोग मिलेगा। यह आकलन घासस्थल प्रबंधन के राष्ट्रीय ढांचे के लिए वैज्ञानिक आधार देगा, जिसमें गुजरात के बन्नी घासस्थल सहित खुले प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों का मानचित्रण, पारिस्थितिक आकलन, पुनर्स्थापन और बेहतर प्रबंधन शामिल होगा। विकल्प A, B और D के आंकड़े विज्ञप्ति से मेल नहीं खाते।
पूरा लेख पढ़ें: भुज में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी
अभ्यास प्रश्न
भुज की समीक्षा बैठक के अनुसार चीता परियोजना के तहत संरक्षित आवास कितना है?
- A.2,428 वर्ग किमी
- B.3,428 वर्ग किमी
- C.4,328 वर्ग किमी
- D.1,428 वर्ग किमी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 3,428 वर्ग किमी
व्याख्या
सही उत्तर है 3,428 वर्ग किमी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर के एकीकृत प्रबंधन के जरिए चीतों के लिए संरक्षित आवास इस क्षेत्रफल तक बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने उनतीस संस्थापक चीतों से आबादी बढ़ाई है, यह आबादी अब बावन तक पहुंच गई है और उनचास शावक भारत में जन्मे हैं। कुनो में शावकों के जीवित रहने की दर लगभग अड़सठ प्रतिशत है, जो दिखाता है कि उपयुक्त पारिस्थितिक परिस्थितियों में आबादी स्थापित हो सकती है। गुजरात के बन्नी घासस्थल और मध्य प्रदेश के नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को भावी रिलीज स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। विकल्प A, C और D के आंकड़े विज्ञप्ति से मेल नहीं खाते और सही आंकड़े के इतने करीब हैं कि सरसरी तौर पर पढ़ने वाला उलझ सकता है।
महान भारतीय बस्टर्ड संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान किस संस्थान ने तैयार किया?
- A.भारतीय प्राणी सर्वेक्षण
- B.राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण
- C.भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ
- D.भारतीय वन सर्वेक्षण
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सही उत्तर: C. भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ
व्याख्या
सही उत्तर है भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ। केंद्रीय मंत्री ने यह योजना भुज में जारी की और इसे विज्ञान आधारित रोडमैप बताया। इसका लक्ष्य तीस से अधिक पक्षियों की न्यूनतम व्यवहार्य आबादी स्थापित करना और दो सौ से पांच सौ वर्ग किलोमीटर सुरक्षित तथा सतत आवास सुनिश्चित करना है। तत्काल ध्यान लगभग दो सौ वर्ग किलोमीटर के लाला-रावा भू-दृश्य पर है, जहां आवास पुनर्स्थापन, चराई प्रबंधन, आक्रामक प्रजातियों को हटाना, शिकारी प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े खतरों को कम करना शामिल है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उस प्राधिकरण के अधिकारी बैठक में मौजूद तो थे, पर योजना उन्होंने नहीं बनाई। विकल्प A और D में ऐसे निकाय हैं जिन्हें इस दस्तावेज का श्रेय नहीं दिया गया, हालांकि भारतीय वन सर्वेक्षण प्रस्तावित घासस्थल आकलन में साझेदार है।
भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- A.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- B.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- C.नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- D.विद्युत मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने सितंबर 2025 में भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति अधिसूचित की और इसके कार्यान्वयन के लिए यही मंत्रालय नोडल है। यही मंत्रालय अक्षय ऊर्जा अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम भी चलाता है तथा इसने जुलाई और अगस्त 2025 के बीच पांच अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं मंजूर कीं, जिनमें संसाधन आकलन, स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास और क्षेत्रीय प्रदर्शन शामिल हैं। विकल्प क में दिया पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इसलिए लुभाता है क्योंकि पहले कुएं ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने चालू किए और नीति परित्यक्त तेल तथा गैस कुओं के पुन: उपयोग की बात करती है, पर नोडल भूमिका उसके पास नहीं है। विकल्प ख में दिया पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय स्वाभाविक पर गलत अनुमान है। विकल्प घ में दिया विद्युत मंत्रालय पारंपरिक बिजली देखता है।
भारत के पहले दो भूतापीय कुएं कहां चालू किए गए?
- A.तातापानी, छत्तीसगढ़
- B.पूगा घाटी, लद्दाख
- C.मणिकरण, हिमाचल प्रदेश
- D.अंकलेश्वर, गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पूगा घाटी, लद्दाख
व्याख्या
सही उत्तर लद्दाख की पूगा घाटी है। पृष्ठभूमि रिपोर्ट के अनुसार ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने जुलाई 2026 में वहां देश के पहले दो भूतापीय कुएं चालू किए। यह घाटी समुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर है, अपने गर्म जलस्रोतों और भूमिगत ताप भंडार के लिए जानी जाती है तथा भारत के सबसे संभावनाशील भूतापीय स्थलों में गिनी जाती है। प्रत्येक कुआं लगभग 1,000 मीटर गहरा है और ये दोनों मिलकर भारत की पहली 1 मेगावाट प्रदर्शन आधारित भूतापीय परियोजना की नींव रखेंगे। विकल्प क में दिया तातापानी और विकल्प ग में दिया मणिकरण भारत के जाने-माने भूतापीय क्षेत्र हैं, इसलिए ऐसे प्रश्न में यही सबसे मजबूत भ्रामक विकल्प बनते हैं, पर पहले कुएं वहां नहीं हैं। विकल्प घ में दिया अंकलेश्वर इसी रिपोर्ट में आता है, पर अलग भूमिका में, जहां अनुत्पादक तेल और गैस कुओं की रेट्रोफिटिंग की पायलट परियोजना चल रही है।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश में कितने गर्म झरनों की मैपिंग की है?
- A.183
- B.381
- C.420
- D.106
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 381
व्याख्या
सही उत्तर 381 है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश भर में 381 गर्म झरनों की मैपिंग की है और 10 भूतापीय प्रांतों की पहचान की है, जबकि भारत की सैद्धांतिक भूतापीय क्षमता लगभग 10.6 गीगावॉट है, जिसमें से 42 स्थल बिजली उत्पादन और प्रत्यक्ष ताप उपयोग के लिए संभावनाशील माने गए हैं। विकल्प क में सही आंकड़े के अंक उलट दिए गए हैं, जो संख्या वाले प्रश्नों की सबसे पुरानी चाल है और उन छात्रों को फंसाती है जिन्हें अंक याद हैं पर उनका क्रम नहीं। विकल्प ग संभावनाशील स्थलों की संख्या बयालीस से गढ़ा गया है और विकल्प घ सैद्धांतिक क्षमता 10.6 गीगावॉट से, यानी दोनों इसी अनुच्छेद की असली संख्याएं हैं पर गलत शीर्षक के नीचे रखी गई हैं। इस अनुच्छेद के चारों आंकड़े क्रम से याद रखें।