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GK24

कच्छ में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन

पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने गुजरात के कच्छ स्थित नलिया में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया और 33 गश्ती वाहनों को हरी झंडी दिखाई।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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कच्छ में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन — GK24 title card

चर्चा में क्यों

14 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने गुजरात के कच्छ स्थित नलिया में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के प्राकृतिक वास का दौरा किया, इस प्रजाति के लिए सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया और मैंग्रोव वृक्षारोपण की समीक्षा की।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने नलिया में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के प्राकृतिक वास का दौरा किया। नलिया गुजरात के कच्छ जिले में है। उन्होंने वहां इस पक्षी के लिए सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया। यह केंद्र संरक्षण, निगरानी और पक्षियों को धीरे-धीरे जंगल में लौटाने के लिए बनाया गया है। उनके साथ गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोधवाडिया भी थे। भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

संरक्षण क्षेत्र में हुआ काम

मंत्री को जमीनी प्रगति की जानकारी दी गई। प्रोसोपिस जुलिफ्लोरा से भरे लगभग 11 वर्ग किलोमीटर घास के मैदान का पुनरुद्धार हुआ है। 30 किलोमीटर लंबा शिकारी-रोधी बाड़ बनाया गया है, जो 15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को घेरता है। जंप-स्टार्ट पद्धति भी आजमाई गई है। इसमें जंगली मादा बस्टर्ड के दिए बांझ अंडों की जगह संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के व्यवहार्य अंडे रख दिए जाते हैं। ऐसे दूसरे प्रयास से निकला चूजा जंगल में पहले तीन महीनों से अधिक जीवित रहा है। विज्ञप्ति इसे गुजरात में इस प्रजाति के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि बताती है। मंत्री ने कच्छ वन सर्कल के लिए 33 नए गश्ती और बचाव वाहनों को हरी झंडी भी दिखाई। उन्होंने जन प्रतिनिधियों के साथ खटाला सभा कर सहयोग मांगा।

सयारा वन कवच

मंत्री ने सयारा वन कवच का उद्घाटन किया। इसे 9 दशमलव 46 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है। इसमें सघन और बहुस्तरीय वनरोपण की मियावाकी पद्धति अपनाई गई है। यहां कच्छ की लवणीय और कम जल वाली परिस्थितियों के अनुकूल 47 स्थानीय प्रजातियों के दस हजार से अधिक पौधे लगे हैं। इस मॉडल से स्थानीय तापमान घटने, भूजल पुनर्भरण में मदद मिलने और मृदा क्षरण रुकने की उम्मीद है। वृक्षारोपण के लिए दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण के साथ समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने वन कवच फोटोबुक का विमोचन भी किया।

जखाऊ में मैंग्रोव

जखाऊ में मंत्री ने मैंग्रोव पौधशाला का दौरा किया और मैंग्रोव लगाए। उन्होंने कोरी क्रीक और सर क्रीक क्षेत्रों में वृक्षारोपण पर एक फोटो प्रदर्शनी देखी। उन्होंने समुद्री शैवाल उत्पादकों और मिष्टी योजना के लाभार्थियों से मुलाकात की।

कच्छ में मिष्टी के आंकड़े

वृक्षारोपण लक्ष्य2023-24 से 2026-27 के लिए 29,250 हेक्टेयर
पूरा हुआ27,652 हेक्टेयर
कोरी क्रीक क्षेत्र में12,450 हेक्टेयर
जखाऊ पौधशाला में पौधेलगभग 3.49 लाख

महत्वपूर्ण तथ्य

प्रजातिग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण)
स्थाननलिया, कच्छ जिला, गुजरात
उद्घाटनग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए सॉफ्ट रिलीज सेंटर
केंद्रीय मंत्रीभूपेन्द्र यादव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
गुजरात के मंत्रीअर्जुन मोधवाडिया
घास मैदान पुनरुद्धारप्रोसोपिस जुलिफ्लोरा से मुक्त लगभग 11 वर्ग किलोमीटर
बाड़15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 30 किलोमीटर शिकारी-रोधी बाड़
वाहनकच्छ वन सर्कल के लिए 33 गश्ती एवं बचाव वाहन
सयारा वन कवच9 दशमलव 46 वर्ग किलोमीटर, मियावाकी पद्धति, 47 स्थानीय प्रजातियों के दस हजार से अधिक पौधे
मिष्टीमैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटैट्स एंड टैंजिबल इनकम

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि प्रजाति ग्रेट इंडियन बस्टर्ड है, स्थान नलिया कच्छ गुजरात है, किसका उद्घाटन हुआ (सॉफ्ट रिलीज सेंटर और सयारा वन कवच), मियावाकी पद्धति क्या है, कितने वाहनों को हरी झंडी मिली, तथा मिष्टी का पूरा नाम और उसके आंकड़े क्या हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

सितंबर 2026 में कच्छ के नलिया में शुरू किया गया सॉफ्ट रिलीज सेंटर किस प्रजाति के लिए है?

  1. A.एशियाई शेर
  2. B.ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
  3. C.भारतीय जंगली गधा
  4. D.ऑलिव रिडले कछुआ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

व्याख्या

सही उत्तर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने गुजरात के कच्छ जिले के नलिया स्थित परिसर में इस पक्षी के लिए सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया, और इस केंद्र में ऐसी सुविधाएं हैं जो संरक्षण, निगरानी और पक्षियों को धीरे-धीरे प्राकृतिक वातावरण के अनुकूल बनाने में मदद करती हैं। बाकी तीनों विकल्प गुजरात से जुड़ी प्रजातियां हैं, इसीलिए वे विश्वसनीय लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एशियाई शेर गिर क्षेत्र से जुड़ा है, इस परिसर से नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारतीय जंगली गधा रण से जुड़ा है और उसके लिए ऐसे किसी केंद्र की घोषणा यहां नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस विज्ञप्ति में समुद्री कछुओं का उल्लेख ही नहीं है, हालांकि मंत्री ने उसी दिन जखाऊ में मैंग्रोव और समुद्री शैवाल से जुड़े स्थलों का दौरा किया। इस पक्षी को थार के साथ-साथ गुजरात के कच्छ से भी जोड़कर याद रखें।

Q2.पर्यावरणमध्यम

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कच्छ वन सर्कल के लिए कितने नए गश्ती एवं बचाव वाहनों को हरी झंडी दिखाई?

  1. A.15
  2. B.25
  3. C.33
  4. D.47
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 33

व्याख्या

सही उत्तर 33 है। मंत्री ने इतने ही नए गश्ती और बचाव वाहनों को हरी झंडी दिखाई, जिनका उपयोग कच्छ वन सर्कल के विभिन्न प्रभागों में वन संरक्षण, वन विकास, वन्यजीव संरक्षण, क्षेत्रीय गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए किया जाएगा। बाकी विकल्प इसी विज्ञप्ति में मौजूद दूसरे आंकड़ों से लिए गए हैं, इसीलिए वे भ्रमित करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 15 वर्ग किलोमीटर वह क्षेत्र है जिसे संरक्षण क्षेत्र में बने शिकारी-रोधी बाड़ ने घेरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 47 सयारा वन कवच में लगाई गई स्थानीय प्रजातियों की संख्या है, वाहनों की नहीं। विकल्प B विज्ञप्ति के किसी आंकड़े से मेल नहीं खाता। जब एक ही समाचार में कई संख्याएं हों, तो हर संख्या को उसकी वस्तु से जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित तरीका है: 11 वर्ग किलोमीटर घास का मैदान, 30 किलोमीटर बाड़, 15 वर्ग किलोमीटर घिरा क्षेत्र, 33 वाहन और 47 प्रजातियां।

Q3.पर्यावरणकठिन

कच्छ का सयारा वन कवच वनरोपण की किस पद्धति से विकसित किया गया है?

  1. A.मियावाकी पद्धति
  2. B.टौंग्या पद्धति
  3. C.कॉपिस पद्धति
  4. D.शेल्टरवुड पद्धति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मियावाकी पद्धति

व्याख्या

सही उत्तर मियावाकी पद्धति है, जिससे बहुत कम जगह में सघन और बहुस्तरीय जंगल तैयार किया जाता है। सयारा वन कवच को 9 दशमलव 46 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है और इसमें कच्छ की लवणीय तथा कम जल वाली परिस्थितियों के अनुकूल 47 स्थानीय प्रजातियों के दस हजार से अधिक पौधे हैं। इससे स्थानीय तापमान घटने, भूजल पुनर्भरण में मदद मिलने, मृदा क्षरण रुकने और पक्षियों, कीड़ों तथा छोटे वन्यजीवों को प्राकृतिक वास मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह पर्यावरण पर्यटन, पर्यावरण शिक्षा और स्थानीय रोजगार का स्थल भी बनेगा। विकल्प B गलत है, क्योंकि टौंग्या पद्धति में युवा पेड़ों के बीच फसल उगाई जाती है, जो अलग तरह की व्यवस्था है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कॉपिस में कटे ठूंठों से पेड़ दोबारा उगाए जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि शेल्टरवुड मौजूदा छत्र के नीचे पुनरुद्भवन की तकनीक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सॉफ्ट रिलीज सेंटर कहां शुरू हुआ?

गुजरात के कच्छ जिले के नलिया में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इसका उद्घाटन किया। यह केंद्र संरक्षण, निगरानी और पक्षियों को जंगल में लौटाने में मदद करता है।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए जंप-स्टार्ट पहल क्या है?

इसमें जंगली मादा बस्टर्ड के दिए बांझ अंडों की जगह संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के व्यवहार्य अंडे रखे जाते हैं। ऐसे दूसरे प्रयास से निकला चूजा जंगल में पहले तीन महीनों से अधिक जीवित रहा।

मिष्टी का पूरा नाम क्या है?

मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटैट्स एंड टैंजिबल इनकम। कच्छ में 2023-24 से 2026-27 के 29,250 हेक्टेयर लक्ष्य में से 27,652 हेक्टेयर पर वृक्षारोपण पूरा हो चुका है।

सयारा वन कवच क्या है?

यह 9 दशमलव 46 वर्ग किलोमीटर में मियावाकी पद्धति से विकसित सघन वन क्षेत्र है, जिसमें कच्छ की लवणीय और कम जल वाली परिस्थितियों के अनुकूल 47 स्थानीय प्रजातियों के दस हजार से अधिक पौधे लगे हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS