मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

वायु सेना ने पोखरण में पहला ड्रोनाथॉन-2026 शुरू किया

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में पहले भारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन-2026 का शुभारंभ किया और उद्योग के लिए वायु सेना का यूएएस रोडमैप जारी किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
वायु सेना ने पोखरण में पहला ड्रोनाथॉन-2026 शुरू किया

चर्चा में क्यों

14 सितंबर 2026 को वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में पहले भारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन-2026 का शुभारंभ किया और यूएएस रोडमैप जारी किया।

भारतीय वायु सेना ने ड्रोनाथॉन-2026 के पहले संस्करण की शुरुआत की। वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने इसका शुभारंभ किया। आयोजन स्थल राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज है। उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्रालय और एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

ड्रोनाथॉन क्या है

ड्रोनाथॉन वायु सेना की ऐसी पहल है जिसके जरिए वह देश के मानवरहित प्रणाली उद्योग से सीधे जुड़ती है। इसका उद्देश्य नई तकनीकों को कागज पर नहीं, बल्कि वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में परखना है। यह कार्यक्रम तीन दिन चलेगा, 14 से 16 सितंबर 2026 तक। इसमें 20 से अधिक प्रमुख रक्षा कंपनियां भाग ले रही हैं। स्टार्ट-अप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, रक्षा सार्वजनिक उपक्रम और नवोन्मेषक भी इसमें जुड़े हैं।

क्या-क्या दिखाया जा रहा है

प्रतिभागी रेंज में अपनी मानवरहित विमान प्रणालियां और उनसे जुड़ी तकनीक दिखा रहे हैं। प्रदर्शनों में निगरानी और टोह लेना शामिल है। स्वायत्त संचालन और स्वार्म तकनीक भी इसमें हैं। इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तथा मानवरहित विमान-रोधी प्रणालियां भी प्रदर्शन का हिस्सा हैं। घोषित लक्ष्य यह है कि तकनीक केवल दिखाई न जाए, बल्कि परिचालन में उसका असर सिद्ध हो। प्रणालियों को विश्वसनीयता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टिकने की क्षमता पर परखा जा रहा है।

वायु उत्तम और यूएएस रोडमैप

पहले ही दिन वायु सेना ने वायु उत्तम का प्रदर्शन किया। यह स्वदेशी रूप से विकसित बहु-आयामी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली है। पोखरण में हुए वास्तविक समय के प्रदर्शन में इसने सैन्य और असैन्य, दोनों मानवरहित विमानों का पता लगाया और उन पर नजर रखी। इसे भीड़भाड़ वाले हवाई क्षेत्र में ड्रोन यातायात संभालने और अनधिकृत या खतरनाक ड्रोन को समय रहते पहचानने के लिए बनाया गया है। इसका उपयोग सेना से आगे बढ़कर हवाई सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, नागर विमानन और जनसुरक्षा में भी हो सकता है। वायु सेना के उप प्रमुख ने वायु सेना का यूएएस रोडमैप भी जारी किया, जो भारतीय उद्योग को बताता है कि बल को आगे किन क्षमताओं की जरूरत होगी।

एक नजर में

कार्यक्रमभारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन-2026, पहला संस्करण
स्थानपोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर, राजस्थान
शुभारंभएयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, वायु सेना उप प्रमुख
अवधितीन दिन, 14 से 16 सितंबर 2026
प्रतिभागी20 से अधिक प्रमुख रक्षा कंपनियां, स्टार्ट-अप और एमएसएमई
जारी दस्तावेजवायु सेना का यूएएस रोडमैप
प्रदर्शित प्रणालीवायु उत्तम, ड्रोन यातायात प्रबंधन की स्वदेशी प्रणाली

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमभारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन-2026, पहला संस्करण
स्थानपोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर, राजस्थान
शुभारंभएयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, वायु सेना उप प्रमुख
तिथियां14 से 16 सितंबर 2026, तीन दिन
प्रतिभागी20 से अधिक प्रमुख रक्षा कंपनियां, स्टार्ट-अप, एमएसएमई और डीपीएसयू
जारी दस्तावेजवायु सेना का यूएएस रोडमैप
प्रदर्शित प्रणालीवायु उत्तम, स्वदेशी बहु-आयामी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली
उपस्थितरक्षा मंत्रालय, एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय, सेना और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि यह पहला ड्रोनाथॉन है, स्थान पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज जैसलमेर है, शुभारंभ वायु सेना उप प्रमुख आशुतोष दीक्षित ने किया, तिथियां क्या थीं, कौन सा दस्तावेज जारी हुआ और कौन सी प्रणाली प्रदर्शित की गई।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

पहले भारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन-2026 का शुभारंभ कहां हुआ?

  1. A.पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर
  2. B.वायु सेना स्टेशन हिंडन, गाजियाबाद
  3. C.चांदीपुर परीक्षण रेंज, ओडिशा
  4. D.सूर्यलंका फायरिंग रेंज, आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर

व्याख्या

सही उत्तर पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज, जैसलमेर है। वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने ड्रोनाथॉन के पहले संस्करण का शुभारंभ वहीं किया, और उसी रेंज में पहले दिन स्वदेशी यातायात प्रबंधन प्रणाली वायु उत्तम का सजीव प्रदर्शन भी हुआ। समारोह में रक्षा मंत्रालय तथा एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। विकल्प B गलत है, क्योंकि कार्यक्रम का कोई हिस्सा राजधानी के पास किसी वायु सेना स्टेशन पर नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि ओडिशा की चांदीपुर रेंज मिसाइल परीक्षणों से जुड़ी है, इस मानवरहित प्रणाली अभ्यास से नहीं। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, क्योंकि सूर्यलंका रेंज वायु रक्षा अभ्यास के लिए उपयोग होती है। ड्रोनाथॉन को राजस्थान के पोखरण से जोड़कर याद रखें, क्योंकि ऐसे प्रश्नों में स्थान ही सबसे अधिक पूछा जाता है।

Q2.रक्षामध्यम

ड्रोनाथॉन-2026 में भारतीय वायु सेना द्वारा प्रदर्शित 'वायु उत्तम' क्या है?

  1. A.एक लंबी दूरी का सशस्त्र ड्रोन
  2. B.स्वदेशी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली
  3. C.एक नई हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल
  4. D.मौसम पूर्वानुमान का उपग्रह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्वदेशी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली

व्याख्या

सही उत्तर स्वदेशी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली है। वायु उत्तम को स्वदेशी रूप से विकसित बहु-आयामी प्रणाली बताया गया है, और पोखरण रेंज में इसके वास्तविक समय के प्रदर्शन में इसने सैन्य तथा असैन्य, दोनों प्रकार के मानवरहित विमानों का पता लगाकर उन पर नजर रखी। इसका उद्देश्य बढ़ती भीड़भाड़ वाले हवाई क्षेत्र में ड्रोन उड़ानों का समन्वित प्रबंधन करना तथा अनधिकृत या खतरनाक ड्रोन को समय रहते पहचानकर उनसे निपटना है। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि इसका उपयोग सेना से आगे बढ़कर हवाई क्षेत्र की सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, नागर विमानन और जनसुरक्षा में हो सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वायु उत्तम स्वयं उड़ता नहीं और न ही हथियार ले जाता है; यह उड़ने वाली प्रणालियों का यातायात संभालता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस कार्यक्रम में कोई मिसाइल शामिल नहीं थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह उपग्रह नहीं है।

Q3.रक्षाकठिन

ड्रोनाथॉन-2026 का शुभारंभ किसने किया और इस अवसर पर कौन सा दस्तावेज जारी हुआ?

  1. A.प्रमुख रक्षा अध्यक्ष; ड्रोन पर संयुक्त सिद्धांत
  2. B.वायु सेना उप प्रमुख; वायु सेना का यूएएस रोडमैप
  3. C.रक्षा मंत्री; रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया
  4. D.वायु सेना प्रमुख; वायु शक्ति सिद्धांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वायु सेना उप प्रमुख; वायु सेना का यूएएस रोडमैप

व्याख्या

सही उत्तर वायु सेना उप प्रमुख, जिन्होंने यूएएस रोडमैप जारी किया है। इस पद पर एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित हैं, और उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया तथा रोडमैप भी जारी किया, जिसका उद्देश्य भारतीय उद्योग को वायु सेना की क्षमता प्राथमिकताओं की स्पष्ट दिशा देना है। यह रोडमैप उद्योग, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान संगठनों को अपने प्रयास बल की भावी आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने में मदद करने के लिए बनाया गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने इसका शुभारंभ नहीं किया, हालांकि एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि रक्षा मंत्री का नाम किसी दस्तावेज के विमोचन के साथ नहीं जुड़ा। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह वायु सेना प्रमुख नहीं बल्कि उप प्रमुख थे, और दस्तावेज समूची वायु शक्ति के बजाय मानवरहित प्रणालियों से जुड़ा था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहला भारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन कहां आयोजित हुआ?

राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में। ड्रोनाथॉन-2026 तीन दिन चला, 14 से 16 सितंबर 2026 तक।

वायु उत्तम क्या है?

यह भारतीय वायु सेना की स्वदेशी रूप से विकसित बहु-आयामी मानवरहित हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली है। पोखरण में इसके प्रदर्शन में इसने सैन्य और असैन्य, दोनों मानवरहित विमानों का पता लगाया।

ड्रोनाथॉन-2026 में वायु सेना उप प्रमुख ने कौन सा दस्तावेज जारी किया?

वायु सेना का यूएएस रोडमैप। यह भारतीय उद्योग, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान संगठनों को बताता है कि आगे बल को मानवरहित हवाई प्रणालियों से किन क्षमताओं की जरूरत होगी।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा