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GK24

मिलवाकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में गोयल

पीयूष गोयल अमेरिका के मिलवाकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस में शामिल हुए और व्यापार विकृतियों को डब्ल्यूटीओ के अनुरूप सुधारने की बात कही।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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मिलवाकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में गोयल

चर्चा में क्यों

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को बताया कि पीयूष गोयल ने मिलवाकी, विस्कॉन्सिन में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस पर वैश्विक व्यापार विकृतियों को डब्ल्यूटीओ के अनुरूप सुधारने और जबरन श्रम पर साक्ष्य आधारित व्यापार उपायों की वकालत की।

अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मिलवाकी में हुई जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के अंतिम दिन भारत ने अपनी बात रखी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ढांचागत अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन, सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र सिद्धांत को नया रूप देने, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम को समाप्त करने तथा समापन सत्र में विचार रखे।

अतिरिक्त क्षमता पर

गोयल ने भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया, जो अपनी ही मांग से चलती है और 1.4 अरब लोगों की सेवा करती है, तथा कहा कि देश डिजाइन से तैयार वस्तु तक चलने वाली निर्माण मूल्य श्रृंखलाएं खड़ी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जी20 अध्यक्षता ने जिन क्षेत्रों को चुना है, उनमें भारत के पास ढांचागत अतिरिक्त क्षमता नहीं है। उन्होंने कई सदस्यों की इस चिंता से सहमति जताई कि कुछ अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार विकृत करने वाली सहायता डंपिंग और लूटपाट वाली कीमतों तक पहुंच सकती है, पर कहा कि इलाज उन्हीं उपायों में है जिनकी विश्व व्यापार संगठन अनुमति देता है, जैसे साक्ष्य पर टिके और न्यायिक समीक्षा के लिए खुले एंटी-डंपिंग तथा प्रतिकारी शुल्क। उनका तर्क था कि औद्योगिक क्षमता स्वयं समस्या नहीं है, विकृति तब आती है जब छिपी सब्सिडी के कारण उत्पादन एक ही भूगोल में सिमट जाए।

एमएफएन सिद्धांत पर

उन्होंने सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र व्यवहार को नियम आधारित व्यवस्था की मूल गारंटी कहा, वह नियम जिसके कारण सबसे छोटे और सबसे बड़े कारोबारी पर एक जैसी शर्तें लागू होती हैं। उन्होंने कहा कि सर्वसम्मति डब्ल्यूटीओ का हृदय है, विशेष और विभेदकारी व्यवहार बना रहना चाहिए ताकि विकासशील देश अंतर घटा सकें, और दो स्तरीय विवाद निपटान व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।

जबरन श्रम पर

मंत्री ने कहा कि जबरन श्रम के विरुद्ध भारत की प्रतिबद्धता पूर्ण और बिना शर्त है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 23 का उल्लेख किया, जो जबरन श्रम को मूल अधिकार के रूप में वर्जित करता है और जिसे उच्चतम न्यायालय लागू करा सकता है, भारत द्वारा आईएलओ अभिसमय 29 और 105 के अनुमोदन का, तथा जुलाई 2026 में विदेश व्यापार नीति में हुए उस संशोधन का जो जबरन श्रम से बनी वस्तुओं के आयात पर रोक लगाता है। उन्होंने जोड़ा कि सीमा पर की जाने वाली कार्रवाई पूरे देशों या क्षेत्रों के बारे में अनुमान के बजाय विशिष्ट और सत्यापन योग्य साक्ष्य पर टिकी होनी चाहिए, और श्रम मानकों पर अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ही सक्षम, सार्वभौमिक तथा त्रिपक्षीय संस्था है।

समापन की बातें

गोयल ने व्यवस्थाओं के लिए अमेरिकी अध्यक्षता को धन्यवाद दिया और 2027 की जी20 अध्यक्षता के लिए ब्रिटेन को भारत का पूर्ण समर्थन दिया। बैठक के इतर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, फ्रांस, कोरिया गणराज्य और कनाडा के व्यापार मंत्रियों से मुलाकात की।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनजी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक, समापन दिवस
स्थानमिलवाकी, विस्कॉन्सिन, अमेरिका
भारत का प्रतिनिधित्वपीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री
वर्तमान जी20 अध्यक्षताअमेरिका
भारत द्वारा समर्थित अगली अध्यक्षताब्रिटेन, वर्ष 2027 में
उद्धृत संवैधानिक प्रावधानअनुच्छेद 23, जो जबरन श्रम को मूल अधिकार के रूप में वर्जित करता है
भारत द्वारा अनुमोदित आईएलओ अभिसमयजबरन श्रम पर अभिसमय 29 और 105
उद्धृत नीतिगत बदलावजुलाई 2026 में विदेश व्यापार नीति संशोधित, जबरन श्रम से बनी वस्तुओं के आयात पर रोक
विवाद निपटान पर मांगडब्ल्यूटीओ में दो स्तरीय विवाद निपटान व्यवस्था की बहाली
द्विपक्षीय बैठकेंऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, फ्रांस, कोरिया गणराज्य और कनाडा के व्यापार मंत्री

परीक्षा की दृष्टि से

स्थान और मेजबान याद रखें: अमेरिका की जी20 अध्यक्षता में विस्कॉन्सिन का मिलवाकी, और 2027 में अध्यक्षता संभालने वाला ब्रिटेन। गोयल ने जिन चार विषयों पर बात की, वह एक तैयार सूची है। जबरन श्रम पर तीन तथ्य याद रखने लायक हैं: संविधान का अनुच्छेद 23, भारत द्वारा अनुमोदित आईएलओ अभिसमय 29 तथा 105, और जुलाई 2026 का विदेश व्यापार नीति संशोधन जो जबरन श्रम से बनी वस्तुओं के आयात पर रोक लगाता है। दो स्तरीय विवाद निपटान व्यवस्था बहाल करने तथा विशेष एवं विभेदकारी व्यवहार बनाए रखने की मांग भी देखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

पीयूष गोयल जिस जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए, वह अमेरिका के किस शहर में हुई?

  1. A.शिकागो, इलिनॉय
  2. B.मिलवाकी, विस्कॉन्सिन
  3. C.डेट्रॉयट, मिशिगन
  4. D.मिनियापोलिस, मिनेसोटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिलवाकी, विस्कॉन्सिन

व्याख्या

सही उत्तर मिलवाकी, विस्कॉन्सिन है, जहां केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अमेरिकी अध्यक्षता में हुई जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस में शामिल हुए। विकल्प A, C और D अमेरिकी मध्य-पश्चिम के दूसरे बड़े शहर हैं, भूगोल में इतने पास कि लुभा लें, पर बैठक इनमें से किसी में नहीं हुई। परीक्षार्थी शहर के साथ दो और संकेत पक्के कर लें। पहला, वर्तमान जी20 अध्यक्षता अमेरिका के पास है और भारत ने इसके बाद 2027 की अध्यक्षता के लिए ब्रिटेन को पूर्ण समर्थन दिया। दूसरा, भारतीय मंत्री ने बैठक के चार सत्रों में बात की: ढांचागत अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन, सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र सिद्धांत को नया रूप देना, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम समाप्त करना, तथा समापन सत्र। स्थान को मेजबान देश और अगले मेजबान के साथ जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित तरीका है।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

जी20 बैठक में मंत्री द्वारा उद्धृत भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद जबरन श्रम को मूल अधिकार के रूप में वर्जित करता है?

  1. A.अनुच्छेद 19
  2. B.अनुच्छेद 21
  3. C.अनुच्छेद 23
  4. D.अनुच्छेद 32
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 23

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 23 है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम समाप्त करने पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि जबरन श्रम मिटाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पूर्ण और बिना शर्त है, और संविधान जबरन श्रम को मूल अधिकार के रूप में वर्जित करता है, जिसे उच्चतम न्यायालय लागू करा सकता है। विकल्प A यानी अनुच्छेद 19 में वाणी, सम्मेलन, संगम, आवागमन, निवास तथा व्यवसाय की स्वतंत्रताएं हैं, यह निषेध नहीं। विकल्प B यानी अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है। विकल्प D यानी अनुच्छेद 32 मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उच्चतम न्यायालय जाने का अधिकार है, यानी वह रास्ता जिससे निषेध लागू होता है, स्वयं निषेध नहीं, और यही निकटता इसे सबसे मजबूत भ्रमक बनाती है। अनुच्छेद के साथ मंत्री द्वारा नामित दोनों अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज भी याद रखें, आईएलओ के जबरन श्रम अभिसमय 29 तथा 105, जिन्हें भारत ने अनुमोदित किया है।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

मिलवाकी बैठक में भारत ने 2027 की जी20 अध्यक्षता के लिए किस देश का समर्थन किया?

  1. A.फ्रांस
  2. B.कनाडा
  3. C.कोरिया गणराज्य
  4. D.ब्रिटेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्रिटेन

व्याख्या

सही उत्तर ब्रिटेन है, जिसे भारत ने अमेरिकी अध्यक्षता के बाद आने वाली जी20 अध्यक्षता के लिए पूर्ण समर्थन दिया। तीनों गलत विकल्प अनायास नहीं हैं: भारतीय मंत्री ने मिलवाकी बैठक के इतर ऑस्ट्रेलिया के व्यापार एवं पर्यटन मंत्री, सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री, फ्रांस के विदेश व्यापार तथा आर्थिक आकर्षण मामलों के मंत्री, कोरिया गणराज्य के व्यापार मंत्री और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री से द्विपक्षीय बातचीत की। इसलिए फ्रांस, कनाडा और कोरिया इसी समाचार में आते हैं, और परीक्षक ठीक इसी कारण उन्हें सही उत्तर के बगल में रख देता है। स्मरण में दोनों सूचियां अलग रखें: अगली अध्यक्षता संभालने वाला देश, और वे पांच देश जिनके व्यापार मंत्रियों से भारत ने द्विपक्षीय मुलाकात की। जी20 की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है, इसलिए मेजबान देश और आगामी मेजबान दोनों परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।

Q4.शिखर सम्मेलनकठिन

जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भारतीय मंत्री ने निम्नलिखित में से किसकी मांग की?

  1. A.विकासशील देशों के लिए विशेष एवं विभेदकारी व्यवहार समाप्त करने की
  2. B.डब्ल्यूटीओ में दो स्तरीय विवाद निपटान व्यवस्था बहाल करने की
  3. C.सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र सिद्धांत के स्थान पर द्विपक्षीय वरीयता लाने की
  4. D.श्रम मानकों पर जी20 सदस्यों की नई निगरानी व्यवस्था बनाने की
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डब्ल्यूटीओ में दो स्तरीय विवाद निपटान व्यवस्था बहाल करने की

व्याख्या

सही उत्तर डब्ल्यूटीओ में दो स्तरीय विवाद निपटान व्यवस्था बहाल करने की है। सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र सिद्धांत पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि जी20 सदस्यों के साथ भारत का व्यापार पारदर्शी, भेदभाव रहित और नियम आधारित व्यवस्था पर टिका है, यह व्यवहार सबसे छोटे तथा सबसे बड़े कारोबारी को एक जैसी शर्तें देता है, और सर्वसम्मति इस संगठन के केंद्र में बनी हुई है। विकल्प A उनकी बात का उलटा है, क्योंकि उन्होंने विशेष एवं विभेदकारी व्यवहार बनाए रखने को कहा ताकि विकासशील देश विकसित अर्थव्यवस्थाओं से अंतर घटा सकें। विकल्प C भी उलटा है: उन्होंने एमएफएन नियम का बचाव किया, उसे हटाने की बात नहीं की। विकल्प D जबरन श्रम पर उनके रुख के विरुद्ध है, जिसमें सहयोग का समर्थन इस शर्त पर था कि वह सदस्यों की निगरानी न बने, नए दायित्व न गढ़े और सूचना एकपक्षीय व्यापारिक कार्रवाई का आधार न बने।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक कहां हुई?

अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मिलवाकी में, अमेरिकी जी20 अध्यक्षता के अंतर्गत। समापन दिवस पर भारत का प्रतिनिधित्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया।

भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद जबरन श्रम को वर्जित करता है?

अनुच्छेद 23। गोयल ने बैठक में इसका उल्लेख मूल अधिकार के रूप में किया, जिसे उच्चतम न्यायालय लागू करा सकता है, साथ ही आईएलओ अभिसमय 29 तथा 105 के भारतीय अनुमोदन का भी।

वर्ष 2027 में जी20 की अध्यक्षता कौन करेगा?

ब्रिटेन। भारत ने मिलवाकी बैठक में उस अध्यक्षता के लिए ब्रिटेन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

जबरन श्रम पर भारत की व्यापार नीति में क्या बदलाव बताया गया?

जुलाई 2026 में विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर जबरन श्रम से बनी वस्तुओं के आयात पर रोक लगाई गई।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS