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GK24

समुद्र लक्ष्मण अभ्यास: आईएनएस मैसूर मलेशिया के लुमुट पहुंचा

भारतीय नौसेना का आईएनएस मैसूर रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास समुद्र लक्ष्मण के चौथे संस्करण के लिए मलेशिया के लुमुट पहुंच गया है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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समुद्र लक्ष्मण अभ्यास: आईएनएस मैसूर मलेशिया के लुमुट पहुंचा

चर्चा में क्यों

आईएनएस मैसूर 9 सितंबर 2026 को मलेशिया के लुमुट पहुंचा, जहां वह रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास समुद्र लक्ष्मण के चौथे संस्करण में भाग लेगा।

आईएनएस मैसूर 9 सितंबर 2026 को मलेशिया के लुमुट पहुंचा। यह पोत भारतीय नौसेना की परिचालन तैनाती पर है। वह वहां भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच होने वाले द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास समुद्र लक्ष्मण के चौथे संस्करण में भाग लेने पहुंचा है। रॉयल मलेशियाई नौसेना के कर्मियों और मलेशिया स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने पोत तथा उसके चालक दल का स्वागत किया।

अभ्यास में क्या होगा

समुद्र लक्ष्मण दो हिस्सों में होता है। एक हिस्सा बंदरगाह पर होता है और दूसरा समुद्र में। इसमें क्रॉस-डेक दौरे शामिल हैं, जिनमें एक नौसेना के नाविक दूसरी नौसेना के पोत पर जाकर उसकी कार्यप्रणाली देखते हैं। इसके साथ परिचालन संबंधी बातचीत और खेल गतिविधियां भी होती हैं। ऐसी गतिविधियों से दोनों देशों के नाविक अपने पेशेवर अनुभव साझा करते हैं, अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाते हैं और एक-दूसरे को बेहतर समझते हैं। अंतर-संचालन क्षमता इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अलग-अलग पोत, अलग उपकरण और अलग कार्यप्रणाली रखने वाली दो नौसेनाओं को साथ चलते समय एक ही टुकड़ी की तरह काम करना पड़ता है।

संबंधों में इसका स्थान

अभ्याससमुद्र लक्ष्मण, चौथा संस्करण
नौसेनाएंभारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना
बंदरगाहलुमुट, मलेशिया
भारतीय पोतआईएनएस मैसूर

यह यात्रा दोनों देशों के बीच हाल की कई गतिविधियों के बाद हो रही है। इनमें 1 जुलाई 2026 को हुई बारहवीं भारत-मलेशिया उप-समिति बैठक भी शामिल है। ये सभी संपर्क मिलकर बताते हैं कि दोनों देशों की समुद्री साझेदारी वर्षों से मजबूत बनी हुई है और दोनों नौसेनाओं के सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

व्यापक ढांचा

यह साझेदारी दो बड़ी पहलों के अनुरूप है। पहली भारत सरकार की महासागर दृष्टि है। दूसरी आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026 है, जिसके तहत भारत पूरे वर्ष दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन के सदस्य देशों के साथ समुद्री संपर्क बढ़ा रहा है। परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी बात यह है कि एक ही बंदरगाह यात्रा दो पटरियों पर चलती है, एक द्विपक्षीय पटरी मलेशिया के साथ और दूसरी क्षेत्रीय पटरी आसियान के साथ। रक्षा मंत्रालय ने इस यात्रा को समुद्री सहयोग आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बताया।

महत्वपूर्ण तथ्य

अभ्याससमुद्र लक्ष्मण, चौथा संस्करण
प्रकारद्विपक्षीय समुद्री अभ्यास
भागीदारभारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना
भारतीय पोतआईएनएस मैसूर
बंदरगाहलुमुट, मलेशिया
पहुंचने की तिथि9 सितंबर 2026
संबंधित ढांचामहासागर दृष्टि तथा आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026
हालिया बैठकबारहवीं भारत-मलेशिया उप-समिति बैठक, 1 जुलाई 2026

परीक्षा की दृष्टि से

अभ्यास का नाम (समुद्र लक्ष्मण), संस्करण (चौथा), भाग लेने वाली दोनों नौसेनाएं, भारतीय पोत (आईएनएस मैसूर), मलेशियाई बंदरगाह (लुमुट), संबंधित दो ढांचे (महासागर दृष्टि तथा आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026) और 1 जुलाई 2026 की बारहवीं भारत-मलेशिया उप-समिति बैठक याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

समुद्र लक्ष्मण किस देश के साथ भारत का द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है?

  1. A.इंडोनेशिया
  2. B.मलेशिया
  3. C.सिंगापुर
  4. D.थाईलैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मलेशिया

व्याख्या

सही उत्तर मलेशिया है। विज्ञप्ति के अनुसार आईएनएस मैसूर भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच होने वाले द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास समुद्र लक्ष्मण के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए मलेशिया के लुमुट पहुंचा, और वहां रॉयल मलेशियाई नौसेना के कर्मियों तथा मलेशिया स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने पोत और चालक दल का स्वागत किया। विज्ञप्ति में दिया गया व्यापक संदर्भ भी इसी देश की ओर संकेत करता है, क्योंकि उसमें बारहवीं भारत-मलेशिया उप-समिति बैठक का उल्लेख है और भारत तथा मलेशिया की समुद्री साझेदारी की बात कही गई है। इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड इसी क्षेत्रीय संगठन के सदस्य हैं, इसलिए विकल्प के रूप में सही लगते हैं, लेकिन इनमें से किसी का नाम विज्ञप्ति में नहीं है। ध्यान रहे कि व्यापक ढांचे में आसियान का नाम आने से देश नहीं बदल जाता।

Q2.रक्षामध्यम

आईएनएस मैसूर समुद्र लक्ष्मण अभ्यास के किस संस्करण में भाग ले रहा है?

  1. A.दूसरे
  2. B.तीसरे
  3. C.चौथे
  4. D.पांचवें
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौथे

व्याख्या

सही उत्तर चौथे है। विज्ञप्ति में स्पष्ट लिखा है कि आईएनएस मैसूर भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास समुद्र लक्ष्मण के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए लुमुट पहुंचा। संस्करण की संख्या परीक्षा में बहुत पूछी जाती है और आसानी से गड्डमड्ड हो जाती है, इसलिए इस विज्ञप्ति की संख्याओं को अलग-अलग याद रखना उपयोगी है। अभ्यास अपने चौथे संस्करण में है। जिस भारत-मलेशिया उप-समिति बैठक का उल्लेख हाल की गतिविधि के रूप में है, वह बारहवीं थी और 1 जुलाई 2026 को हुई थी। पोत स्वयं 9 सितंबर 2026 को मलेशियाई बंदरगाह पहुंचा। विकल्प दूसरे, तीसरे और पांचवें सही उत्तर के आसपास की संख्याएं हैं और ऐसे अभ्यर्थी को फंसाती हैं, जिसे अभ्यास का नाम तो याद है पर संस्करण नहीं।

Q3.रक्षामध्यम

आईएनएस मैसूर मलेशिया के किस बंदरगाह पर पहुंचा?

  1. A.लुमुट
  2. B.पोर्ट क्लैंग
  3. C.कोटा किनाबालु
  4. D.पेनांग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लुमुट

व्याख्या

सही उत्तर लुमुट है। विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय नौसेना की परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में आईएनएस मैसूर मलेशिया के लुमुट पहुंचा और वहीं रॉयल मलेशियाई नौसेना के कर्मियों तथा भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने पोत एवं चालक दल की अगवानी की। विज्ञप्ति में मलेशिया के किसी अन्य बंदरगाह का नाम नहीं है, इसलिए पोर्ट क्लैंग, कोटा किनाबालु और पेनांग सभी इसके दायरे से बाहर हैं, भले ही ये नाम परिचित लगते हों। बंदरगाह के साथ इसी विज्ञप्ति के दो और तथ्य जोड़कर याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर इन्हें आपस में बदलकर बनाए जाते हैं: यह अभ्यास बंदरगाह और समुद्र दोनों में होता है तथा इसमें क्रॉस-डेक दौरे, परिचालन बातचीत और खेल गतिविधियां शामिल हैं, और यह साझेदारी भारत सरकार की महासागर दृष्टि तथा आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026 के अनुरूप है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समुद्र लक्ष्मण अभ्यास किन दो नौसेनाओं के बीच होता है?

भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच। इसके चौथे संस्करण के लिए आईएनएस मैसूर 9 सितंबर 2026 को मलेशिया के लुमुट पहुंचा।

इस अभ्यास में कौन सा भारतीय पोत भाग ले रहा है?

आईएनएस मैसूर, जो मलेशिया के लुमुट बंदरगाह पहुंचा। वहां रॉयल मलेशियाई नौसेना के कर्मियों और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने उसका स्वागत किया।

यह साझेदारी किन पहलों के अनुरूप है?

भारत सरकार की महासागर दृष्टि और आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026 के अनुरूप।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा