डिजीदुकान से 21,000 किराना दुकानें 450 ब्रांड से जुड़ीं
पीयूष गोयल ने वाणिज्य भवन में भारत कॉमर्स चिंतन शिविर की अध्यक्षता की, जहां बताया गया कि ओएनडीसी की डिजीदुकान पर 21,000 से अधिक दुकानें जुड़ चुकी हैं।

चर्चा में क्यों
30 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में भारत कॉमर्स चिंतन शिविर की अध्यक्षता की, जिसमें डीपीआईआईटी और ओएनडीसी ने डिजीदुकान के जरिये सामान्य व्यापार को डिजिटल बनाने की रूपरेखा रखी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत कॉमर्स चिंतन शिविर की अध्यक्षता की। यह सीईओ गोलमेज बैठक उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) तथा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) ने नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में बुलाई थी। रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों के 40 से अधिक प्रमुख इसमें शामिल हुए, ताकि देश के सामान्य व्यापार यानी मोहल्ले की दुकानों के उस तंत्र को डिजिटल बनाने की साझा रूपरेखा बने, जिससे आज भी ज्यादातर भारतीय घर सामान खरीदते हैं।
डिजीदुकान क्या करती है
ओएनडीसी की डिजीदुकान किराना दुकान को खरीदार मानकर उसकी खरीद को डिजिटल बनाती है। एक ही डिजिटल पर्दे पर दुकानदार कई ब्रांड, वितरकों और थोक विक्रेताओं से सामान खोज और मंगा सकता है, तथा कीमत, व्यापार योजनाएं और उपलब्ध स्टॉक देख सकता है। इसकी बनावट दुकान के पुराने वितरक संबंधों को हटाती नहीं, बल्कि मजबूत करती है और एक साझा आधार तैयार करती है, जिस पर आगे साझा लॉजिस्टिक्स, औपचारिक कर्ज तथा अन्य सेवाएं दी जा सकेंगी।
अब तक के आंकड़े
| जुड़े दुकानदार | 21,000 से अधिक, पिछली तिमाही में 12,000 से अधिक थे |
| नेटवर्क पर ब्रांड | 450 से अधिक |
| शहर | हैदराबाद, जयपुर और मुंबई |
| हैदराबाद में जुड़े | 16,000 से अधिक दुकानदार |
हैदराबाद में हर महीने दोबारा ऑर्डर देने की दर 73 से 78 प्रतिशत है। ओएनडीसी के एक शुरुआती अध्ययन में पाया गया कि सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत दुकानदारों ने डिजीदुकान से खरीदे सामान का स्टॉक कम रखा, जिससे कार्यशील पूंजी खाली होने का संकेत मिलता है। सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता वाला राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड इसे दुकानदारों तक पहुंचाने में ओएनडीसी के साथ काम कर रहा है।
बैठक के पांच विषय
- किराना दुकानदारों के लिए एक समान डिजिटल पहचान, जो कई ब्रांड और वितरकों के साथ चले
- साझा लॉजिस्टिक्स और सूक्ष्म भंडारण, ताकि अगले दिन भरोसेमंद आपूर्ति हो सके
- डिजिटल खरीद के रिकॉर्ड से जुड़ा औपचारिक कर्ज, जिससे वितरक के अनौपचारिक उधार पर निर्भरता घटे
- वितरक प्रबंधन प्रणाली से जुड़ने के लिए सीधे लगने वाले कनेक्टर और मानक सूची
- व्यापारिक प्रोत्साहनों में बदलाव, ताकि डिजिटल ऑर्डर ब्रांड, वितरक और बिक्री दल तीनों के लिए लाभकारी हो
कौन शामिल हुए
हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोका-कोला इंडिया, आईटीसी, पीएंडजी, मैरिको, कैविनकेयर, पिडिलाइट, ब्रिटानिया, अदाणी विल्मर, हल्दीराम और इमामी के वरिष्ठ प्रतिनिधि बैठक में थे, साथ ही लॉजिस्टिक्स तथा प्रौद्योगिकी भागीदार भी। डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि खुला और परस्पर जुड़ा नेटवर्क मोहल्ले की दुकानों को बड़े पैमाने पर डिजिटल खरीद तक पहुंचा सकता है, और ओएनडीसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विभोर जैन ने कहा कि ऐसी ज्यादातर दुकानें आज भी कागज, कलम और याद के सहारे चलती हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| आयोजन | भारत कॉमर्स चिंतन शिविर, सीईओ गोलमेज बैठक |
|---|---|
| अध्यक्षता | पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री |
| आयोजक | डीपीआईआईटी तथा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) |
| स्थान | वाणिज्य भवन, नई दिल्ली |
| मंच | ओएनडीसी डिजीदुकान, जो किराना दुकानों की खरीद डिजिटल बनाती है |
| पहुंच | हैदराबाद, जयपुर और मुंबई में 21,000 से अधिक दुकानदार तथा 450 से अधिक ब्रांड |
| डीपीआईआईटी सचिव | अमरदीप सिंह भाटिया |
| ओएनडीसी प्रमुख | विभोर जैन, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी |
| बोर्ड अध्यक्ष | सुनील जे. सिंघी, राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड |
परीक्षा की दृष्टि से
आयोजन का नाम (भारत कॉमर्स चिंतन शिविर), अध्यक्षता करने वाले मंत्री, दोनों आयोजक (डीपीआईआईटी और ओएनडीसी), स्थान (वाणिज्य भवन, नई दिल्ली), मंच (ओएनडीसी डिजीदुकान) और इसके आंकड़े याद रखें: 21,000 से अधिक दुकानदार, 450 से अधिक ब्रांड, तीन शहर (हैदराबाद, जयपुर, मुंबई), हैदराबाद में 16,000 से अधिक दुकानदार तथा 73 से 78 प्रतिशत दोबारा ऑर्डर दर। डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया, ओएनडीसी प्रमुख विभोर जैन और बोर्ड अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी के नाम भी देखें।
अभ्यास प्रश्न
किराना दुकानों को खरीदार के रूप में डिजिटल बनाने वाली डिजीदुकान पहल किस खुले नेटवर्क की है?
- A.ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी)
- B.गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम)
- C.भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम
- D.ओपन क्रेडिट इनेबलमेंट नेटवर्क
उत्तर देखें
डिजीदुकान ओएनडीसी का वह प्रयास है जो खुदरा क्षेत्र के सामान्य व्यापार के लिए डिजिटल ढांचा बनाता है और किराना दुकानों को खरीदार मानकर उनकी खरीद डिजिटल करता है, वह भी मौजूदा वितरक तंत्र को हटाए बिना, उसे मजबूत करते हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत कॉमर्स चिंतन शिविर में बताया गया कि ओएनडीसी डिजीदुकान से कितने दुकानदार और ब्रांड जुड़े हैं?
- A.12,000 से अधिक दुकानदार और 300 से अधिक ब्रांड
- B.21,000 से अधिक दुकानदार और 450 से अधिक ब्रांड
- C.45,000 से अधिक दुकानदार और 800 से अधिक ब्रांड
- D.16,000 से अधिक दुकानदार और 250 से अधिक ब्रांड
उत्तर देखें
हैदराबाद, जयपुर और मुंबई में डिजीदुकान की यही पहुंच बताई गई, जो पिछली तिमाही के 12,000 से अधिक दुकानदारों से बढ़कर यहां तक आई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओएनडीसी के साथ भारत कॉमर्स चिंतन शिविर किस विभाग ने बुलाया था?
- A.उपभोक्ता मामले विभाग
- B.राजस्व विभाग
- C.उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
- D.खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग
उत्तर देखें
इसी विभाग ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स के साथ मिलकर नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में भारत कॉमर्स चिंतन शिविर बुलाया था और बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ओएनडीसी डिजीदुकान क्या है?
यह ओएनडीसी की पहल है, जो किराना दुकान को खरीदार मानकर उसकी खरीद डिजिटल बनाती है। एक ही डिजिटल इंटरफेस से दुकानदार कई ब्रांड, वितरकों और थोक विक्रेताओं से सामान खोज और मंगा सकता है तथा कीमत, व्यापार योजनाएं और उपलब्धता देख सकता है। यह हैदराबाद, जयपुर और मुंबई में 21,000 से अधिक दुकानदारों को 450 से अधिक ब्रांड से जोड़ चुकी है।
भारत कॉमर्स चिंतन शिविर की अध्यक्षता किसने की और यह कहां हुआ?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में इसकी अध्यक्षता की। यह गोलमेज बैठक डीपीआईआईटी और ओएनडीसी ने बुलाई थी, जिसमें रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान वाली कंपनियों के 40 से अधिक प्रमुख शामिल हुए।
बैठक में किन पांच विषयों पर चर्चा हुई?
किराना दुकानदारों के लिए एक समान डिजिटल पहचान; अगले दिन आपूर्ति के लिए साझा लॉजिस्टिक्स और सूक्ष्म भंडारण; डिजिटल खरीद से जुड़ा औपचारिक कर्ज; वितरक प्रबंधन प्रणाली के सीधे लगने वाले कनेक्टर तथा मानक सूची से आसान तकनीकी जुड़ाव; और ब्रांड, वितरकों तथा भागीदारों के लिए व्यापारिक प्रोत्साहनों में बदलाव।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2330634 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
करेंट अफेयर्स 30 अक्टूबर 2026
- गिग श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड अधिसूचितराष्ट्रीय
- मत्स्य पालन क्षेत्र में 39,272 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निवेशसरकारी योजनाएं
- भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष अरुणाचल प्रदेश में दर्शन के लिएराष्ट्रीय
- भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण जहाज कोलंबो बंदरगाह से रवानारक्षा
- डीआरआई ने जालौन में सिंथेटिक नशीली दवा प्रयोगशाला पकड़ीराष्ट्रीय
- डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान-5: 2000 जिलों में शिविरसरकारी योजनाएं
- भारत-बीएलईयू संयुक्त आर्थिक आयोग का 19वां सत्र लक्जमबर्ग मेंअंतरराष्ट्रीय
- सीजीआईएआर विज्ञान एवं साझेदारी सप्ताह 2027 नई दिल्ली में होगाशिखर सम्मेलन
संबंधित करेंट अफेयर्स
संबंधित GK
- राजस्थान के प्रसिद्ध व्यक्तित्व: परीक्षा नोट्स
28 अक्टूबर 2026 · राजस्थान
- राजस्थान के जिले और संभाग: परीक्षा नोट्स
28 अक्टूबर 2026 · राजस्थान
- राजस्थान का पर्यटन और विश्व धरोहर स्थल: नोट्स
27 अक्टूबर 2026 · राजस्थान
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
IBPS करेंट अफेयर्स क्विज: 30 अक्टूबर 2026
25 प्रश्न25 मिनटक्विज शुरू करें





