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GK24

बिजली घरों को कोयला आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम से 36% बढ़ी

कोयला मंत्रालय के अनुसार बिजली क्षेत्र को दैनिक कोयला आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम स्तर से लगभग 36% बढ़ी और अक्टूबर में रेल लदान 465 रेक प्रतिदिन से ऊपर रहा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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बिजली घरों को कोयला आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम से 36% बढ़ी

चर्चा में क्यों

9 अक्टूबर 2026 को कोयला मंत्रालय ने बिजली घरों में कम कोयला भंडार से जुड़ी मीडिया खबरों पर स्पष्टीकरण दिया और बताया कि दैनिक आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम स्तर से लगभग 36% ऊपर है तथा भंडार घटने की रफ्तार आधी से कम रह गई है।

कोयला मंत्रालय ने बिजली संकट की आशंका जताने वाली खबरों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि अक्टूबर 2026 में बिजली घरों तक कोयले की आवाजाही तेज हुई है और भंडार की स्थिति संभल रही है।

क्रिटिकल स्टॉक का अर्थ क्या है

मंत्रालय ने समझाया कि क्रिटिकल स्टॉक एक सीमा आधारित चेतावनी है, कोई अंतिम फैसला नहीं। जब किसी संयंत्र का कोयला भंडार निर्धारित मानक स्तर से नीचे आता है, तो वह इस सूची में आ जाता है। इस व्यवस्था का मकसद ही यह है कि ईंधन की वास्तविक कमी या उत्पादन में गिरावट से बहुत पहले चेतावनी मिल जाए। मंत्रालय के मुताबिक सूची में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि संयंत्र का कोयला खत्म हो गया है या वह बंद होने के कगार पर है।

सुधार के आंकड़े

बिजली क्षेत्र को रोज मिलने वाली आपूर्ति सितंबर के सबसे निचले स्तर से लगभग 36% ऊपर चल रही है और अक्टूबर का औसत सितंबर के औसत से करीब 9% अधिक है। रेल से ढुलाई भी इसी के साथ मजबूत हुई है। इस महीने लदान का औसत 465 रेक प्रतिदिन से अधिक रहा और 470 रेक का लक्ष्य लगातार तीन दिन हासिल किया गया। सड़क सहित अन्य माध्यमों से आपूर्ति में भी बढ़ोतरी हुई है।

भंडार की निकासी आधी से कम

दैनिक निकासी, सितंबर0.243 मिलियन टन प्रतिदिन
दैनिक निकासी, अक्टूबर0.116 मिलियन टन प्रतिदिन
वांछित रेल लदान465 से 475 रेक प्रतिदिन

भंडार जिस रफ्तार से घट रहा था, वह आधे से भी कम हो गई है। सितंबर में दैनिक निकासी 0.243 मिलियन टन थी, जो अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन रह गई। मंत्रालय ने माना कि भंडार को फिर से भरने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन कुल स्थिति को उसने संभलती हुई बताया।

आगे की राह

मानसून की वापसी और अक्टूबर के मध्य तक चरम मांग के नरम पड़ने के पुराने रुझान को देखते हुए मंत्रालय का आकलन है कि 465 से 475 रेक प्रतिदिन का लदान बनाए रखने पर त्योहारी मौसम, सर्दी और उसके बाद की गर्मी से पहले भंडार भरा जा सकेगा और क्रिटिकल श्रेणी के संयंत्रों की संख्या घटेगी। जरूरत के आधार पर कमजोर स्टेशनों को कोयला भेजा जा रहा है और कोयला मंत्रालय रेल मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय के साथ मिलकर आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स पर नजर रख रहा है, ताकि देश में कहीं भी ईंधन की वजह से बिजली उत्पादन न रुके।

महत्वपूर्ण तथ्य

जारीकर्ताकोयला मंत्रालय
दैनिक आपूर्ति में वृद्धिसितंबर के न्यूनतम स्तर से लगभग 36%
अक्टूबर बनाम सितंबरऔसतन करीब 9% अधिक
अक्टूबर में रेल लदान465 रेक प्रतिदिन से अधिक
हासिल लक्ष्यलगातार तीन दिन 470 रेक
भंडार की दैनिक निकासीसितंबर में 0.243 और अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन
वांछित लदान दायरा465 से 475 रेक प्रतिदिन
समन्वय करने वाले मंत्रालयकोयला, रेल और विद्युत

परीक्षा की दृष्टि से

आंकड़े याद रखें, अर्थात आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम से लगभग 36% ऊपर, अक्टूबर का औसत सितंबर से करीब 9% अधिक, रेल लदान 465 रेक प्रतिदिन से ऊपर, 470 रेक का लक्ष्य लगातार तीन दिन पूरा, दैनिक निकासी 0.243 से घटकर 0.116 मिलियन टन और वांछित दायरा 465 से 475 रेक प्रतिदिन। यह भी याद रखें कि क्रिटिकल स्टॉक मानक आधारित पूर्व चेतावनी है और कोयला, रेल तथा विद्युत मंत्रालय मिलकर निगरानी कर रहे हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

कोयला मंत्रालय के अनुसार बिजली क्षेत्र को दैनिक कोयला आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम स्तर से कितनी बढ़ी है?

  1. A.लगभग 12%
  2. B.लगभग 24%
  3. C.लगभग 36%
  4. D.लगभग 48%
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 36%

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 36% है। कोयला मंत्रालय ने बताया कि बिजली क्षेत्र को रोज मिलने वाली कोयला आपूर्ति सितंबर में छुए गए सबसे निचले स्तर से करीब 36% बढ़ चुकी है और अक्टूबर का औसत सितंबर के औसत से लगभग 9% अधिक है। यही वृद्धि, रेल ढुलाई में मजबूती के साथ, बिजली संकट की खबरों पर मंत्रालय का मुख्य जवाब है। विकल्प A यानी लगभग 12% बताए गए सुधार से बहुत कम है और किसी आंकड़े से मेल नहीं खाता। विकल्प B यानी लगभग 24% भी गढ़ा हुआ है और मंत्रालय द्वारा बताए सुधार को कम करके दिखाता है। विकल्प D यानी लगभग 48% इसे बढ़ाकर बताता है, ऐसी कोई संख्या स्पष्टीकरण में नहीं है। परीक्षार्थी दोनों प्रतिशत अलग अलग याद रखें, क्योंकि 36% का आंकड़ा सितंबर के न्यूनतम स्तर से तुलना है, जबकि 9% का छोटा आंकड़ा पूरे अक्टूबर और पूरे सितंबर की तुलना है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

कोयला मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2026 में लगातार तीन दिन रेक लदान का कौन सा लक्ष्य हासिल किया गया?

  1. A.420 रेक प्रतिदिन
  2. B.450 रेक प्रतिदिन
  3. C.470 रेक प्रतिदिन
  4. D.510 रेक प्रतिदिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 470 रेक प्रतिदिन

व्याख्या

सही उत्तर 470 रेक प्रतिदिन है। अक्टूबर में कोयले का रेल लदान औसतन 465 रेक प्रतिदिन से अधिक रहा और मंत्रालय ने बताया कि 470 रेक का लक्ष्य लगातार तीन दिन पूरा हुआ, जिसे उसने उत्पादन के साथ साथ लॉजिस्टिक्स के मजबूत होने का संकेत माना। आगे के लिए मंत्रालय ने कहा कि 465 से 475 रेक प्रतिदिन के दायरे में लदान बना रहे तो स्थिति और स्थिर होगी तथा भंडार फिर भरा जा सकेगा। विकल्प A और विकल्प B में बताए दैनिक आंकड़े स्पष्टीकरण में कहीं नहीं हैं और दोनों पहले से हासिल मासिक औसत से भी नीचे हैं। विकल्प D में दी संख्या उस दायरे से काफी ऊपर है जिसे मंत्रालय बनाए रखना चाहता है, इसलिए वह हासिल किया गया लक्ष्य नहीं हो सकता। याद रखने योग्य अंतर यही है कि लक्ष्य 470 रेक का था, जबकि मासिक औसत 465 रेक से अधिक रहा।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

बिजली घरों में कोयला भंडार की दैनिक निकासी सितंबर के 0.243 मिलियन टन से अक्टूबर 2026 में घटकर कितनी रह गई?

  1. A.0.198 मिलियन टन प्रतिदिन
  2. B.0.116 मिलियन टन प्रतिदिन
  3. C.0.085 मिलियन टन प्रतिदिन
  4. D.0.150 मिलियन टन प्रतिदिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन

व्याख्या

सही उत्तर 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन है। कोयला मंत्रालय ने बताया कि बिजली घरों में भंडार घटने की रफ्तार तेजी से धीमी हुई और दैनिक निकासी आधे से अधिक गिरकर सितंबर के 0.243 मिलियन टन प्रतिदिन से अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन रह गई। मंत्रालय ने स्थिति को संभलती हुई बताया, साथ ही यह भी माना कि भंडार फिर से भरने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D में दिए स्तर स्पष्टीकरण में नहीं हैं। विकल्प C में गिरावट आधे से बहुत अधिक दिखती है, जबकि विकल्प A और विकल्प D में बताई गई सुस्ती रिपोर्ट की गई गिरावट से बहुत कम है। परीक्षा के लिए उपयोगी आधार यही तुलना है, अर्थात सितंबर में 0.243 और अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन, यानी पचास प्रतिशत से अधिक की कमी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसी बिजली घर पर क्रिटिकल स्टॉक का टैग लगने का क्या मतलब है?

यह मानक आधारित पूर्व चेतावनी है, जो तब लगती है जब संयंत्र का भंडार निर्धारित मानक स्तर से कम हो। कोयला मंत्रालय के अनुसार सूची में शामिल संयंत्र का कोयला खत्म नहीं हुआ है और उस पर बंद होने का तत्काल खतरा भी नहीं है।

अक्टूबर 2026 में बिजली घरों को कोयला आपूर्ति कितनी सुधरी है?

बिजली क्षेत्र को दैनिक आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम स्तर से लगभग 36% ऊपर है और अक्टूबर का औसत सितंबर से करीब 9% अधिक है। रेल लदान का औसत 465 रेक प्रतिदिन से अधिक रहा तथा 470 रेक का लक्ष्य लगातार तीन दिन पूरा हुआ।

बिजली घरों में कोयला भंडार अब कितनी तेजी से घट रहा है?

दैनिक निकासी आधे से भी कम हो गई है, जो सितंबर में 0.243 मिलियन टन थी और अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन रह गई। मंत्रालय ने स्थिति को संभलती हुई बताया, हालांकि भंडार फिर भरने का काम शुरू नहीं हुआ है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS