बिजली घरों में कोयला भंडार की दैनिक निकासी सितंबर के 0.243 मिलियन टन से अक्टूबर 2026 में घटकर कितनी रह गई?
- A.0.198 मिलियन टन प्रतिदिन
- B.0.116 मिलियन टन प्रतिदिन
- C.0.085 मिलियन टन प्रतिदिन
- D.0.150 मिलियन टन प्रतिदिन
सही उत्तर
B. 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन
व्याख्या
सही उत्तर 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन है। कोयला मंत्रालय ने बताया कि बिजली घरों में भंडार घटने की रफ्तार तेजी से धीमी हुई और दैनिक निकासी आधे से अधिक गिरकर सितंबर के 0.243 मिलियन टन प्रतिदिन से अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन रह गई। मंत्रालय ने स्थिति को संभलती हुई बताया, साथ ही यह भी माना कि भंडार फिर से भरने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D में दिए स्तर स्पष्टीकरण में नहीं हैं। विकल्प C में गिरावट आधे से बहुत अधिक दिखती है, जबकि विकल्प A और विकल्प D में बताई गई सुस्ती रिपोर्ट की गई गिरावट से बहुत कम है। परीक्षा के लिए उपयोगी आधार यही तुलना है, अर्थात सितंबर में 0.243 और अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन, यानी पचास प्रतिशत से अधिक की कमी।
पूरा लेख पढ़ें: बिजली घरों को कोयला आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम से 36% बढ़ी
अभ्यास प्रश्न
कोयला मंत्रालय के अनुसार बिजली क्षेत्र को दैनिक कोयला आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम स्तर से कितनी बढ़ी है?
- A.लगभग 12%
- B.लगभग 24%
- C.लगभग 36%
- D.लगभग 48%
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व्याख्या
सही उत्तर लगभग 36% है। कोयला मंत्रालय ने बताया कि बिजली क्षेत्र को रोज मिलने वाली कोयला आपूर्ति सितंबर में छुए गए सबसे निचले स्तर से करीब 36% बढ़ चुकी है और अक्टूबर का औसत सितंबर के औसत से लगभग 9% अधिक है। यही वृद्धि, रेल ढुलाई में मजबूती के साथ, बिजली संकट की खबरों पर मंत्रालय का मुख्य जवाब है। विकल्प A यानी लगभग 12% बताए गए सुधार से बहुत कम है और किसी आंकड़े से मेल नहीं खाता। विकल्प B यानी लगभग 24% भी गढ़ा हुआ है और मंत्रालय द्वारा बताए सुधार को कम करके दिखाता है। विकल्प D यानी लगभग 48% इसे बढ़ाकर बताता है, ऐसी कोई संख्या स्पष्टीकरण में नहीं है। परीक्षार्थी दोनों प्रतिशत अलग अलग याद रखें, क्योंकि 36% का आंकड़ा सितंबर के न्यूनतम स्तर से तुलना है, जबकि 9% का छोटा आंकड़ा पूरे अक्टूबर और पूरे सितंबर की तुलना है।
कोयला मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2026 में लगातार तीन दिन रेक लदान का कौन सा लक्ष्य हासिल किया गया?
- A.420 रेक प्रतिदिन
- B.450 रेक प्रतिदिन
- C.470 रेक प्रतिदिन
- D.510 रेक प्रतिदिन
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व्याख्या
सही उत्तर 470 रेक प्रतिदिन है। अक्टूबर में कोयले का रेल लदान औसतन 465 रेक प्रतिदिन से अधिक रहा और मंत्रालय ने बताया कि 470 रेक का लक्ष्य लगातार तीन दिन पूरा हुआ, जिसे उसने उत्पादन के साथ साथ लॉजिस्टिक्स के मजबूत होने का संकेत माना। आगे के लिए मंत्रालय ने कहा कि 465 से 475 रेक प्रतिदिन के दायरे में लदान बना रहे तो स्थिति और स्थिर होगी तथा भंडार फिर भरा जा सकेगा। विकल्प A और विकल्प B में बताए दैनिक आंकड़े स्पष्टीकरण में कहीं नहीं हैं और दोनों पहले से हासिल मासिक औसत से भी नीचे हैं। विकल्प D में दी संख्या उस दायरे से काफी ऊपर है जिसे मंत्रालय बनाए रखना चाहता है, इसलिए वह हासिल किया गया लक्ष्य नहीं हो सकता। याद रखने योग्य अंतर यही है कि लक्ष्य 470 रेक का था, जबकि मासिक औसत 465 रेक से अधिक रहा।
भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश वाले सिंगापुर के किन दो संस्थागत निवेशकों का नाम लिया गया है?
- A.जीआईसी और टेमासेक
- B.टेमासेक और मुबादला
- C.जीआईसी और खजाना नैशनल
- D.एनआईआईएफ और गिफ्ट सिटी
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व्याख्या
सही उत्तर जीआईसी और टेमासेक है। जीआईसी, अर्थात गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, और टेमासेक होल्डिंग्स ही वे दो सिंगापुरी संस्थागत निवेशक हैं जिनका भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा निवेश बताया गया है, और वित्त मंत्री इन दोनों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों से अलग-अलग बैठक करेंगी। विकल्प B में टेमासेक के साथ मुबादला का नाम है, जो संयुक्त अरब अमीरात की निवेश कंपनी है, सिंगापुर की नहीं। विकल्प C में जीआईसी के साथ खजाना नैशनल है, जो मलेशिया का सरकारी कोष है, इसलिए यह जोड़ी भी देश के स्तर पर गलत है। विकल्प D में राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष तथा गिफ्ट सिटी हैं, जो लेन-देन के दूसरे छोर पर खड़े हैं, अर्थात ये भारतीय मंच हैं जिनके जरिये सिंगापुर की पूंजी अधिक भागीदारी कर सकती है, ये सिंगापुर के निवेशक नहीं हैं।
सिंगापुर के राष्ट्रपति कौन हैं, जिनसे केंद्रीय वित्त मंत्री इस यात्रा में भेंट करेंगी?
- A.लॉरेंस वोंग
- B.गन किम योंग
- C.थर्मन शनमुगरत्नम
- D.विवियन बालाकृष्णन
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व्याख्या
सही उत्तर थर्मन शनमुगरत्नम हैं, जो सिंगापुर के राष्ट्रपति हैं। अपनी सरकारी यात्रा में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री उच्चस्तरीय बैठकों की शृंखला के तहत उनसे भेंट करेंगी। शेष तीनों विकल्पों में दिए नाम भी उन पदाधिकारियों के हैं जिनसे इसी यात्रा में मुलाकात होगी, और यही बात इस प्रश्न को नाम के बजाय पद की पहचान की परीक्षा बना देती है। विकल्प A यानी लॉरेंस वोंग सिंगापुर के प्रधानमंत्री हैं। विकल्प B यानी गन किम योंग उपप्रधानमंत्री हैं। विकल्प D यानी विवियन बालाकृष्णन विदेश मंत्री हैं। सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्रों में इस तरह के प्रश्न बार-बार आते हैं और सबसे आम चूक राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री को आपस में बदल देना है। इसलिए इन चार नामों को उनके पदों के साथ एक समूह में याद करें और इन्हें भारत-सिंगापुर व्यापक सामरिक भागीदारी से जोड़कर रखें।
अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से भारत में आया संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लगभग कितना है?
- A.94.68 अरब अमेरिकी डॉलर
- B.144.68 अरब अमेरिकी डॉलर
- C.194.68 अरब अमेरिकी डॉलर
- D.234.68 अरब अमेरिकी डॉलर
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व्याख्या
सही उत्तर 194.68 अरब अमेरिकी डॉलर है। यह आंकड़ा अप्रैल 2000 से मार्च 2026 की अवधि में सिंगापुर से भारत आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का संचयी योग है, और इसी के आधार पर सिंगापुर को भारत में एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत कहा जाता है। विकल्प A यानी 94.68 अरब डॉलर तथा विकल्प B यानी 144.68 अरब डॉलर दर्ज कुल से काफी कम हैं और इनसे सिंगापुर निवेशक देशों की सूची में वास्तविक स्थान से नीचे दिखेगा। विकल्प D यानी 234.68 अरब डॉलर इस निवेश को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है। आंकड़े के साथ उसकी अवधि भी याद रखें, जो अप्रैल 2000 से शुरू होती है, क्योंकि अवधि के बिना यह संख्या अधूरी है। साथ में दो सिंगापुरी संस्थागत निवेशक, अर्थात जीआईसी और टेमासेक, तथा दो भारतीय मंच, अर्थात एनआईआईएफ और गिफ्ट सिटी, भी याद रखें।