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बिहार ग्रामीण बैंक समझौते: कर्मियों को 77.69 करोड़ का लाभ

बिहार ग्रामीण बैंक में सुलह से हुए दो औद्योगिक समझौतों से बैंक के 10,900 से अधिक कर्मचारियों को करीब 77.69 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलेगा।

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बिहार ग्रामीण बैंक समझौते: कर्मियों को 77.69 करोड़ का लाभ

चर्चा में क्यों

27 अक्टूबर 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बताया कि बिहार ग्रामीण बैंक के दो औद्योगिक विवाद सुलह से सुलझ गए, जिससे 10,900 से अधिक कर्मचारियों को करीब 77.69 करोड़ रुपये का लाभ होगा।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 27 अक्टूबर 2026 को बताया कि बिहार ग्रामीण बैंक के प्रबंधन और उसके कर्मचारी संगठनों के बीच दो औद्योगिक विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिए गए। ये समझौते 22 और 23 अक्टूबर 2026 को सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना के सुलह प्रयासों से हुए, जो मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय के अधीन काम करते हैं।

कर्मचारियों को क्या मिलेगा

दोनों समझौतों से मिलाकर बैंक के 10,900 से अधिक कर्मचारियों को करीब 77.69 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलने का अनुमान है। इसमें कामगार संगठन के साथ हुए समझौते से हर साल दोहराया जाने वाला करीब 9.02 करोड़ रुपये का लाभ भी शामिल है।

पहला समझौता

22 अक्टूबर 2026 का समझौता बिहार ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ, पटना और बैंक प्रबंधन के बीच हुआ। इससे करीब 8,400 कर्मचारियों को लगभग 67.17 करोड़ रुपये का लाभ मिलने की उम्मीद है। इसमें निपटाई गई मांगों में निष्पादन आधारित प्रोत्साहन का भुगतान, स्थानापन्न भत्ता, वेतन वृद्धि, यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी, पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्तियां शामिल हैं।

दूसरा समझौता

23 अक्टूबर 2026 का समझौता बिहार ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन के साथ हुआ। इसके दायरे में करीब 2,500 कर्मचारी हैं और इससे लगभग 10.52 करोड़ रुपये का लाभ होगा, जिसमें हर साल दोहराया जाने वाला करीब 9.02 करोड़ रुपये शामिल है। इसमें शामिल मांगें इस प्रकार हैं।

  • 12वें द्विपक्षीय समझौते का प्रभावी क्रियान्वयन;
  • मकान किराया भत्ते में बढ़ोतरी;
  • दिव्यांग कर्मचारियों के परिवहन भत्ते में वृद्धि;
  • अतिरिक्त समय का भुगतान;
  • पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता; और
  • एक वार्ता परिषद का गठन।

सुलह तंत्र का महत्व

दोनों समझौते बातचीत से हुए, जिसमें कर्मचारी संगठनों और बैंक प्रबंधन दोनों ने भाग लिया। मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन ने इसे कर्मचारियों के हितों की रक्षा, उचित श्रम व्यवहार और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने की दिशा में अपने काम का प्रमाण बताया। अभ्यर्थियों के लिए यह केंद्रीय श्रम तंत्र के जरिए बैंकिंग क्षेत्र में सुलह से समझौता होने का ताजा उदाहरण है, जिसमें नियोक्ता बिहार का क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक है। इसे दोनों तिथियों, दोनों कर्मचारी संगठनों और दोनों राशियों के साथ याद रखना चाहिए।

महत्वपूर्ण तथ्य

बैंकबिहार ग्रामीण बैंक
मंत्रालयश्रम एवं रोजगार मंत्रालय
सुलह अधिकारीसहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना, मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के अधीन
समझौते की तिथि22 और 23 अक्टूबर 2026
कुल लाभ10,900 से अधिक कर्मचारियों को करीब 77.69 करोड़ रुपये
पहला समझौताबिहार ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ, पटना: करीब 8,400 कर्मचारी, लगभग 67.17 करोड़ रुपये
दूसरा समझौताबिहार ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन: करीब 2,500 कर्मचारी, लगभग 10.52 करोड़ रुपये
वार्षिक आवर्ती लाभकामगार संगठन के समझौते से करीब 9.02 करोड़ रुपये प्रति वर्ष

परीक्षा की दृष्टि से

नियोक्ता बिहार ग्रामीण बैंक, सुलह कराने वाला अधिकारी सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना जो मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के अधीन है, तिथियां 22 और 23 अक्टूबर 2026, 10,900 से अधिक कर्मचारियों के लिए कुल 77.69 करोड़ रुपये और 12वें द्विपक्षीय समझौते का उल्लेख याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

अक्टूबर 2026 के दो औद्योगिक समझौते किस बैंक से जुड़े थे?

  1. A.बिहार ग्रामीण बैंक
  2. B.दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक
  3. C.बिहार राज्य सहकारी बैंक
  4. D.सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बिहार ग्रामीण बैंक

इसके प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच दो विवाद 22 और 23 अक्टूबर 2026 को सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना के सुलह प्रयासों से सुलझे, जो श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय के अधीन हैं।

Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

बिहार ग्रामीण बैंक के दोनों समझौतों से कुल कितना वित्तीय लाभ अनुमानित है?

  1. A.10.52 करोड़ रुपये
  2. B.67.17 करोड़ रुपये
  3. C.77.69 करोड़ रुपये
  4. D.92.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 77.69 करोड़ रुपये

10.52 करोड़ रुपये का विकल्प केवल दूसरे समझौते का लाभ है, जो 23 अक्टूबर 2026 को बिहार ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन के साथ करीब 2,500 कर्मचारियों के लिए हुआ, इसलिए यह पूरा नहीं बल्कि एक हिस्सा है।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

बिहार ग्रामीण बैंक के विवादों में सुलह कराने वाला अधिकारी कौन था?

  1. A.बैंकिंग लोकपाल, पटना
  2. B.सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना
  3. C.सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, बिहार
  4. D.औद्योगिक अधिकरण, पटना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना

दोनों विवाद न्यायनिर्णयन से नहीं, बल्कि इसी अधिकारी के सुलह प्रयासों से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझे। बैंकिंग लोकपाल बैंकों के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतें देखता है और बैंक तथा उसके कर्मचारियों के विवाद में उसकी कोई भूमिका नहीं होती, इसलिए यह विकल्प गलत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार ग्रामीण बैंक के समझौतों से कर्मचारियों को कितना लाभ होगा?

कुल मिलाकर करीब 77.69 करोड़ रुपये, जो 10,900 से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा। इसमें कामगार संगठन के समझौते से हर साल दोहराया जाने वाला करीब 9.02 करोड़ रुपये का लाभ भी शामिल है।

बिहार ग्रामीण बैंक के विवादों में सुलह किसने कराई?

सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना ने, जो श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय के अधीन काम करते हैं।

दूसरे समझौते में कौन सी मांगें शामिल थीं?

12वें द्विपक्षीय समझौते का प्रभावी क्रियान्वयन, मकान किराया भत्ते में बढ़ोतरी, दिव्यांग कर्मचारियों के परिवहन भत्ते में वृद्धि, अतिरिक्त समय का भुगतान, पदोन्नति में पारदर्शिता और वार्ता परिषद का गठन।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLबैंकिंग