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GK24

भाषिणी ने एनसीजीजी मसूरी कार्यक्रम में किया सजीव अनुवाद

भाषिणी ने मसूरी में विदेशी सिविल सेवकों के एनसीजीजी क्षमता निर्माण कार्यक्रम में श्रुतलेख मंच से अंग्रेजी-स्पेनिश का सजीव अनुवाद उपलब्ध कराया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भाषिणी ने एनसीजीजी मसूरी कार्यक्रम में किया सजीव अनुवाद

चर्चा में क्यों

13 अक्टूबर 2026 को बताया गया कि भाषिणी ने मसूरी में शहरी सेवा वितरण पर कई देशों के सिविल सेवकों के एनसीजीजी क्षमता निर्माण कार्यक्रम में श्रुतलेख मंच से अंग्रेजी-स्पेनिश का सजीव अनुवाद उपलब्ध कराया।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन में काम करने वाले डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग ने अपनी भाषा तकनीक विदेशी अधिकारियों के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम तक पहुंचाई है। प्रभाग ने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के उस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में वास्तविक समय का बहुभाषी संवाद उपलब्ध कराया, जो शहरी सेवा वितरण पर कई देशों के सिविल सेवकों के लिए मसूरी में 12 से 23 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है।

कार्यक्रम कौन चला रहा है

यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है और प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के अधीन एनसीजीजी इसका आयोजन करता है। यह भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के जरिए विदेशों में भारत के क्षमता निर्माण प्रयासों का हिस्सा है। इसमें शामिल सिविल सेवक और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिनिधि पेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फलस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन सहित कई देशों से आए हैं, और उद्देश्य है शासन तथा शहरी सेवा वितरण के अनुभव साझा करना।

श्रुतलेख ने क्या किया

परिचय सत्र के लिए भाषिणी ने अपने श्रुतलेख मंच का उपयोग किया, जिसने अंग्रेजी और स्पेनिश के बीच दोनों दिशाओं में बोले जा रहे शब्दों का तत्काल अनुवाद किया, जिससे प्रतिनिधि भाषा की दीवार के बावजूद चर्चा समझ सके और उसमें भाग ले सके। कार्यक्रम 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा और तब तक श्रुतलेख उपलब्ध रहने की बात कही गई है। भाषिणी की टीम ने प्रतिभागियों को मंच का उपयोग सिखाया तथा भाषिणी मोबाइल ऐप और पूरे तंत्र से परिचित कराया, जिसके उपयोग स्वास्थ्य सेवा, वित्त, कृषि और लोक सेवा वितरण में हो सकते हैं।

वॉयस-फर्स्ट बहुभाषी एआई

यह तैनाती भाषिणी के उस दृष्टिकोण का उदाहरण है जिसे वॉयस-फर्स्ट बहुभाषी एआई कहा जाता है। इसका लक्ष्य है डिजिटल सेवाओं को एक ही भाषा के लिखित रूप के बजाय बोली जाने वाली कई भाषाओं के जरिए सुलभ बनाना। प्रतिनिधियों को अपनी भाषा में बोलने का अवसर देकर प्रभाग ने दिखाया कि भाषा तकनीक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में कैसे मदद कर सकती है।

मंच का विस्तार

भाषिणी भारत का भाषा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो डेटासेट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल, एपीआई और बहुभाषी ऐप्लिकेशन पर आधारित है। इसकी भाषा तकनीक 2,353 सरकारी मंचों में जोड़ी गई है, जिनमें 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटें शामिल हैं। यह मंच 36 भारतीय भाषाओं को लिखित रूप में, 23 भारतीय भाषाओं को वाणी में और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सहयोग देता है। अब तक इस पर 9 अरब से अधिक एआई अनुमान पूरे हुए हैं और रोजाना यह संख्या 2.4 करोड़ से अधिक है।

बिंदुविवरण
उपयोग किया मंचश्रुतलेख, अंग्रेजी-स्पेनिश सजीव अनुवाद
कार्यक्रमएनसीजीजी का शहरी सेवा वितरण क्षमता निर्माण कार्यक्रम
स्थान और तिथिमसूरी, 12 से 23 अक्टूबर 2026
सरकारी मंच2,353, इनमें 800 से अधिक वेबसाइटें
भाषाएं36 भारतीय लिखित, 23 भारतीय वाणी, 35 अंतरराष्ट्रीय

महत्वपूर्ण तथ्य

उपयोग किया मंचश्रुतलेख, अंग्रेजी-स्पेनिश सजीव अनुवाद के लिए
संबंधित प्रभागडिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, एमईआईटीवाई
कार्यक्रमएनसीजीजी का शहरी सेवा वितरण क्षमता निर्माण कार्यक्रम
स्थान और तिथिमसूरी, 12 से 23 अक्टूबर 2026
आयोजकडीएआरपीजी के अधीन एनसीजीजी, विदेश मंत्रालय द्वारा प्रायोजित
ढांचाभारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम
भागीदार देशपेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फलस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन
सरकारी मंच2,353, इनमें 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटें
भाषा कवरेज36 भारतीय भाषाएं लिखित, 23 वाणी में, 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं
एआई अनुमानकुल 9 अरब से अधिक, रोजाना 2.4 करोड़ से अधिक

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि भाषिणी प्रभाग डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन है, श्रुतलेख ने अंग्रेजी-स्पेनिश सजीव अनुवाद किया, मसूरी का कार्यक्रम 12 से 23 अक्टूबर 2026 तक डीएआरपीजी के अधीन एनसीजीजी ने विदेश मंत्रालय के प्रायोजन में आईटीईसी के तहत आयोजित किया, तथा मंच का विस्तार 2,353 सरकारी मंच, 800 से अधिक वेबसाइटें, 36 लिखित और 23 वाणी भाषाएं हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

मसूरी में एनसीजीजी कार्यक्रम के दौरान अंग्रेजी से स्पेनिश का सजीव अनुवाद भाषिणी के किस मंच ने किया?

  1. A.श्रुतलेख
  2. B.अनुवाद
  3. C.वाणी
  4. D.संवाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. श्रुतलेख

व्याख्या

सही उत्तर श्रुतलेख है। शहरी सेवा वितरण पर आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के परिचय सत्र में डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग ने श्रुतलेख को तैनात किया, जिसने बोले जा रहे शब्दों का तत्काल अनुवाद किया और यह काम अंग्रेजी से स्पेनिश तथा स्पेनिश से अंग्रेजी, दोनों दिशाओं में हुआ, जिससे स्पेनिश बोलने वाले देशों के प्रतिनिधि भाषा की दीवार के बिना भाग ले सके। कार्यक्रम 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा और तब तक यह मंच उपलब्ध रहने की बात कही गई है। बाकी तीन नाम इस तैनाती में उपयोग नहीं हुए। यह तैनाती प्रभाग के वॉयस-फर्स्ट बहुभाषी एआई दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसका लक्ष्य डिजिटल सेवाओं को बोली जाने वाली कई भाषाओं के जरिए सुलभ बनाना है। अभ्यर्थी श्रुतलेख को मसूरी कार्यक्रम तथा अंग्रेजी-स्पेनिश जोड़ी के साथ याद रखें और यह भी कि प्रतिभागियों को भाषिणी मोबाइल ऐप भी दिखाया गया।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भाषिणी की भाषा तकनीक कितने सरकारी मंचों में जोड़ी गई है?

  1. A.1,253
  2. B.2,353
  3. C.3,500
  4. D.800
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2,353

व्याख्या

सही उत्तर 2,353 है। भाषिणी, जो भारत का भाषा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, की तकनीक इतने सरकारी मंचों में जोड़ी गई है और इनमें 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटें शामिल हैं, इसलिए विकल्प डी केवल वेबसाइटों की संख्या बताता है, कुल मंचों की नहीं। विकल्प ए और सी बताए गए आंकड़े नहीं हैं। यह मंच 36 भारतीय भाषाओं को लिखित रूप में, 23 भारतीय भाषाओं को वाणी में और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सहयोग देता है, तथा इस पर अब तक 9 अरब से अधिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुमान पूरे हुए हैं, जबकि रोजाना यह संख्या 2.4 करोड़ से अधिक रहती है। इसी क्षमता के कारण प्रभाग कई देशों के अधिकारियों के प्रशिक्षण में सजीव अनुवाद दे सका। पूरा समूह साथ याद रखें, 2,353 मंच, 800 से अधिक वेबसाइटें, 36 लिखित और 23 वाणी भाषाएं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मसूरी में शहरी सेवा वितरण का यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम एनसीजीजी किस विभाग के अधीन आयोजित करता है?

  1. A.प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग
  2. B.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
  3. C.उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग
  4. D.व्यय विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग

व्याख्या

सही उत्तर प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग है। राष्ट्रीय सुशासन केंद्र इसी विभाग के अधीन काम करता है और कई देशों के सिविल सेवकों के लिए शहरी सेवा वितरण पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करता है, जो मसूरी में 12 से 23 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। इस कार्यक्रम को विदेश मंत्रालय प्रायोजित करता है और यह भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत भारत के अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण प्रयासों का हिस्सा है। इसमें भाग लेने वाले अधिकारी पेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फलस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन सहित कई देशों से आए हैं। विकल्प बी सिविल सेवा कार्मिक मामलों से जुड़ा है, पर यहां आयोजक नहीं है, विकल्प सी उद्योग तथा व्यापार संवर्धन और विकल्प डी सार्वजनिक व्यय से जुड़े हैं, इनमें से कोई यह कार्यक्रम नहीं चलाता। क्रम याद रखें, एनसीजीजी, डीएआरपीजी, विदेश मंत्रालय का प्रायोजन और आईटीईसी ढांचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मसूरी के कार्यक्रम में भाषिणी के किस मंच का उपयोग हुआ?

श्रुतलेख का। इसने परिचय सत्र में अंग्रेजी और स्पेनिश के बीच दोनों दिशाओं में तत्काल अनुवाद किया और कार्यक्रम के समाप्त होने तक, यानी 23 अक्टूबर 2026 तक, इसके उपलब्ध रहने की बात कही गई है।

एनसीजीजी का यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम कौन आयोजित करता है?

प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग के अधीन राष्ट्रीय सुशासन केंद्र, जिसे विदेश मंत्रालय प्रायोजित करता है। यह भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के जरिए भारत के अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण प्रयासों का हिस्सा है।

भाषिणी का विस्तार कितना है?

इसकी भाषा तकनीक 2,353 सरकारी मंचों में जोड़ी गई है, जिनमें 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटें शामिल हैं। भाषिणी 36 भारतीय भाषाओं को लिखित रूप में, 23 को वाणी में और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सहयोग देती है, और रोजाना 2.4 करोड़ से अधिक एआई अनुमान पूरे होते हैं।

भाषिणी किस मंत्रालय के अधीन काम करती है?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन। डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के अंतर्गत काम करता है और डेटासेट, एआई मॉडल, एपीआई तथा बहुभाषी ऐप्लिकेशन के जरिए भारत का भाषा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS