भगवत प्रसाद मकवाना बने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष
श्री भगवत प्रसाद मकवाना ने 9 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला, जबकि उनकी नियुक्ति 6 सितंबर 2026 को हुई थी।

चर्चा में क्यों
9 सितंबर 2026 को श्री भगवत प्रसाद मकवाना ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला, जिस पद पर भारत सरकार ने उन्हें 6 सितंबर 2026 को नियुक्त किया था।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को नया प्रमुख मिल गया है। श्री भगवत प्रसाद मकवाना ने 9 सितंबर 2026 को इसके अध्यक्ष का पदभार संभाला। भारत सरकार ने उन्हें इस पद पर तीन दिन पहले, यानी 6 सितंबर 2026 को नियुक्त किया था। यह आयोग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के क्षेत्र में काम करता है।
वे कौन हैं
मकवाना इस क्षेत्र के लिए नए नहीं हैं। वे राज्य स्तर पर इसी विषय से जुड़े पद संभाल चुके हैं और हाथ से मैला ढोने के विरुद्ध बने कानून की निगरानी करने वाली राष्ट्रीय समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।
| पूर्व भूमिका | कहां |
| उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष | सफाई कर्मचारी आयोग, उत्तराखंड सरकार |
| स्वतंत्र निदेशक | एनएचपीसी का बोर्ड |
| सदस्य | हाथ से मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत गठित केंद्रीय निगरानी समिति |
शैक्षिक और सामाजिक पृष्ठभूमि
उनके पास अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री है। उनका अनुभव सामाजिक कार्य में है और विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदायों के कल्याण तथा सशक्तिकरण से जुड़े विषयों में है। एक राज्य आयोग, एक सार्वजनिक उपक्रम का बोर्ड और एक वैधानिक निगरानी समिति, यही तीन अनुभव वे राष्ट्रीय पद पर लेकर आए हैं।
पदभार संभालते हुए क्या कहा
पद संभालने के बाद मकवाना ने कहा कि वे सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश भर में उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए आयोग के प्रयास और मजबूत किए जाएंगे।
यह पद क्यों महत्वपूर्ण है
सफाई कर्मचारी स्वच्छता से जुड़े श्रमिक हैं और उनके नाम पर बना आयोग उनकी शिकायतें उठाने तथा उनके कल्याण की पैरवी करने के लिए है। इसका अध्यक्ष राष्ट्रीय स्तर पर यह काम संभालता है, इसीलिए परीक्षाओं में इस पद पर बैठे व्यक्ति का नाम पूछा जाता है। नाम के साथ पदभार की तिथि याद रखें और उसे नियुक्ति की तिथि से अलग रखें, क्योंकि इस मामले में दोनों अलग हैं और प्रश्न किसी पर भी बन सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| कौन | श्री भगवत प्रसाद मकवाना |
|---|---|
| पद | अध्यक्ष, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) |
| पदभार तिथि | 9 सितंबर 2026 |
| नियुक्ति तिथि | 6 सितंबर 2026 |
| संबंधित मंत्रालय | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |
| पूर्व राज्य भूमिका | उपाध्यक्ष और अध्यक्ष, सफाई कर्मचारी आयोग, उत्तराखंड |
| कॉर्पोरेट भूमिका | एनएचपीसी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक |
| वैधानिक भूमिका | मैला ढोने वालों से जुड़े अधिनियम, 2013 की केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य |
| शैक्षिक योग्यता | अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर |
परीक्षा की दृष्टि से
नए अध्यक्ष का नाम, आयोग का पूरा नाम, संबंधित मंत्रालय, 6 सितंबर 2026 की नियुक्ति तिथि और 9 सितंबर 2026 की पदभार तिथि का अंतर तथा उत्तराखंड आयोग, एनएचपीसी बोर्ड और 2013 के अधिनियम की केंद्रीय निगरानी समिति में उनकी पूर्व भूमिकाएं याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
9 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष का पदभार किसने ग्रहण किया?
- A.श्री भगवत प्रसाद मकवाना
- B.श्री अनिल मलिक
- C.श्री जितिन प्रसाद
- D.श्री प्रतापराव जाधव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. श्री भगवत प्रसाद मकवाना
व्याख्या
सही उत्तर श्री भगवत प्रसाद मकवाना हैं, जिन्होंने उसी तिथि को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला और जिन्हें भारत सरकार ने कुछ दिन पहले नियुक्त किया था। पदभार संभालते समय उन्होंने सफाई कर्मचारियों के अधिकारों तथा सम्मान की रक्षा और आयोग के कल्याण कार्यों को मजबूत करने की बात कही। विकल्प B एक अन्य मंत्रालय के सचिव का नाम है और जल्दबाजी करने वाले छात्र को यह पर्याप्त सरकारी लगता है। विकल्प C और विकल्प D केंद्रीय मंत्रियों के नाम हैं, और मंत्री ऐसे आयोगों के अध्यक्ष नहीं बनाए जाते, यही तर्क इन्हें तुरंत हटाने के लिए पर्याप्त है। नियुक्ति संबंधी प्रश्नों में नाम के साथ तीन बातें जोड़कर याद रखें, यानी सही पद, संबंधित संस्था और तिथि, क्योंकि एक ही नाम आगे किसी और भूमिका में भी समाचार में आ सकता है।
भगवत प्रसाद मकवाना पहले किस कानून के तहत गठित केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य रहे हैं?
- A.मैला ढोने वालों का नियोजन और शुष्क शौचालय निर्माण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1993
- B.हाथ से मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013
- C.अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989
- D.नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हाथ से मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013
व्याख्या
सही उत्तर हाथ से मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 है। राष्ट्रीय आयोग का पदभार संभालने से पहले मकवाना इसी अधिनियम के तहत गठित केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य रहे, और यह अनुभव उत्तराखंड आयोग में उनके कार्यकाल तथा एनएचपीसी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में उनकी भूमिका के साथ जुड़ता है। विकल्प A इसी विषय पर बने 1993 के पुराने कानून का नाम है, इसलिए यही सबसे बड़ा भ्रम है, क्योंकि दोनों कानून मैला ढोने से जुड़े हैं और छात्रों को केवल विषय याद रहता है। विकल्प C यानी 1989 का अत्याचार निवारण कानून और विकल्प D यानी 1955 का नागरिक अधिकार कानून वास्तविक कानून हैं जो अनुसूचित जाति समुदायों की रक्षा करते हैं, इसलिए वे भी संभव लगते हैं, पर यहां उल्लिखित समिति उनसे नहीं बनी। 2013 के वर्ष को पुनर्वास शब्द के साथ जोड़कर याद रखें।
इस नियुक्ति से पहले भगवत प्रसाद मकवाना किस राज्य के सफाई कर्मचारी आयोग में उपाध्यक्ष और अध्यक्ष रह चुके हैं?
- A.उत्तराखंड
- B.उत्तर प्रदेश
- C.गुजरात
- D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. उत्तराखंड
व्याख्या
सही उत्तर उत्तराखंड है, जहां के सफाई कर्मचारी आयोग में उन्होंने उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष, दोनों पद संभाले। उनके अनुभव का यही हिस्सा उस राष्ट्रीय पद से सबसे सीधे जुड़ता है जिसे उन्होंने अब संभाला है, क्योंकि राज्य की संस्था एक राज्य में वही काम करती है जो राष्ट्रीय आयोग पूरे देश के लिए करता है। विकल्प B, C और D उन राज्यों के नाम हैं जहां सफाई कर्मचारियों के कल्याण की व्यवस्था भी मौजूद है, और हर विकल्प इसीलिए संभव लगता है क्योंकि ऐसे आयोग किसी एक राज्य तक सीमित नहीं हैं। उत्तर को व्यक्ति के साथ राज्य जोड़कर याद रखें, क्योंकि नियुक्ति के प्रश्नों में परीक्षक अक्सर बाकी विवरण सही रखकर केवल राज्य बदल देते हैं। साथ ही याद रखें कि उनके पास अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर डिग्री है और उन्होंने अनुसूचित जाति समुदायों के कल्याण पर व्यापक काम किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के नए अध्यक्ष कौन हैं?
श्री भगवत प्रसाद मकवाना, जिन्होंने 9 सितंबर 2026 को पदभार संभाला। भारत सरकार ने उन्हें इस पद पर 6 सितंबर 2026 को नियुक्त किया था।
भगवत प्रसाद मकवाना पहले किन पदों पर रहे हैं?
वे उत्तराखंड के सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष रहे, एनएचपीसी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक रहे तथा 2013 के मैला ढोने से जुड़े अधिनियम की केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य रहे।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग किस मंत्रालय से जुड़ा है?
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से, जिसने नए अध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने की जानकारी दी।
स्रोत
- श्री भगवत प्रसाद मकवाना ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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