मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

दिनेश वी. गनवीर बने जीएसआई के 55वें महानिदेशक

दिनेश विट्ठलराव गनवीर ने खान मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक के रूप में 1 नवंबर 2026 को कार्यभार संभाल लिया है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
दिनेश वी. गनवीर बने जीएसआई के 55वें महानिदेशक

चर्चा में क्यों

दिनेश विट्ठलराव गनवीर ने 1 नवंबर 2026 को खान मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक का कार्यभार संभाला और खनिज सुरक्षा, वैज्ञानिक उत्कृष्टता तथा तकनीकी उन्नयन को प्राथमिकता बताया।

दिनेश विट्ठलराव गनवीर ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी जीएसआई के 55वें महानिदेशक का कार्यभार संभाल लिया है। यह संस्था केन्द्रीय खान मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय के रूप में काम करती है। भूवैज्ञानिक अन्वेषण, खनिज खोज, इंजीनियरिंग भूविज्ञान और संस्थागत नेतृत्व में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले गनवीर ने 1 नवंबर 2026 को पद संभालते हुए खनिज सुरक्षा, वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नई तकनीक के उपयोग को अपनी प्राथमिकता बताया।

संगठन में उनकी यात्रा

गनवीर नागपुर के आरटीएमएनयू विश्वविद्यालय से भूविज्ञान में स्नातकोत्तर करने के बाद 1 जुलाई 1994 को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में शामिल हुए थे। 32 वर्ष से अधिक के करियर में उन्होंने संगठन के मध्य क्षेत्र, पूर्वोत्तर क्षेत्र और उत्तरी क्षेत्र में वैज्ञानिक, तकनीकी तथा प्रशासनिक पदों पर काम किया। इस नियुक्ति से पहले वे नागपुर में मध्य क्षेत्र के अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष थे और साथ ही राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।

क्षेत्र में किया गया काम

उनके क्षेत्रीय कार्य में पश्चिमी बस्तर क्रेटन में विषयगत मानचित्रण तथा महाराष्ट्र की साकोली वलन पट्टी में सोने और हीरे की खोज शामिल है। उन्होंने यूनेस्को विश्व विरासत स्थलों भीमबेटका शैलाश्रय तथा एलोरा गुफाओं के संरक्षण से जुड़े भूवैज्ञानिक अध्ययनों का भी नेतृत्व किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत-पेरू संयुक्त कार्यदल, रूस-भारत खनन उप-समूह तथा 2022 में ऑस्ट्रेलिया में हुई आईएमएआरसी बैठक में संगठन का प्रतिनिधित्व किया।

राष्ट्रीय मिशन प्रमुख के रूप में उपलब्धियां

सौंपी गई भूवैज्ञानिक रिपोर्ट359
सौंपे गए भूवैज्ञानिक ज्ञापन377
महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े ब्लॉक202, जिनमें से 40 की नीलामी
अन्वेषण लाइसेंस व्यवस्था के ब्लॉक56 सौंपे, जिनमें से 11 की नीलामी
महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज अन्वेषणपांच गुना वृद्धि

इस भूमिका में उन्होंने बहुविषयक क्षेत्रीय कार्यक्रमों और देशव्यापी खनिज अन्वेषण की योजना तथा निगरानी की, और मंत्रालय के अनुसार महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण में पांच गुना वृद्धि कराई। इसी अवधि में 359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और 377 भूवैज्ञानिक ज्ञापन सौंपे गए। इनमें 202 ब्लॉक महत्वपूर्ण खनिजों के थे, जिनमें से 40 की नीलामी हो चुकी है, तथा अन्वेषण लाइसेंस व्यवस्था के तहत सौंपे गए 56 ब्लॉकों में से 11 की नीलामी पहले दो चरणों में हुई।

आगे की प्राथमिकताएं

कार्यभार संभालते हुए गनवीर ने कहा कि एकीकृत भूवैज्ञानिक अध्ययन, उन्नत खनिज संभाव्यता मानचित्रण तथा नीलामी के लिए तैयार ब्लॉक बनाकर महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की खोज तेज की जाएगी, जिससे खनिज सुरक्षा मजबूत होगी, आयात पर निर्भरता घटेगी और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य सधेगा। उन्होंने क्षेत्रीय जांच के साथ उभरती तकनीकों और आंकड़ा विश्लेषण के उपयोग, प्रयोगशालाओं तथा विश्लेषण क्षमता के सुदृढ़ीकरण और अपतटीय अन्वेषण पर भी बल दिया। खनिजों से आगे संगठन मूलभूत भूवैज्ञानिक शोध, भूस्खलन पूर्व चेतावनी, हिमनद अध्ययन, आपदा आकलन तथा बड़ी बुनियादी परियोजनाओं के लिए वैज्ञानिक इनपुट का काम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप जारी रखेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

नियुक्तिभारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक
व्यक्तिदिनेश विट्ठलराव गनवीर
संबंधित मंत्रालयखान मंत्रालय, जिसका संबद्ध कार्यालय जीएसआई है
जीएसआई में शामिल1 जुलाई 1994
शिक्षाभूविज्ञान में स्नातकोत्तर, आरटीएमएनयू विश्वविद्यालय, नागपुर
अनुभव32 वर्ष से अधिक; मध्य, पूर्वोत्तर और उत्तरी क्षेत्र में सेवा
पिछला पदअपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष, मध्य क्षेत्र, नागपुर; राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो
क्षेत्रीय कार्यपश्चिमी बस्तर क्रेटन में विषयगत मानचित्रण; साकोली वलन पट्टी, महाराष्ट्र में सोना एवं हीरा खोज
विरासत अध्ययनभीमबेटका शैलाश्रय तथा एलोरा गुफाओं के संरक्षण से जुड़े भूवैज्ञानिक अध्ययन
सौंपे गए दस्तावेज359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और 377 भूवैज्ञानिक ज्ञापन
महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक202 ब्लॉक, जिनमें से 40 की नीलामी
अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉक56 सौंपे, जिनमें से 11 की नीलामी

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: नियुक्ति (भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक), व्यक्ति (दिनेश विट्ठलराव गनवीर), संबंधित मंत्रालय (खान मंत्रालय), जीएसआई में शामिल होने का वर्ष (1994) तथा पिछला पद (अपर महानिदेशक, मध्य क्षेत्र, नागपुर एवं राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो)। आंकड़े भी देखें: 359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट, 377 ज्ञापन, 202 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक जिनमें 40 की नीलामी, और 56 अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉक जिनमें 11 की नीलामी।

अभ्यास प्रश्न

Q1.नियुक्तियांआसान

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक के रूप में किसने कार्यभार संभाला है?

  1. A.दिनेश विट्ठलराव गनवीर
  2. B.प्रजीत कुमार एम. वी.
  3. C.चंद्र भूषण कुमार
  4. D.रमेश कृष्णमूर्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दिनेश विट्ठलराव गनवीर

उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक का कार्यभार संभाला है, जो खान मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है। भूवैज्ञानिक अन्वेषण, खनिज खोज, इंजीनियरिंग भूविज्ञान और संस्थागत नेतृत्व में उनके पास तीन दशक से अधिक का अनुभव है।

Q2.नियुक्तियांमध्यम

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण किस केन्द्रीय मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है?

  1. A.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
  2. B.कोयला मंत्रालय
  3. C.खान मंत्रालय
  4. D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. खान मंत्रालय

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण को भारत सरकार के खान मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय बताया गया है और नए महानिदेशक ने अपनी प्राथमिकताएं भी इसी दायरे में रखीं: एकीकृत भूवैज्ञानिक अध्ययन, उन्नत खनिज संभाव्यता मानचित्रण तथा नीलामी के लिए तैयार खनिज ब्लॉक तैयार करना।

Q3.नियुक्तियांमध्यम

दिनेश वी. गनवीर किस वर्ष भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में शामिल हुए थे?

  1. A.1988
  2. B.1991
  3. C.1994
  4. D.1999
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1994

गनवीर नागपुर के आरटीएमएनयू विश्वविद्यालय से भूविज्ञान में स्नातकोत्तर पूरा करने के बाद 1 जुलाई 1994 को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में शामिल हुए और उनकी 32 वर्ष से अधिक की सेवा इसी तिथि से गिनी जाती है।

Q4.नियुक्तियांकठिन

राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के कार्यकाल में कितनी भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और ज्ञापन सौंपे गए?

  1. A.259 रिपोर्ट और 277 ज्ञापन
  2. B.359 रिपोर्ट और 377 ज्ञापन
  3. C.459 रिपोर्ट और 477 ज्ञापन
  4. D.202 रिपोर्ट और 56 ज्ञापन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 359 रिपोर्ट और 377 ज्ञापन

राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के रूप में गनवीर ने बहुविषयक क्षेत्रीय कार्यक्रमों तथा देशव्यापी खनिज अन्वेषण की योजना और निगरानी की, और मंत्रालय इस अवधि का श्रेय 359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट तथा 377 भूवैज्ञानिक ज्ञापन सौंपे जाने के साथ महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण में पांच गुना वृद्धि को देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक कौन बने हैं?

दिनेश विट्ठलराव गनवीर, जो 1 जुलाई 1994 को संगठन में शामिल हुए थे और इससे पहले नागपुर में मध्य क्षेत्र के अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के अतिरिक्त प्रभार पर थे।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?

भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन। जीएसआई उस मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय के रूप में काम करता है और इसका कार्यक्षेत्र खनिज अन्वेषण, भूवैज्ञानिक मानचित्रण, इंजीनियरिंग भूविज्ञान तथा आपदा अध्ययन तक फैला है।

राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के रूप में उनके कार्यकाल के आंकड़े क्या हैं?

359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और 377 भूवैज्ञानिक ज्ञापन सौंपे गए, जिनमें 202 ब्लॉक महत्वपूर्ण खनिजों के थे और उनमें से 40 की नीलामी हुई, तथा अन्वेषण लाइसेंस व्यवस्था के 56 ब्लॉकों में से 11 की नीलामी पहले दो चरणों में हुई।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 1 नवंबर 2026

  1. एनवीएस-03 ने नाविक मिशन में पहला कक्षा उन्नयन पूरा कियाविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  2. कोयला आयात अगस्त 2026 में 5.83 प्रतिशत घटकर 104.57 एमटीअर्थव्यवस्था
  3. आईएनएस त्रिशूल ग्रीस की सूडा खाड़ी पहुंचा, भूमध्य सागर तैनातीरक्षा
  4. कोयला खदानों के स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह रायपुर मेंपुरस्कार और सम्मान
  5. राज्य स्थापना दिवस: हरियाणा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेशमहत्वपूर्ण दिवस
  6. पीएमएमएसवाई: सिक्किम में 375 लाख रुपये की मत्स्य परियोजनाएंसरकारी योजनाएं
  7. राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 तालकटोरा स्टेडियम में शुरूराष्ट्रीय
  8. चंडीगढ़ पुलिस को हीरक जयंती पर राष्ट्रपति निशान प्रदानपुरस्कार और सम्मान
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL