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GK24

अमित शाह ने 'प्रहार' आतंकरोधी सम्मेलन का उद्घाटन किया

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 'प्रहार' आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति सम्मेलन का उद्घाटन किया तथा नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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अमित शाह ने 'प्रहार' आतंकरोधी सम्मेलन का उद्घाटन किया — GK24 title card

चर्चा में क्यों

28 सितंबर 2026 को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 'प्रहार' आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति सम्मेलन का उद्घाटन किया, प्रत्यर्पण पोर्टल शुरू किया और बताया कि वर्ष 2019 के बाद 36 देशों से 288 भगोड़े वापस लाए गए।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 'प्रहार - CT नीति और रणनीति' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। 'प्रहार' केंद्र सरकार का आतंकवाद-रोधी ढांचा है और यह सम्मेलन इसी ढांचे के सात स्तंभों को कागज़ से निकालकर पुलिस के कामकाजी स्तर तक पहुंचाने के लिए बुलाया गया था।

सम्मेलन में कौन शामिल हुआ

इस आयोजन में केन्द्रीय गृह सचिव और विदेश सचिव उपस्थित रहे। इनके साथ केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा केन्द्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भी मौजूद थे। पंद्रह राज्यों के पुलिस महानिदेशक और सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवाद-रोधी दस्तों के प्रमुख सभागार में मौजूद रहे, जबकि शेष राज्यों के पुलिस प्रमुख और मैदानी स्तर के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

सात स्तंभों पर चर्चा

सम्मेलन में ढांचे के हर स्तंभ पर बारी-बारी से विचार हुआ और पूरी चर्चा में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला दृष्टिकोण बना रहा।

स्तंभकिस बात पर ज़ोर
रोकथामआतंकी घटना को घटित होने से पहले रोकना
प्रतिक्रियाघटना होने पर तेज़ और समन्वित कार्रवाई
आंतरिक क्षमताओं का एकीकरणकेंद्रीय और राज्य एजेंसियों की ताकत को जोड़ना
मानवाधिकारकार्रवाई को संवैधानिक दायरे में रखना
आतंकवाद की परिस्थितियों में कमीभर्ती को बढ़ावा देने वाले हालात को खत्म करना
अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेलसाझेदार देशों और वैश्विक संस्थाओं के साथ काम
रिकवरी और लचीलापनहमले के बाद सामान्य जनजीवन को बहाल करना

नया प्रत्यर्पण पोर्टल

गृह मंत्री ने इस अवसर पर एक प्रत्यर्पण पोर्टल शुरू किया, जिसका उद्देश्य विदेश भाग चुके वांछित अपराधियों को वापस लाने की प्रक्रिया में तालमेल लाना और उसमें तेज़ी लाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच सरकार 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को देश वापस लेकर आई। उन्होंने राज्यों की पुलिस से कहा कि वे ऐसे मामलों के लिए अलग टीमें बनाएं, जो केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें।

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क पर कार्रवाई

एजेंसियों के आपसी समन्वय के नतीजे गिनाते हुए मंत्री ने कहा कि सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थ भेजने वाले शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के चालीस से अधिक मोड्यूल तोड़े जा चुके हैं। पंद्रह राज्यों में 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज हुईं और 350 लोग गिरफ्तार किए गए। इस नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।

गृह मंत्री की अपेक्षाएं

शाह ने कहा कि सरकार आतंकवाद के हर रूप के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर चलती है। उन्होंने आतंकी घटनाओं के लगातार अध्ययन पर बल दिया, ताकि आने वाले दस वर्षों के लिए मज़बूत 'प्रहार' तंत्र खड़ा किया जा सके। उनका कहना था कि यह ढांचा थाना स्तर तक उतरना चाहिए, हर स्तर पर स्वचालित आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया प्रणाली संस्थागत होनी चाहिए और हर स्तंभ से नापा जा सकने वाला परिणाम मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पक्ष की वजह से कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजन'प्रहार - CT नीति और रणनीति' सम्मेलन
उद्घाटनकर्ताकेन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह
स्थाननई दिल्ली
मंत्रालयगृह मंत्रालय
'प्रहार' के स्तंभसात
शुरू किया गयाप्रत्यर्पण पोर्टल
वापस लाए गए भगोड़े2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288
शहज़ाद भट्टी नेटवर्कचालीस से अधिक मोड्यूल ध्वस्त, 100 से अधिक प्राथमिकी, 350 गिरफ्तार
लागू कानूनगैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि 'प्रहार' आतंकवाद-रोधी ढांचा है जिसके सात स्तंभ हैं, सम्मेलन का उद्घाटन गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में किया, वहीं प्रत्यर्पण पोर्टल शुरू हुआ, 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े लाए गए, और शहज़ाद भट्टी नेटवर्क पर कार्रवाई में 100 से अधिक प्राथमिकी तथा 350 गिरफ्तारियां हुईं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

नई दिल्ली में आयोजित 'प्रहार - CT नीति और रणनीति' सम्मेलन में कौन सा पोर्टल शुरू किया गया?

  1. A.प्रत्यर्पण पोर्टल
  2. B.साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
  3. C.राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड पोर्टल
  4. D.मादक पदार्थ समन्वय पोर्टल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रत्यर्पण पोर्टल

व्याख्या

सही उत्तर प्रत्यर्पण पोर्टल है। नई दिल्ली में हुए इस आतंकवाद-रोधी सम्मेलन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने यही पोर्टल शुरू किया। इसका उद्देश्य विदेश भाग चुके वांछित अपराधियों को वापस लाने के प्रयासों को एक मंच पर लाना और उनमें तेज़ी लाना है। इसी संबोधन में यह आंकड़ा भी दिया गया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधी देश वापस लाए गए और राज्यों की पुलिस से ऐसे मामलों के लिए अलग टीमें बनाने को कहा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि इस आयोजन में कोई साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल शुरू नहीं हुआ; पूरा सम्मेलन आतंकवाद-रोधी नीति और ढांचे के सात स्तंभों पर केंद्रित था। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड पहले से मौजूद व्यवस्था है और यहां उसका कोई शुभारंभ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि मादक पदार्थों का उल्लेख केवल शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के संदर्भ में आया था, उसके लिए कोई अलग समन्वय पोर्टल घोषित नहीं किया गया।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

वर्ष 2019 से 2026 के बीच कितने भगोड़े अपराधी और कितने देशों से भारत वापस लाए गए?

  1. A.26 देशों से 188 भगोड़े
  2. B.36 देशों से 288 भगोड़े
  3. C.46 देशों से 388 भगोड़े
  4. D.30 देशों से 248 भगोड़े
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 36 देशों से 288 भगोड़े

व्याख्या

सही उत्तर 36 देशों से 288 भगोड़े है। नई दिल्ली के इस सम्मेलन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 तक की अवधि में सरकार 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने में सफल रही और ये वापसी कुल 36 अलग-अलग देशों से हुई। उन्होंने यह आंकड़ा प्रत्यर्पण पोर्टल शुरू करते समय दिया, जिसका मकसद एजेंसियों के काम को एक जगह लाकर ऐसी वापसी को और तेज़ बनाना है। विकल्प A, C और D में दिए गए अंक घोषित आंकड़ों से मेल नहीं खाते, चाहे भगोड़ों की संख्या हो या देशों की। परीक्षा की दृष्टि से इन दोनों अंकों को पोर्टल के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न प्रायः आंकड़े और शुभारंभ को एक साथ पूछते हैं। मंत्री ने राज्यों की पुलिस से भी कहा कि वे अलग टीमें बनाएं ताकि यह काम केवल केंद्रीय एजेंसियों पर न रहे।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को किस कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है?

  1. A.स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम
  2. B.शस्त्र अधिनियम
  3. C.गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम
  4. D.राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम है, जिसे अंग्रेज़ी में UAPA कहा जाता है। गृह मंत्री ने बताया कि सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थ भेजने वाले शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को इसी कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसियों के बेहतर तालमेल से इस नेटवर्क के चालीस से अधिक मोड्यूल तोड़े गए, पंद्रह राज्यों में 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज हुईं और 350 लोग गिरफ्तार किए गए। विकल्प A गलत है क्योंकि वह कानून मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर लागू होता है और उससे किसी संगठन को आतंकवादी घोषित नहीं किया जा सकता। विकल्प B गलत है क्योंकि शस्त्र अधिनियम हथियार रखने और बेचने से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम व्यक्तियों की निवारक नज़रबंदी से जुड़ा है, संगठनों पर प्रतिबंध से नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'प्रहार' आतंकवाद-रोधी ढांचे में कितने स्तंभ हैं?

सात। इनमें रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकार, आतंकवाद की परिस्थितियों में कमी, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल तथा रिकवरी व लचीलापन शामिल हैं।

इस सम्मेलन में कौन सा पोर्टल शुरू किया गया?

प्रत्यर्पण पोर्टल, जिसका मकसद विदेश भाग चुके भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया में तालमेल और तेज़ी लाना है। इसे गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में शुरू किया।

वर्ष 2019 के बाद कितने भगोड़े अपराधी भारत लाए गए?

गृह मंत्री के अनुसार वर्ष 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CPO