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भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की आठवीं बैठक दिल्ली में

नई दिल्ली में भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की आठवीं बैठक हुई, जहां जितेंद्र सिंह और जोनाथन रेनॉल्ड्स ने जीनोमिक्स केंद्र का उद्घाटन किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की आठवीं बैठक दिल्ली में

चर्चा में क्यों

12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की आठवीं बैठक हुई और डॉ जितेंद्र सिंह तथा जोनाथन रेनॉल्ड्स ने बीआरआईसी-सीडीएफडी-ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का उद्घाटन किया।

भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की आठवीं बैठक नई दिल्ली में हुई। इस परिषद को अंग्रेजी में संक्षेप में एसआईसी कहा जाता है। भारतीय पक्ष का नेतृत्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह ने किया, जबकि ब्रिटेन की ओर से व्यापार, नवाचार और व्यापार के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जोनाथन रेनॉल्ड्स उपस्थित रहे। बैठक में विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा हुई तथा अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने, नई प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने और प्रयोगशाला के निष्कर्षों को व्यावहारिक उपयोग में बदलने के रास्तों पर बात हुई।

जीनोमिक्स केंद्र का उद्घाटन

इसी अवसर पर दोनों मंत्रियों ने नई दिल्ली में बीआरआईसी-सीडीएफडी-ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह केंद्र जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद, उसके डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं डायग्नोस्टिक्स केंद्र तथा ब्रिटिश कंपनी ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज को एक साथ लाता है। उद्घाटन में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव और बीआरआईसी के महानिदेशक डॉ राजेश एस गोखले तथा बीआरआईसी-सीडीएफडी के निदेशक प्रो उल्लास कोल्थुर-सीतारामय भी मौजूद रहे।

बैठक में कौन शामिल हुए

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो अजय सूद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो उमेश वाघमारे, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ श्रीनिवास कुमार तुम्मला, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ शिवकुमार कल्याणरमण तथा प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव डॉ राजेश पाठक शामिल थे। ब्रिटिश दल में भारत में उच्चायुक्त सुश्री लिंडी कैमरन और व्यापार आयुक्त श्री हरजिंदर कांग भी रहे।

सहयोग का आधार

परिषद का कामकाज तीन व्यवस्थाओं पर टिका है, जिनमें भारत-यूके अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन, प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल तथा भारत-यूके विजन 2035 शामिल हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा इनोवेट यूके के सहयोग के तहत आठ संयुक्त औद्योगिक अनुसंधान परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो उन्नत विनिर्माण, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और नेट-जीरो प्रौद्योगिकियों से जुड़ी हैं और कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

सहयोग के क्षेत्र

  • कृत्रिम मेधा, क्वांटम प्रौद्योगिकियां और सेमीकंडक्टर
  • महत्वपूर्ण खनिज, उन्नत सामग्री और जैव प्रौद्योगिकी
  • दूरसंचार तथा नेट-जीरो प्रौद्योगिकियां
  • रोगाणुरोधी प्रतिरोध, स्वास्थ्य सेवा और कृषि
  • मौसम तथा जलवायु विज्ञान, जिसमें दक्षिण एशियाई मानसून से जुड़े खतरे, बेहतर मॉडलिंग, जोखिम आधारित पूर्वानुमान और भूवैज्ञानिक खतरों पर अनुसंधान शामिल है

महत्वपूर्ण तथ्य

बैठकभारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद (एसआईसी) की आठवीं बैठक
स्थाननई दिल्ली
भारतीय नेतृत्वडॉ जितेंद्र सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
ब्रिटिश नेतृत्वजोनाथन रेनॉल्ड्स, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, व्यापार, नवाचार और व्यापार
उद्घाटित केंद्रबीआरआईसी-सीडीएफडी-ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस, नई दिल्ली
ब्रिटिश साझेदार कंपनीऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज
आधारभारत-यूके अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन, प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल, भारत-यूके विजन 2035
इनोवेट यूके के साथआठ संयुक्त औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं मंजूर
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकारप्रो अजय सूद
ब्रिटिश उच्चायुक्तसुश्री लिंडी कैमरन

परीक्षा की दृष्टि से

बैठक का क्रम (आठवीं), स्थान (नई दिल्ली), नेतृत्व करने वाले दोनों मंत्री, उद्घाटित जीनोमिक्स केंद्र और उसका ब्रिटिश साझेदार, सहयोग के तीन आधार जिनमें भारत-यूके विजन 2035 शामिल है, इनोवेट यूके के साथ मंजूर परियोजनाओं की संख्या और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का नाम याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली में भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की कौन सी बैठक आयोजित हुई?

  1. A.छठी
  2. B.सातवीं
  3. C.आठवीं
  4. D.नौवीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आठवीं

व्याख्या

सही उत्तर आठवीं बैठक है। यह बैठक नई दिल्ली में हुई, जिसमें भारतीय पक्ष की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह और ब्रिटिश पक्ष की ओर से व्यापार, नवाचार और व्यापार के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जोनाथन रेनॉल्ड्स शामिल हुए। बैठक में विज्ञान और नवाचार के द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा हुई तथा अनुसंधान साझेदारी, उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग और अनुसंधान को व्यावहारिक उपयोग में बदलने पर चर्चा हुई। इसी अवसर पर दोनों मंत्रियों ने राजधानी में एक जीनोमिक्स केंद्र का उद्घाटन भी किया। विकल्प A, B और D में छठी, सातवीं और नौवीं बैठक का उल्लेख है, जो इस आयोजन से मेल नहीं खाते। अभ्यर्थियों को बैठक का क्रम, स्थान और दोनों मंत्रियों के नाम एक साथ याद रखने चाहिए।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नई दिल्ली में उद्घाटित इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में कौन सी ब्रिटिश कंपनी साझेदार है?

  1. A.ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज
  2. B.इलुमिना
  3. C.एस्ट्राजेनेका
  4. D.ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज

व्याख्या

सही उत्तर ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज है। केंद्र का नाम बीआरआईसी-सीडीएफडी-ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस है, जिसमें ओएनटी इसी कंपनी का संक्षिप्त रूप है और इसके मुख्य वित्तीय अधिकारी उद्घाटन में उपस्थित थे। भारतीय साझेदार जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद तथा उसका डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं डायग्नोस्टिक्स केंद्र हैं; जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, जो बीआरआईसी के महानिदेशक भी हैं, और बीआरआईसी-सीडीएफडी के निदेशक भी मौजूद रहे। विकल्प B में उल्लिखित कंपनी का इस केंद्र से कोई संबंध नहीं बताया गया है। विकल्प C और विकल्प D बड़ी दवा कंपनियां हैं, जो यहां साझेदार नहीं हैं। अभ्यर्थियों को ऐसे नामों का विस्तार पढ़ना सीखना चाहिए, क्योंकि संक्षिप्त रूप में ही उत्तर छिपा होता है। यह केंद्र भारत और ब्रिटेन के बीच जैव प्रौद्योगिकी सहयोग का ठोस उदाहरण है, इसलिए इसका पूरा नाम, स्थान और इसमें शामिल तीनों संस्थाओं के नाम परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आठ संयुक्त औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को किस साझेदारी के तहत मंजूरी दी गई है?

  1. A.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इनोवेट यूके
  2. B.अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन और यूके रिसर्च एंड इनोवेशन
  3. C.प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड और ब्रिटिश काउंसिल
  4. D.जैव प्रौद्योगिकी विभाग और रॉयल सोसाइटी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इनोवेट यूके

व्याख्या

सही उत्तर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इनोवेट यूके है। यह सहयोग संयुक्त औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देता है, जिसका उद्देश्य नई बौद्धिक संपदा, प्रौद्योगिकियों, प्रक्रियाओं और प्रोटोटाइप का विकास है। इसके तहत आठ परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जो उन्नत विनिर्माण, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और नेट-जीरो प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं और कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। विकल्प B में अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन का नाम है, जिसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिनिधिमंडल में थे, पर यह साझेदारी वैसी नहीं है। विकल्प C में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड को एक सांस्कृतिक संगठन से जोड़ा गया है, जो गलत है। विकल्प D भी सही नहीं है। अभ्यर्थियों को विभाग और इनोवेट यूके का जोड़ा तथा तीनों क्षेत्र याद रखने चाहिए।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार सहयोग के आधार के रूप में निम्नलिखित में से कौन सा नाम नहीं बताया गया है?

  1. A.भारत-यूके अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन
  2. B.प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल
  3. C.भारत-यूके विजन 2035
  4. D.भारत-यूके हरित हाइड्रोजन समझौता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भारत-यूके हरित हाइड्रोजन समझौता

व्याख्या

सही उत्तर भारत-यूके हरित हाइड्रोजन समझौता है, जिसका उल्लेख आधार के रूप में नहीं है। परिषद के अंतर्गत सहयोग तीन व्यवस्थाओं पर टिका है, जो विकल्प A में भारत-यूके अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन, विकल्प B में प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल और विकल्प C में भारत-यूके विजन 2035 हैं। ये तीनों अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योग और नवप्रवर्तकों को साथ काम करने का आधार देते हैं, जिसमें वैज्ञानिक प्रगति और अनुसंधान को प्रौद्योगिकियों में बदलने पर जोर है। सहयोग का दायरा कृत्रिम मेधा, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और नेट-जीरो तक फैला है, तथा संयुक्त अनुसंधान में रोगाणुरोधी प्रतिरोध, स्वास्थ्य, कृषि, मौसम एवं जलवायु विज्ञान और भूवैज्ञानिक खतरे शामिल हैं। तीनों नाम एक साथ याद रखने चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की कौन सी बैठक हुई?

आठवीं बैठक। भारतीय पक्ष का नेतृत्व डॉ जितेंद्र सिंह ने और ब्रिटिश पक्ष का नेतृत्व व्यापार, नवाचार और व्यापार के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जोनाथन रेनॉल्ड्स ने किया।

बीआरआईसी-सीडीएफडी-ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस क्या है?

नई दिल्ली में दोनों मंत्रियों द्वारा उद्घाटित जीनोमिक्स केंद्र। यह जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद तथा उसके डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं डायग्नोस्टिक्स केंद्र को ब्रिटिश कंपनी ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज से जोड़ता है।

भारत-यूके विज्ञान सहयोग किन व्यवस्थाओं पर आधारित है?

भारत-यूके अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन, प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल और भारत-यूके विजन 2035 पर। इनोवेट यूके के साथ आठ औद्योगिक अनुसंधान परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 12 अक्टूबर 2026

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