अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली में भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की कौन सी बैठक आयोजित हुई?
- A.छठी
- B.सातवीं
- C.आठवीं
- D.नौवीं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर आठवीं बैठक है। यह बैठक नई दिल्ली में हुई, जिसमें भारतीय पक्ष की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह और ब्रिटिश पक्ष की ओर से व्यापार, नवाचार और व्यापार के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जोनाथन रेनॉल्ड्स शामिल हुए। बैठक में विज्ञान और नवाचार के द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा हुई तथा अनुसंधान साझेदारी, उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग और अनुसंधान को व्यावहारिक उपयोग में बदलने पर चर्चा हुई। इसी अवसर पर दोनों मंत्रियों ने राजधानी में एक जीनोमिक्स केंद्र का उद्घाटन भी किया। विकल्प A, B और D में छठी, सातवीं और नौवीं बैठक का उल्लेख है, जो इस आयोजन से मेल नहीं खाते। अभ्यर्थियों को बैठक का क्रम, स्थान और दोनों मंत्रियों के नाम एक साथ याद रखने चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार परिषद की आठवीं बैठक दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
नई दिल्ली में उद्घाटित इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में कौन सी ब्रिटिश कंपनी साझेदार है?
- A.ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज
- B.इलुमिना
- C.एस्ट्राजेनेका
- D.ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन
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व्याख्या
सही उत्तर ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज है। केंद्र का नाम बीआरआईसी-सीडीएफडी-ओएनटी इंडिया जीनोमिक्स सेंटर ऑफ एक्सिलेंस है, जिसमें ओएनटी इसी कंपनी का संक्षिप्त रूप है और इसके मुख्य वित्तीय अधिकारी उद्घाटन में उपस्थित थे। भारतीय साझेदार जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद तथा उसका डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं डायग्नोस्टिक्स केंद्र हैं; जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, जो बीआरआईसी के महानिदेशक भी हैं, और बीआरआईसी-सीडीएफडी के निदेशक भी मौजूद रहे। विकल्प B में उल्लिखित कंपनी का इस केंद्र से कोई संबंध नहीं बताया गया है। विकल्प C और विकल्प D बड़ी दवा कंपनियां हैं, जो यहां साझेदार नहीं हैं। अभ्यर्थियों को ऐसे नामों का विस्तार पढ़ना सीखना चाहिए, क्योंकि संक्षिप्त रूप में ही उत्तर छिपा होता है। यह केंद्र भारत और ब्रिटेन के बीच जैव प्रौद्योगिकी सहयोग का ठोस उदाहरण है, इसलिए इसका पूरा नाम, स्थान और इसमें शामिल तीनों संस्थाओं के नाम परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
आठ संयुक्त औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को किस साझेदारी के तहत मंजूरी दी गई है?
- A.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इनोवेट यूके
- B.अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन और यूके रिसर्च एंड इनोवेशन
- C.प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड और ब्रिटिश काउंसिल
- D.जैव प्रौद्योगिकी विभाग और रॉयल सोसाइटी
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व्याख्या
सही उत्तर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इनोवेट यूके है। यह सहयोग संयुक्त औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देता है, जिसका उद्देश्य नई बौद्धिक संपदा, प्रौद्योगिकियों, प्रक्रियाओं और प्रोटोटाइप का विकास है। इसके तहत आठ परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जो उन्नत विनिर्माण, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और नेट-जीरो प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं और कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। विकल्प B में अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन का नाम है, जिसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिनिधिमंडल में थे, पर यह साझेदारी वैसी नहीं है। विकल्प C में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड को एक सांस्कृतिक संगठन से जोड़ा गया है, जो गलत है। विकल्प D भी सही नहीं है। अभ्यर्थियों को विभाग और इनोवेट यूके का जोड़ा तथा तीनों क्षेत्र याद रखने चाहिए।
भारत-यूके विज्ञान एवं नवाचार सहयोग के आधार के रूप में निम्नलिखित में से कौन सा नाम नहीं बताया गया है?
- A.भारत-यूके अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन
- B.प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल
- C.भारत-यूके विजन 2035
- D.भारत-यूके हरित हाइड्रोजन समझौता
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व्याख्या
सही उत्तर भारत-यूके हरित हाइड्रोजन समझौता है, जिसका उल्लेख आधार के रूप में नहीं है। परिषद के अंतर्गत सहयोग तीन व्यवस्थाओं पर टिका है, जो विकल्प A में भारत-यूके अनुसंधान एवं नवाचार समझौता ज्ञापन, विकल्प B में प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल और विकल्प C में भारत-यूके विजन 2035 हैं। ये तीनों अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योग और नवप्रवर्तकों को साथ काम करने का आधार देते हैं, जिसमें वैज्ञानिक प्रगति और अनुसंधान को प्रौद्योगिकियों में बदलने पर जोर है। सहयोग का दायरा कृत्रिम मेधा, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और नेट-जीरो तक फैला है, तथा संयुक्त अनुसंधान में रोगाणुरोधी प्रतिरोध, स्वास्थ्य, कृषि, मौसम एवं जलवायु विज्ञान और भूवैज्ञानिक खतरे शामिल हैं। तीनों नाम एक साथ याद रखने चाहिए।
आरडीआई कोष से सहायता पाने के लिए उद्यम की तकनीक किस स्तर पर होनी चाहिए?
- A.प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर 1 और उससे ऊपर
- B.प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर 4 और उससे ऊपर
- C.प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर 7 और उससे ऊपर
- D.केवल व्यावसायिक लॉन्च के बाद
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व्याख्या
सही उत्तर प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर 4 और उससे ऊपर है। इसी स्तर या उससे ऊपर काम करने वाले पात्र प्रौद्योगिकी उद्यमों को द्वितीय स्तरीय कोष प्रबंधकों के जरिए पूंजी मिल सकती है, यानी कोष तब आगे आता है जब कोई विचार कागज और शुरुआती परिकल्पना से आगे बढ़कर प्रयोगशाला में परखा जा चुका होता है। विकल्प A में सबसे शुरुआती वैचारिक चरण भी आ जाते, जिनके लिए यह कोष बना ही नहीं है; विकल्प C सहायता को पूरी तैनाती के करीब पहुंची तकनीकों तक सीमित कर देता, जहां व्यावसायिक पूंजी आमतौर पर आसानी से मिल जाती है; और विकल्प D गलत है क्योंकि कोष का पूरा मकसद उत्पाद के बाजार तक पहुंचने से पहले के काम को सहारा देना है। यह व्यवस्था उस वित्तीय कमी को ध्यान में रखकर बनी है जिसने उभरती व सामरिक तकनीकों में निजी निवेश को सीमित रखा, और प्रबंधकों को कोष के योगदान के बराबर निजी पूंजी भी जुटानी होगी।
अनुसंधान, विकास एवं नवाचार कोष का संचालन करने वाली स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई किस संस्था के भीतर है?
- A.नीति आयोग
- B.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
- C.अनुसंधान राष्ट्रीय शोध संस्थान (एएनआरएफ)
- D.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
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व्याख्या
सही उत्तर अनुसंधान राष्ट्रीय शोध संस्थान है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करता है। कोष इसी संस्थान के भीतर बनी एक स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई चलाती है, और संस्थान की कार्यकारी परिषद उन चरणों में से एक है जिनसे किसी कोष प्रबंधक का प्रस्ताव सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह तक पहुंचने से पहले गुजरता है। विकल्प A गलत है क्योंकि नीति आयोग नीति पर सलाह देता है और इस तरह के निवेश कोष नहीं चलाता। विकल्प B देश की सबसे बड़ी शोध प्रयोगशाला श्रृंखला का नाम है, जो खुद शोध करती है, उद्यमों तक धैर्यवान पूंजी नहीं पहुंचाती। विकल्प D लघु उद्योग के लिए विकास वित्त संस्थान है, जो देखने में ठीक लगता है पर इस कोष का घर नहीं है। संभावित प्रबंधकों से आवेदन का पहला आह्वान जनवरी 2026 में निकला था।