केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार 2014 में 26,000 मीट्रिक टन रहा भारत का रेशम उत्पादन अब कितना हो गया है?
- A.32,000 मीट्रिक टन
- B.38,000 मीट्रिक टन
- C.42,000 मीट्रिक टन
- D.60,000 मीट्रिक टन
सही उत्तर
C. 42,000 मीट्रिक टन
व्याख्या
सही उत्तर 42,000 मीट्रिक टन है। 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर वस्त्र मंत्री ने बताया कि देश का रेशम उत्पादन 2014 के 26,000 मीट्रिक टन से बढ़कर आज 42,000 मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने इसे रेशम क्षेत्र के विस्तार और रेशम किसानों की आय बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ा।
विकल्प D यानी 60,000 मीट्रिक टन एक जाल है: यह आज का उत्पादन नहीं, बल्कि 2030-31 के लिए तय किया गया लक्ष्य है। विकल्प A और B, यानी 32,000 और 38,000 मीट्रिक टन, विज्ञप्ति में कहीं नहीं हैं। ऐसे प्रश्नों में अक्सर मौजूदा आंकड़े के साथ लक्ष्य को विकल्प बनाया जाता है, इसलिए पूरी श्रृंखला क्रम से याद रखें: 2014 में 26,000 टन, अभी 42,000 टन, 2030-31 तक 60,000 टन और 2028-29 तक विश्व में पहला स्थान।
पूरा लेख पढ़ें: 2028-29 तक रेशम उत्पादन में दुनिया में नंबर 1 बनने का लक्ष्य
अभ्यास प्रश्न
भारत सरकार ने किस वर्ष तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया है?
- A.2026-27
- B.2028-29
- C.2030-31
- D.2035-36
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2028-29
व्याख्या
सही उत्तर 2028-29 है। वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 2028-29 तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शहतूत के पत्तों की पैदावार और रेशमकीट पालन के चक्र बढ़ाए जाएंगे, ताकि किसानों की सालाना आय 10 लाख से 12 लाख रुपये तक पहुंच सके।
विकल्प C यानी 2030-31 एक अलग लक्ष्य का वर्ष है: 60,000 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन। विकल्प A और D, यानी 2026-27 और 2035-36, विज्ञप्ति में नहीं हैं। दोनों लक्ष्य एक साथ घोषित हुए थे, इसलिए इन्हें आपस में मिलाना आसान है। इन्हें अलग-अलग याद रखें: विश्व में पहला स्थान 2028-29 तक और 60,000 मीट्रिक टन उत्पादन 2030-31 तक। मंत्री ने यह भी कहा कि चीन का उत्पादन घटने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है।
20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में किस संस्था का 77वां स्थापना दिवस मनाया गया?
- A.नारियल जटा बोर्ड
- B.केंद्रीय रेशम बोर्ड
- C.चाय बोर्ड
- D.खादी और ग्रामोद्योग आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केंद्रीय रेशम बोर्ड
व्याख्या
सही उत्तर केंद्रीय रेशम बोर्ड है। वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस कार्यक्रम और रेशम उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बोर्ड ने समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र दिए और अपने प्रकाशन जारी किए।
नारियल जटा बोर्ड, चाय बोर्ड और खादी और ग्रामोद्योग आयोग भी पारंपरिक उद्योगों और फसलों से जुड़ी संस्थाएं हैं, लेकिन यह विज्ञप्ति इनमें से किसी के बारे में नहीं है। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। जब किसी संस्था का स्थापना दिवस खबर में हो, तो प्रश्न अक्सर संस्था का नाम, वर्षगांठ की संख्या और शहर पूछते हैं, इसलिए तीनों याद रखें: केंद्रीय रेशम बोर्ड, 77वां और बेंगलुरु।
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के अनुसार देश के कुल रेशम उत्पादन में कौन-सा राज्य अग्रणी है?
- A.कर्नाटक
- B.असम
- C.पश्चिम बंगाल
- D.तमिलनाडु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर कर्नाटक है। बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर शोभा करंदलाजे ने कहा कि देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र को और मज़बूत करने के लिए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए निर्यात स्तर के रेशम उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।
असम और पश्चिम बंगाल का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प B और C गलत हैं। तमिलनाडु का नाम विज्ञप्ति में है, लेकिन केवल उन राज्यों में से एक के रूप में जिनके रेशम किसान और बुनकर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए, अग्रणी उत्पादक के रूप में नहीं। इसलिए विकल्प D भी गलत है। रेशम से जुड़ी खबरों के साथ अग्रणी राज्य का प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए कर्नाटक को इससे जोड़कर याद रखें।
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत कितनी सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर हुई हैं और सितंबर 2026 तक कितनी वाणिज्यिक इकाइयां चालू थीं?
- A.दस मंजूर, तीन चालू
- B.बारह मंजूर, पांच चालू
- C.पंद्रह मंजूर, छह चालू
- D.बीस मंजूर, आठ चालू
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बारह मंजूर, पांच चालू
व्याख्या
सही उत्तर बारह मंजूर और पांच चालू है। बैकग्राउंडर में कहा गया है कि सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत इतनी परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और उसी वर्ष सितंबर तक पांच वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर इकाइयां परिचालन में आ चुकी थीं। पहला विकल्प दोनों ही गिनतियों में गलत है, यह मंजूरियों और चालू इकाइयों, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि यह मंजूरियों और इकाइयों, दोनों को बढ़ा देता है और ऐसा कोई हिसाब विज्ञप्ति में नहीं है। चौथा विकल्प इसी कारण गलत है और बताई गई स्थिति से सबसे दूर है। याद रखने लायक बात यह है कि मंजूरी मिलना और उत्पादन शुरू होना एक बात नहीं है, इसीलिए विज्ञप्ति में दोनों आंकड़े अलग-अलग दिए गए हैं। इसे पीएलआई योजनाओं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से भी जोड़कर याद रखें।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में 'भारत के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में उद्योग संघों की भूमिका' पैनल चर्चा का संचालन किसने किया?
- A.नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
- B.इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
- C.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
- D.इसरो के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
व्याख्या
सही उत्तर इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमितेश कुमार सिन्हा हैं। बैकग्राउंडर में उन्हीं को इस सत्र का संचालक बताया गया है, जिसमें प्रमुख उद्योग संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधि यह चर्चा करने आए थे कि गहरा सहयोग देश की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स योजनाओं को कैसे तेज कर सकता है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस सत्र से उस पद का कोई संबंध नहीं बताया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वाला विकल्प गलत है, क्योंकि चर्चा मौद्रिक नीति की नहीं, विनिर्माण और उद्योग के आपसी तालमेल की थी। इसरो के अध्यक्ष वाला विकल्प भी इसी कारण गलत है। अभ्यर्थियों को नाम के साथ पद और मिशन का नाम भी याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर संस्था पूछता है, नाम नहीं।