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ब्रिक्स बौद्धिक संपदा कार्यालय प्रमुखों की 18वीं बैठक दिल्ली में

ब्रिक्स देशों के बौद्धिक संपदा कार्यालयों के प्रमुखों की 18वीं बैठक नई दिल्ली में 1 से 3 सितंबर 2026 तक हुई और अद्यतन परिचालन दिशानिर्देश अपनाए गए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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ब्रिक्स बौद्धिक संपदा कार्यालय प्रमुखों की 18वीं बैठक दिल्ली में

चर्चा में क्यों

ब्रिक्स देशों के बौद्धिक संपदा कार्यालयों के प्रमुखों की 18वीं बैठक का दूसरा दिन 2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ, जिसमें अद्यतन परिचालन दिशानिर्देश अपनाए गए और नई परियोजनाओं पर विचार पूरा हुआ।

ब्रिक्स देशों के बौद्धिक संपदा कार्यालयों के प्रमुख नई दिल्ली में मिले। यह ऐसी 18वीं बैठक थी। यह तीन दिन चली, 1 से 3 सितंबर 2026 तक, और इसका दूसरा दिन 2 सितंबर को पड़ा।

मेजबान कौन था

मेजबानी पेटेंट, डिजाइन और व्यापार चिह्न महानियंत्रक के कार्यालय यानी सीजीपीडीटीएम ने की। यह कार्यालय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अंतर्गत आता है। बैठक में लगभग 35 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रूस, ईरान और इथियोपिया के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े, बाकी सदस्य कार्यालय प्रत्यक्ष रूप से आए।

विषय और मुख्य परिणाम

बैठकब्रिक्स आईपी कार्यालय प्रमुखों की 18वीं बैठक
तिथियां1 से 3 सितंबर 2026
स्थाननई दिल्ली
मेजबानओ/ओ सीजीपीडीटीएम, डीपीआईआईटी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
प्रतिनिधिलगभग 35
मुख्य परिणामअद्यतन परिचालन दिशानिर्देश अपनाए गए

विचार-विमर्श भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण के अनुरूप रहा। मुख्य परिणाम रहा अद्यतन परिचालन दिशानिर्देशों को अपनाना। इनका मकसद परिणामोन्मुख सहयोग की राह दिखाना, सीमा पार नवाचार को बढ़ाना और वैश्विक आईपी मानक गढ़ने के साझा प्रयास मजबूत करना है।

और क्या-क्या उठा

प्रमुखों ने पारंपरिक ज्ञान और चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों को साझा सांस्कृतिक तथा बौद्धिक विरासत माना, जिनकी सुरक्षा और संरक्षण जरूरी है। ब्रिक्स में सुदृढ़ पेटेंट परीक्षा सहयोग पर चल रहे अध्ययन की प्रगति पर भी ध्यान गया, जिसका मकसद प्रक्रियाएं सरल करना, लंबित मामले घटाना और खोज परिणामों का आदान-प्रदान सुधारना है। पेटेंट एनालिटिक्स और भौगोलिक संकेतकों से जुड़े निष्कर्ष भी स्वीकारे गए, ताकि ब्रिक्स बाजारों में जीआई उत्पादों का संरक्षण और व्यावसायीकरण मजबूत हो।

नई परियोजनाएं

विचार-विमर्श कुछ नई परियोजनाओं पर पूरा हुआ। इनमें ब्रिक्स बौद्धिक संपदा जागरूकता श्रृंखला, आईपी ब्रिक्स फिनटेक इनोवेशन मॉनिटर, ब्रिक्स औद्योगिक संपदा व्यावसायीकरण फोरम और सर्वोत्तम प्रथाओं का रिपॉजिटरी, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा विकास के लिए आईपी नीतियां, ब्रिक्स की डिजाइन प्रणालियों पर शोध और पेटेंट दस्तावेजीकरण का मैनुअल शामिल हैं। प्रमुखों ने समन्वय तंत्र और प्रगति की आवधिक समीक्षा पर भी जोर दिया, ताकि ये परियोजनाएं सचमुच पूरी हों। वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है, इसीलिए यह वार्षिक बैठक नई दिल्ली आई।

महत्वपूर्ण तथ्य

बैठकब्रिक्स आईपी कार्यालय प्रमुखों की 18वीं बैठक
स्थाननई दिल्ली
तिथियां1 से 3 सितंबर 2026 (तीन दिन)
मेजबानपेटेंट, डिजाइन और व्यापार चिह्न महानियंत्रक का कार्यालय (सीजीपीडीटीएम)
मूल विभागडीपीआईआईटी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
प्रतिनिधिलगभग 35
ऑनलाइन जुड़ेरूस, ईरान और इथियोपिया
मुख्य परिणामअद्यतन परिचालन दिशानिर्देश अपनाए गए
अध्यक्षता का विषयलचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण
ब्रिक्स अध्यक्षताभारत, वर्ष 2026 में

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण 18वां, स्थान नई दिल्ली, तिथियां 1 से 3 सितंबर 2026, मेजबान कार्यालय सीजीपीडीटीएम और डीपीआईआईटी, लगभग 35 प्रतिनिधि, मुख्य परिणाम अद्यतन परिचालन दिशानिर्देश तथा भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

ब्रिक्स देशों के बौद्धिक संपदा कार्यालयों के प्रमुखों की 18वीं बैठक किस शहर में हुई?

  1. A.मॉस्को
  2. B.नई दिल्ली
  3. C.जोहानिसबर्ग
  4. D.रियो डी जनेरियो
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर नई दिल्ली है। तीन दिन की यह बैठक वहीं 1 से 3 सितंबर 2026 तक हुई और मेजबानी पेटेंट, डिजाइन और व्यापार चिह्न महानियंत्रक के कार्यालय ने की, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अंतर्गत काम करता है। वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है, इसीलिए यह वार्षिक बैठक भारत की राजधानी आई, और विज्ञप्ति इस मेजबानी को कार्यालय के लिए गर्व का विषय बताती है। विकल्प ए, सी और डी ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के शहर हैं, इसलिए वे भ्रम पैदा करते हैं, पर इस संस्करण की मेजबानी उनमें से किसी ने नहीं की। ध्यान रहे कि रूस, ईरान और इथियोपिया के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े थे, इसलिए सदस्य होने का अर्थ प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं है।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

18वीं आईपी ब्रिक्स बैठक के प्रमुख परिणाम के रूप में क्या अपनाया गया?

  1. A.पेटेंट पर नई दिल्ली घोषणा-पत्र
  2. B.अद्यतन परिचालन दिशानिर्देश
  3. C.कॉपीराइट पर ब्रिक्स चार्टर
  4. D.एकल ब्रिक्स पेटेंट कार्यालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अद्यतन परिचालन दिशानिर्देश

व्याख्या

सही उत्तर अद्यतन परिचालन दिशानिर्देश हैं। विज्ञप्ति इनके अपनाए जाने को विचार-विमर्श का प्रमुख परिणाम बताती है और इनका उद्देश्य भी साफ करती है: सदस्य कार्यालयों के बीच परिणामोन्मुख सहयोग की राह दिखाना, सीमा पार नवाचार को बढ़ावा देना और वैश्विक बौद्धिक संपदा मानक गढ़ने के साझा प्रयासों को मजबूत करना। विकल्प ए और सी गढ़े हुए दस्तावेज हैं, जो इसलिए भरोसेमंद लगते हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बैठकों से अक्सर घोषणा-पत्र और चार्टर निकलते हैं, पर विज्ञप्ति में इनका नाम नहीं है। विकल्प डी सिर्फ गलत ही नहीं, समझने लायक भी है: बैठक मौजूदा कार्यालयों के बीच सहयोग पर काम कर रही थी, जिसमें पेटेंट परीक्षा सहयोग का वह अध्ययन शामिल है जिसका मकसद प्रक्रियाएं सरल करना, लंबित मामले घटाना और खोज परिणामों का आदान-प्रदान सुधारना है, पर कोई एकल ब्रिक्स पेटेंट कार्यालय नहीं बनाया गया।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

18वीं आईपी ब्रिक्स बैठक में लगभग कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया?

  1. A.15
  2. B.25
  3. C.35
  4. D.55
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 35

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 35 है। विज्ञप्ति के अनुसार इतने ही प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया, और वह भी वर्चुअल तथा भौतिक, दोनों माध्यमों को मिलाकर। रूस, ईरान और इथियोपिया के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े, जबकि बाकी सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधि नई दिल्ली के स्थल पर प्रत्यक्ष उपस्थित रहे। विकल्प ए, बी और डी को विज्ञप्ति का कोई समर्थन नहीं है और वे इसलिए रखे गए हैं कि जिस परीक्षार्थी को केवल इतना याद हो कि संख्या कम थी, वह इनमें से कोई भी चुन सकता है। इस कहानी के सारे आंकड़े एक साथ याद रखना उपयोगी है, क्योंकि वे आपस में मिलते-जुलते हैं: बैठक 18वीं थी, तीन दिन 1 से 3 सितंबर 2026 तक चली और लगभग 35 प्रतिनिधि आए।

Q4.शिखर सम्मेलनकठिन

18वीं आईपी ब्रिक्स बैठक में जिन नई परियोजनाओं पर विचार हुआ, उनमें इनमें से कौन शामिल नहीं थी?

  1. A.ब्रिक्स बौद्धिक संपदा जागरूकता श्रृंखला
  2. B.आईपी ब्रिक्स फिनटेक इनोवेशन मॉनिटर
  3. C.ब्रिक्स औद्योगिक संपदा व्यावसायीकरण फोरम
  4. D.ब्रिक्स साझा मुद्रा पेटेंट कोष
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्रिक्स साझा मुद्रा पेटेंट कोष

व्याख्या

सही उत्तर ब्रिक्स साझा मुद्रा पेटेंट कोष है, जिसका जिक्र विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। जिन नई परियोजनाओं पर विचार-विमर्श पूरा हुआ वे हैं ब्रिक्स बौद्धिक संपदा जागरूकता श्रृंखला, आईपी ब्रिक्स फिनटेक इनोवेशन मॉनिटर, ब्रिक्स औद्योगिक संपदा व्यावसायीकरण फोरम और सर्वोत्तम प्रथाओं का रिपॉजिटरी, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा विकास के लिए बौद्धिक संपदा नीतियों से जुड़ी पहल, ब्रिक्स देशों की डिजाइन प्रणालियों पर अनुसंधान और ब्रिक्स देशों के पेटेंट दस्तावेजीकरण एवं सूचना संसाधनों का मैनुअल। विकल्प ए, बी और सी इसी सूची के असली नाम हैं। प्रमुखों ने समन्वय तंत्र और प्रगति की आवधिक समीक्षा पर भी बल दिया, ताकि ये परियोजनाएं बैठकों के बीच अधूरी न रह जाएं और आईपी ब्रिक्स समूह में सहयोग की निरंतरता बनी रहे। साथ ही उन्होंने पारंपरिक ज्ञान तथा चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों को साझा विरासत मानकर उनके संरक्षण की जरूरत भी रेखांकित की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स आईपी कार्यालय प्रमुखों की 18वीं बैठक की मेजबानी किसने की?

पेटेंट, डिजाइन और व्यापार चिह्न महानियंत्रक के कार्यालय ने, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के अंतर्गत काम करता है। बैठक नई दिल्ली में 1 से 3 सितंबर 2026 तक हुई।

बैठक का मुख्य परिणाम क्या रहा?

अद्यतन परिचालन दिशानिर्देशों को अपनाना। इनका उद्देश्य ब्रिक्स के आईपी कार्यालयों के बीच परिणामोन्मुख सहयोग की राह दिखाना, सीमा पार नवाचार को बढ़ावा देना और वैश्विक बौद्धिक संपदा मानक गढ़ने के साझा प्रयासों को मजबूत करना है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय क्या है?

लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण। आईपी बैठक का विचार-विमर्श इसी विषय के अनुरूप रहा, जिसमें दिखाया गया कि बौद्धिक संपदा ढांचे तकनीकी लचीलेपन और सतत आर्थिक विकास को कैसे बढ़ावा देते हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS