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GK24

राजस्थान GK प्रश्न 2026

RAS और CET में ज़्यादातर अंक स्थिर सामान्य ज्ञान से आते हैं। RAS प्रारम्भिक पाठ्यक्रम में प्राचीन काल से 2000 तक भारत का इतिहास, विश्व एवं भारत का भूगोल, भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था और शासन, आर्थिक अवधारणाएँ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था, तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हैं। हर एक के साथ राजस्थान का शीर्षक भी है: राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत, राजस्थान का भूगोल, राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, और राजस्थान की अर्थव्यवस्था। CET का पाठ्यक्रम इसी ढाँचे पर आसान स्तर का है, जिसमें जन स्वास्थ्य, कंप्यूटर की जानकारी, सामान्य हिन्दी और सामान्य अंग्रेजी भी जुड़े हैं। इस पेज पर राष्ट्रीय हिस्से के लिए GK24 के विषयवार GK नोट्स हैं, जो छोटे तथ्यों और तालिकाओं में हिन्दी और अंग्रेजी में लिखे गए हैं: संविधान के अनुच्छेद और संवैधानिक संस्थाएँ, स्वतंत्रता संग्राम, भारत की नदियाँ, मिट्टी, जलवायु और खनिज, बजट और बैंकिंग की शब्दावली, और स्कूली स्तर का विज्ञान। GK24 पर राजस्थान GK का अलग खंड नहीं है। राजस्थान के राजवंश, प्रजामंडल आंदोलन, किले, चित्रकला, लोक देवता, मेले, जिले, नदियाँ, खनिज और योजनाएँ राज्य के स्रोतों से तैयार करें, और RPSC व RSSB के प्रश्न-पत्रों से देखें कि ये कैसे पूछे जाते हैं। नोट पढ़ने के बाद इसी साइट के क्विज़ और पिछले वर्षों के प्रश्नों से खुद को परखें।

राजस्थान GK प्रश्न उत्तर सहित

Q161.राजस्थानकठिन

लोक नाट्य रूप और उसके क्षेत्र का कौन-सा जोड़ा सही है?

  1. A.रम्मत और बीकानेर
  2. B.गवरी और भरतपुर
  3. C.तमाशा और जैसलमेर
  4. D.नौटंकी और उदयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रम्मत और बीकानेर

रम्मत बीकानेर तथा जैसलमेर का खुले मंच का लोक नाट्य है, जो होली के आसपास ऊंचे चबूतरे पर नगाड़े और ढोलक के साथ खेला जाता है, और उसके अखाड़े इन नगरों के होली कार्यक्रम का अंग हैं।

Q162.राजस्थानआसान

राजस्थान के पणिहारी गीत किस अवसर या विषय पर गाए जाते हैं?

  1. A.संतान के जन्म पर
  2. B.कुएं से पानी भरती स्त्रियों पर
  3. C.विवाह में दुल्हन की विदाई पर
  4. D.पहली वर्षा की बुवाई पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कुएं से पानी भरती स्त्रियों पर

पणिहारी शब्द पानी से बना है और ये गीत कुएं या बावड़ी तक के दैनिक मार्ग तथा सिर पर मटकी लेकर लौटने से जुड़े हैं; उनके बिंब रस्सी, घिरनी, मटकी और लंबे रास्ते के हैं, और वे प्रायः एक ही सांस में स्त्री की शिकायत और उसकी प्रतीक्षा दोनों कह…

Q163.राजस्थानकठिन

राजस्थानी लोक संगीत तथा लोकवार्ता का प्रमुख अभिलेखागार रूपायन संस्थान बोरुंदा में किसने स्थापित किया?

  1. A.कोमल कोठारी और विजयदान देथा
  2. B.अल्लाह जिलाई बाई और गवरी देवी
  3. C.सादिक खान और जहूर खान मेवाती
  4. D.गुलाबो सपेरा और मामे खान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोमल कोठारी और विजयदान देथा

लोकविद् कोमल कोठारी और राजस्थानी लेखक विजयदान देथा ने जोधपुर जिले के बोरुंदा में लोकवार्ता संस्थान के रूप में रूपायन संस्थान की स्थापना की, और आधी शताब्दी तक उसने मांगणियार, लंगा तथा भोपों के गीत, महाकाव्य और वाद्य अभिलेखित किए; कोठारी इन कलाकारों को भारत के बाहर के श्रोताओं तक…

Q164.राजस्थानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान का घन अर्थात ठोस लोकवाद्य है?

  1. A.खड़ताल
  2. B.सुरनई
  3. C.जंतर
  4. D.नगाड़ा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. खड़ताल

घन वाद्य ठोस पिंड होते हैं, जो ठोकने या हिलाने पर बजते हैं और जिनमें न मढ़ी हुई खाल होती है न कंपन करता तार; लकड़ी के दो टुकड़ों की जोड़ी खड़ताल, जिसे मांगणियार कलाकार आपस में ठोककर बजाते हैं, इसका शास्त्रीय राजस्थानी उदाहरण है, और इसी वर्ग में मंजीरा…

Q165.राजस्थानमध्यम

शरीर पर मंजीरे बांधकर बैठकर किया जाने वाला तेरह ताली नृत्य किस समुदाय और लोकदेवता से जुड़ा है?

  1. A.कालबेलिया और गोगाजी
  2. B.कामड़ और रामदेवजी
  3. C.भील और देवनारायण
  4. D.गरासिया और पाबूजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कामड़ और रामदेवजी

तेरह ताली रामदेवरा के लोकदेवता रामदेवजी के अनुयायी कामड़ समुदाय की स्त्रियां करती हैं, जो कलाई, कोहनी, कमर और टखनों पर तेरह मंजीरे बांधकर बैठी अवस्था में ताल पर उन्हें बजाती हैं, और कई बार सिर पर मटके संभालती या मुंह में तलवार रखती हैं; पुरुष तंदूरा बजाकर गाते हैं।

Q166.राजस्थानकठिन

तार खींचकर बजाया जाने वाला वाद्य भपंग मुख्यतः राजस्थान के किस क्षेत्र का है?

  1. A.अलवर और मेवात क्षेत्र
  2. B.जैसलमेर और बाड़मेर
  3. C.बीकानेर और चूरू
  4. D.उदयपुर और डूंगरपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अलवर और मेवात क्षेत्र

भपंग खोखले तूंबे का छोटा ढोल है, जिस पर खाल मढ़ी होती है और उसके आर-पार आंत की डोरी निकलती है; वादक डोरी को नोचता और कसकर या ढीला करके स्वर को फिसलाता है, जिससे मेवाती लोकगीतों का वह बोलता हुआ स्वर बनता है।

Q167.राजस्थानमध्यम

राजस्थान का लोकवाद्य अलगोजा क्या है?

  1. A.साथ बजाई जाने वाली दो बांसुरियों का युग्म
  2. B.गज से बजने वाला तंतु वाद्य
  3. C.तार खींचकर बजाया जाने वाला ढोल
  4. D.लकड़ी के दो टुकड़ों की जोड़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. साथ बजाई जाने वाली दो बांसुरियों का युग्म

अलगोजा युग्म बांसुरी है: वादक दो नलियां एक साथ मुंह में रखता है, एक पर आधार स्वर की गूंज देता है और दूसरी पर धुन बजाता है, और चरवाहा या लंगा वादक चक्रीय श्वास से इसे देर तक चला सकता है।

Q168.राजस्थानकठिन

राजस्थान के कालबेलिया लोकगीत और नृत्य यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में किस वर्ष शामिल किए गए?

  1. A.2003
  2. B.2008
  3. C.2010
  4. D.2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2010

राजस्थान के कालबेलिया लोकगीत और नृत्य 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किए गए।

Q169.राजस्थानआसान

केसरिया बालम आवो हमारे देश राजस्थानी गायकी की किस शैली का गीत है?

  1. A.पणिहारी
  2. B.मांड
  3. C.कुरजां
  4. D.जच्चा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मांड

मांड राजस्थानी गायकी की सर्वाधिक परिष्कृत शैली है, जो शास्त्रीय संगीत के इतने निकट है कि उसे स्वतंत्र राग की तरह माना जाता है, और बीकानेर की अल्लाह जिलाई बाई द्वारा प्रसिद्ध किया गया केसरिया बालम आवो हमारे देश उसकी सबसे जानी हुई रचना तथा व्यावहारिक रूप से राज्य का…

Q170.राजस्थानमध्यम

रावणहत्था उन भोपों का वाद्य है जो किस लोकदेवता का महाकाव्य सुनाते हैं?

  1. A.पाबूजी
  2. B.देवनारायण
  3. C.गोगाजी
  4. D.रामदेवजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पाबूजी

पाबूजी का भोपा फड़ नामक चित्रित पट खोलकर रात भर पाबूजी का महाकाव्य गाता है और स्वयं रावणहत्था बजाता है, जो आधे नारियल या तूंबे पर बांस की गर्दन, मढ़ी हुई खाल और घुंघरुओं की कतार वाला गज से बजने वाला वाद्य है।

Q171.राजस्थानमध्यम

गज से बजने वाला तंतु वाद्य कमायचा परंपरागत रूप से राजस्थान के किस समुदाय द्वारा बजाया जाता है?

  1. A.लंगा
  2. B.मांगणियार
  3. C.कालबेलिया
  4. D.कामड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मांगणियार

कमायचा जैसलमेर और बाड़मेर के मांगणियार गायकों का विशिष्ट वाद्य है: आम की लकड़ी का बड़ा कटोरा बकरे की खाल से मढ़ा जाता है, उस पर आंत तथा स्टील के तार चढ़ते हैं और उसे घोड़े के बालों के गज से बजाया जाता है, जिससे वह गहरी गूंज मिलती है…

Q172.राजस्थानकठिन

कावड़, वह वहनीय काष्ठ मंदिर जिसके कपाट कथा के साथ एक-एक कर खुलते हैं, कहाँ बनता है?

  1. A.चित्तौड़गढ़ का बस्सी
  2. B.राजसमंद का मोलेला
  3. C.जैसलमेर का पोकरण
  4. D.जयपुर का सांगानेर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चित्तौड़गढ़ का बस्सी

कावड़ आम की लकड़ी से बना छोटा मंदिर है, जिसे गहरे लाल रंग से रँगकर देवताओं तथा वीरों की आकृतियों से भर दिया जाता है और जिसमें कई कपाट लगे होते हैं।

Q173.राजस्थानकठिन

मेवाड़ कारखाने के प्रमुख चित्रकार साहिबदीन किस शासक के आश्रय में थे?

  1. A.महाराणा अमर सिंह प्रथम
  2. B.महाराणा जगत सिंह प्रथम
  3. C.महाराणा प्रताप
  4. D.महाराणा फतेह सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महाराणा जगत सिंह प्रथम

महल में चित्रकला का कारखाना चलता था और साहिबदीन उसके प्रमुख चित्रकार थे।

Q174.राजस्थानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी ढूँढाड़ शैली की उपशैली है?

  1. A.नाथद्वारा
  2. B.किशनगढ़
  3. C.अलवर
  4. D.झालावाड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अलवर

ढूँढाड़ शैली आमेर तथा जयपुर क्षेत्र की चित्रकला को समेटती है और इसकी उपशैलियों में अलवर, शेखावाटी और उनियारा आते हैं।

Q175.राजस्थानमध्यम

राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र चित्रकला में मुख्यतः किसके लिए जाना जाता है?

  1. A.हाथीदाँत पर लघुचित्र
  2. B.हवेलियों की दीवारों पर भित्ति चित्र
  3. C.पिछवाई वस्त्र चित्र
  4. D.रागमाला पांडुलिपियाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हवेलियों की दीवारों पर भित्ति चित्र

अठारहवीं शताब्दी से झुंझुनूँ, सीकर और चूरू जिलों के शेखावाटी क्षेत्र के सेठ परिवारों ने बड़े आँगन वाली हवेलियाँ बनवाईं और उनकी बाहरी तथा भीतरी दीवारों को चित्रित पलस्तर से ढकवाया।

Q176.राजस्थानमध्यम

ऊँट की खाल पर उभरा स्वर्ण कार्य, उस्ता कला, राजस्थान के किस नगर से संबंधित है?

  1. A.बीकानेर
  2. B.उदयपुर
  3. C.कोटा
  4. D.जयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बीकानेर

उस्ता कला, जिसे मुनव्वत या स्वर्ण मनोती कार्य भी कहते हैं, वह शिल्प है जिसमें पहले उभरी हुई आकृति बनाई जाती है और फिर उस पर स्वर्ण चढ़ाया जाता है; परंपरागत रूप से यह ऊँट की खाल पर होता है, पर चमड़े की वस्तुओं, काष्ठ तथा महलों की दीवारों और…

Q177.राजस्थानमध्यम

लोक देवताओं की गाथा कहने वाले लंबे कपड़े के पट, फड़ चित्रकला, परंपरागत रूप से कहाँ बनते हैं?

  1. A.चित्तौड़गढ़ का बस्सी
  2. B.भीलवाड़ा का शाहपुरा
  3. C.राजसमंद का नाथद्वारा
  4. D.झुंझुनूँ का मंडावा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भीलवाड़ा का शाहपुरा

फड़ लंबा क्षैतिज वस्त्र है जिस पर किसी लोक देवता, प्रायः पाबूजी या देवनारायण, की पूरी जीवन गाथा प्रसंगों में अंकित होती है, और इसे केवल प्रदर्शन के लिए नहीं लटकाया जाता: भोपा नामक पुजारी-गायक इसे गाँव-गाँव ले जाता है, रात में खोलता है और दीपक के उजाले में हर…

Q178.राजस्थानमध्यम

भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध चित्रशाला राजस्थान के किस नगर में है?

  1. A.बूँदी
  2. B.अलवर
  3. C.जैसलमेर
  4. D.नागौर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बूँदी

चित्रशाला बूँदी के गढ़ महल के भीतर की दीर्घा है, जो राव राजा उम्मेद सिंह के समय बनी, और इसकी दीवारों तथा छतों पर राजस्थान के कुछ श्रेष्ठतम भित्ति चित्र हैं, जो बूँदी शैली के प्रिय नीले और हरे रंगों में बने हैं।

Q179.राजस्थानकठिन

मेवाड़ शैली का सबसे प्राचीन तिथियुक्त रागमाला चित्र समूह 1605 में चावंड में किस चित्रकार ने बनाया था?

  1. A.साहिबदीन
  2. B.निसारदीन
  3. C.मनोहर
  4. D.बागता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निसारदीन

महाराणा प्रताप द्वारा राजधानी वहाँ ले जाने के बाद चावंड मेवाड़ का केंद्र बन चुका था, और यही समूह मेवाड़ शैली की पहली निश्चित तिथि वाली कृति है, इसीलिए यह बार-बार पूछा जाता है।

Q180.राजस्थानआसान

पिछवाई चित्र मुख्यतः राजस्थान के किस स्थान से जुड़े हैं?

  1. A.नाथद्वारा
  2. B.बूँदी
  3. C.शेखावाटी
  4. D.किशनगढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नाथद्वारा

पिछवाई कपड़े पर बना वह बड़ा चित्र है जो मंदिर में श्रीनाथजी के विग्रह के पीछे लगाया जाता है, शब्द का अर्थ ही है जो पीछे लटके, और इसे ऋतु तथा मनाए जा रहे पर्व के अनुसार बदला जाता है।