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GK24
राजस्थानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान का घन अर्थात ठोस लोकवाद्य है?

  1. A.खड़ताल
  2. B.सुरनई
  3. C.जंतर
  4. D.नगाड़ा

सही उत्तर

A. खड़ताल

व्याख्या

सही उत्तर A, खड़ताल है। घन वाद्य ठोस पिंड होते हैं, जो ठोकने या हिलाने पर बजते हैं और जिनमें न मढ़ी हुई खाल होती है न कंपन करता तार; लकड़ी के दो टुकड़ों की जोड़ी खड़ताल, जिसे मांगणियार कलाकार आपस में ठोककर बजाते हैं, इसका शास्त्रीय राजस्थानी उदाहरण है, और इसी वर्ग में मंजीरा, झांझ, थाली, चिमटा, घुंघरू तथा मोरचंग आते हैं। B, सुरनई सुषिर अर्थात वायु वाद्य है, जो लंगा बजाते हैं और जिसमें रीड लगी होती है। C, जंतर वीणा कुल का तत वाद्य है, जिसे देवनारायण के भोपा नोचकर बजाते हैं। D, नगाड़ा अवनद्ध वाद्य है, अर्थात खाल मढ़ा बड़ा कड़ाहनुमा ढोल, जो मंदिरों तथा समारोहों में डंडों से बजाया जाता है। चारों वर्गों को दो-तीन उदाहरणों के साथ याद कर लेना राजस्थान के लगभग हर वाद्य प्रश्न का उत्तर दे देता है।

पूरा लेख पढ़ें: राजस्थान का लोक संगीत और वाद्ययंत्र: तथ्य और प्रश्न

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Q1.राजस्थानमध्यम

गज से बजने वाला तंतु वाद्य कमायचा परंपरागत रूप से राजस्थान के किस समुदाय द्वारा बजाया जाता है?

  1. A.लंगा
  2. B.मांगणियार
  3. C.कालबेलिया
  4. D.कामड़
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सही उत्तर: B. मांगणियार

कमायचा जैसलमेर और बाड़मेर के मांगणियार गायकों का विशिष्ट वाद्य है: आम की लकड़ी का बड़ा कटोरा बकरे की खाल से मढ़ा जाता है, उस पर आंत तथा स्टील के तार चढ़ते हैं और उसे घोड़े के बालों के गज से बजाया जाता है, जिससे वह गहरी गूंज मिलती है…

Q2.राजस्थानमध्यम

रावणहत्था उन भोपों का वाद्य है जो किस लोकदेवता का महाकाव्य सुनाते हैं?

  1. A.पाबूजी
  2. B.देवनारायण
  3. C.गोगाजी
  4. D.रामदेवजी
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सही उत्तर: A. पाबूजी

पाबूजी का भोपा फड़ नामक चित्रित पट खोलकर रात भर पाबूजी का महाकाव्य गाता है और स्वयं रावणहत्था बजाता है, जो आधे नारियल या तूंबे पर बांस की गर्दन, मढ़ी हुई खाल और घुंघरुओं की कतार वाला गज से बजने वाला वाद्य है।

Q3.राजस्थानआसान

केसरिया बालम आवो हमारे देश राजस्थानी गायकी की किस शैली का गीत है?

  1. A.पणिहारी
  2. B.मांड
  3. C.कुरजां
  4. D.जच्चा
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सही उत्तर: B. मांड

मांड राजस्थानी गायकी की सर्वाधिक परिष्कृत शैली है, जो शास्त्रीय संगीत के इतने निकट है कि उसे स्वतंत्र राग की तरह माना जाता है, और बीकानेर की अल्लाह जिलाई बाई द्वारा प्रसिद्ध किया गया केसरिया बालम आवो हमारे देश उसकी सबसे जानी हुई रचना तथा व्यावहारिक रूप से राज्य का…

Q4.राजस्थानकठिन

राजस्थान के कालबेलिया लोकगीत और नृत्य यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में किस वर्ष शामिल किए गए?

  1. A.2003
  2. B.2008
  3. C.2010
  4. D.2016
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सही उत्तर: C. 2010

राजस्थान के कालबेलिया लोकगीत और नृत्य 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किए गए।

Q5.राजस्थानमध्यम

राजस्थान का लोकवाद्य अलगोजा क्या है?

  1. A.साथ बजाई जाने वाली दो बांसुरियों का युग्म
  2. B.गज से बजने वाला तंतु वाद्य
  3. C.तार खींचकर बजाया जाने वाला ढोल
  4. D.लकड़ी के दो टुकड़ों की जोड़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. साथ बजाई जाने वाली दो बांसुरियों का युग्म

अलगोजा युग्म बांसुरी है: वादक दो नलियां एक साथ मुंह में रखता है, एक पर आधार स्वर की गूंज देता है और दूसरी पर धुन बजाता है, और चरवाहा या लंगा वादक चक्रीय श्वास से इसे देर तक चला सकता है।