'अवेस्ता', जिसे 'जेंद-अवेस्ता' भी कहा जाता है, किस धर्म की पवित्र पुस्तक है?
- A.पारसी धर्म (जरथ्रुस्ट धर्म)
- B.बौद्ध धर्म
- C.जैन धर्म
- D.यहूदी धर्म
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पारसी धर्म (जरथ्रुस्ट धर्म)
व्याख्या
सही उत्तर है A, पारसी धर्म। अवेस्ता, जिसे जेंद-अवेस्ता भी कहते हैं, पारसी या जरथ्रुस्ट धर्म की पवित्र पुस्तक है। यह धर्म प्राचीन ईरान के पैगंबर जरथुस्त्र की शिक्षाओं पर आधारित है। अवेस्ता अवेस्तन भाषा में लिखी गई है, जो प्राचीन ईरानी भाषा है और ऋग्वेद की संस्कृत के बहुत निकट है, इसीलिए दोनों ग्रंथों में कई शब्द और देवता समान मिलते हैं। इसका सबसे प्राचीन और सम्मानित भाग गाथाएँ हैं, जिन्हें स्वयं जरथुस्त्र के वचन माना जाता है। पारसी लोग अहुर मज्दा की उपासना करते हैं, अपने अग्नि मंदिरों में पवित्र अग्नि जलाए रखते हैं और अच्छे विचार, अच्छे वचन तथा अच्छे कर्म के सिद्धांत पर चलते हैं। भारत में उनके वंशज पारसी कहलाते हैं, जो लगभग आठवीं सदी में गुजरात पहुँचे थे। B गलत है क्योंकि बौद्ध धर्म का मूल ग्रंथ पालि में लिखा त्रिपिटक है। C गलत है क्योंकि जैन ग्रंथ प्राकृत में लिखे आगम या अंग हैं। D गलत है क्योंकि यहूदी धर्म की पवित्र पुस्तक तोराह है। परीक्षा टिप: अवेस्ता – पारसी, त्रिपिटक – बौद्ध, आगम – जैन, तोराह – यहूदी, गुरु ग्रंथ साहिब – सिख।