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GK24
कला और संस्कृतिमध्यमपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 3

निम्नलिखित में से कौन-सा लक्षद्वीप का लोकप्रिय नृत्य रूप है?

  1. A.कथक
  2. B.कुचिपुड़ी
  3. C.कोली
  4. D.कोलकली

सही उत्तर

D. कोलकली

व्याख्या

सही उत्तर है D, कोलकली। कोलकली लक्षद्वीप का लोकप्रिय लोकनृत्य है और यह केरल के मालाबार क्षेत्र में भी देखा जाता है, क्योंकि इन द्वीपों की भाषा तथा रीति-रिवाज मालाबार से काफी मिलते-जुलते हैं। इसमें बारह या उससे अधिक कलाकार गोल घेरे में घूमते हैं और हर हाथ में एक छोटी लकड़ी की छड़ी पकड़े रहते हैं। वे गीत की लय पर अपने साथी की छड़ियों से छड़ी टकराते हैं और जैसे-जैसे ताल तेज होती है, घेरा कभी चौड़ा तो कभी सिमटता जाता है। इसे पुरुष विवाह तथा त्योहारों के अवसर पर करते हैं और इसकी लय ढोल से कम और छड़ियों की टकराहट से अधिक बनती है। लक्षद्वीप के अन्य प्रसिद्ध नृत्य परिचाकली और लावा हैं। A गलत है क्योंकि कथक उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य है। B गलत है क्योंकि कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य है। C गलत है क्योंकि कोली महाराष्ट्र के मछुआरा समुदाय का नृत्य है। परीक्षा टिप: लक्षद्वीप–कोलकली, परिचाकली, लावा।

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Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल है?

  1. A.फुगड़ी
  2. B.झूमर
  3. C.दलखाई
  4. D.छऊ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. छऊ

व्याख्या

सही उत्तर है D, छऊ। छऊ को 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया था। यह पूर्वी भारत का मुखौटा नृत्य-नाट्य है और इसकी तीन शैलियाँ अपने-अपने क्षेत्र के नाम पर जानी जाती हैं। झारखंड की सरायकेला और पश्चिम बंगाल की पुरुलिया शैली में कलाकार मुखौटा पहनते हैं, जबकि ओडिशा की मयूरभंज शैली बिना मुखौटे के की जाती है। यह नृत्य युद्ध प्रशिक्षण से निकला है, इसलिए इसकी भाव-भंगिमाओं में लड़ाई के दाँवपेच तथा पशु-पक्षियों की चाल दिखाई देती है, और कथाएँ रामायण, महाभारत एवं लोक आख्यानों से ली जाती हैं। इसे वसंत में चैत्र पर्व के अवसर पर ढोल और धुमसा की थाप पर प्रस्तुत किया जाता है। A गलत है क्योंकि फुगड़ी गोवा का महिला लोकनृत्य है। B गलत है क्योंकि झूमर पंजाब से जुड़ा है। C गलत है क्योंकि दलखाई पश्चिमी ओडिशा का लोकनृत्य है। परीक्षा टिप: यूनेस्को सूची में छऊ (2010), रामलीला, कुटियाट्टम और संकीर्तन शामिल हैं।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · 26 Dec 2020कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सी चित्रशैली 'पंचतंत्र चित्रांकन' के लिए भी जानी जाती है?

  1. A.बूंदी
  2. B.कोटा
  3. C.मारवाड़
  4. D.ढूंढाड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मारवाड़

व्याख्या

सही उत्तर है C, मारवाड़। जोधपुर क्षेत्र की मारवाड़ शैली को पंचतंत्र के सचित्र संस्करण के लिए जाना जाता है; अठारहवीं सदी के आरंभ में पाली में बना पंचतंत्र चित्र-समूह इसका प्रसिद्ध उदाहरण है, जिसमें पशु-पक्षियों की कहानियाँ चित्र दर चित्र दिखाई गई हैं। मारवाड़ शैली में दरबारी चिकनाई की जगह लोक-शक्ति दिखती है – गहरे सपाट रंग, बड़ी-बड़ी आँखें, गठीले चेहरे और घोड़े-ऊँटों की भरमार। पंचतंत्र के साथ इस शैली में 'ढोला-मारू' और रागमाला के चित्र भी बने। A गलत है क्योंकि बूंदी शैली हरे-भरे वन, वर्षा ऋतु के आकाश, कमल-सरोवर और हाथियों के चित्रण के लिए प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि कोटा शैली, जो बूंदी से निकली, घने जंगल में शिकार दृश्यों के लिए जानी जाती है। D गलत है क्योंकि ढूंढाड़ (जयपुर-आमेर) शैली बड़े आकार के व्यक्तिचित्रों और दरबारी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। परीक्षा टिप: पंचतंत्र व ढोला-मारू – मारवाड़, वर्षा व हरियाली – बूंदी, शिकार – कोटा।

Q3.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1आसान

बोडो भाषा मुख्य रूप से भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में बोली जाती है?

  1. A.असम
  2. B.झारखंड
  3. C.हिमाचल प्रदेश
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. असम

व्याख्या

सही उत्तर है A, असम। बोडो ब्रह्मपुत्र घाटी के बोडो लोगों की भाषा है और मुख्य रूप से पश्चिमी असम के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में बोली जाती है। यह तिब्बती-बर्मी भाषा समूह की है, देवनागरी लिपि में लिखी जाती है और असम की सहयोगी राजभाषा है। बोडो को 2003 के 92वें संविधान संशोधन द्वारा डोगरी, मैथिली और संताली के साथ आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि झारखंड में हिंदी के साथ संताली, मुंडारी और हो प्रमुख भाषाएँ हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में हिंदी तथा कांगड़ी और मंडयाली जैसी पहाड़ी बोलियाँ बोली जाती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्नाटक की राजभाषा कन्नड़ है, जो द्रविड़ परिवार की भाषा है। परीक्षा टिप: 92वें संशोधन, 2003 ने चार भाषाएँ — बोडो, डोगरी, मैथिली और संताली — जोड़कर आठवीं अनुसूची को 22 भाषाओं तक पहुँचाया।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

जम्मू और कश्मीर की राजभाषा कौन-सी नहीं है?

  1. A.हिंदी
  2. B.डोगरी
  3. C.उर्दू
  4. D.पंजाबी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पंजाबी

व्याख्या

सही उत्तर है D, पंजाबी। जम्मू और कश्मीर राजभाषा अधिनियम, 2020 इस केंद्रशासित प्रदेश को पाँच राजभाषाएँ देता है, कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी। पंजाबी इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बोली जाती है, पर उसे इस सूची में नहीं रखा गया, इसलिए वही अलग पड़ती है। इस कानून से पहले पुराने राज्य की एकमात्र राजभाषा उर्दू थी, जबकि घरों में उसे बोलने वाले बहुत कम थे; बदलाव इसीलिए किया गया ताकि सरकारी कामकाज में वे भाषाएँ आएँ जिन्हें लोग सचमुच बोलते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हिंदी अधिनियम में गिनाई गई पाँच भाषाओं में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मुख्यतः जम्मू संभाग में बोली जाने वाली डोगरी इस केंद्रशासित प्रदेश की राजभाषा भी है और संविधान की आठवीं अनुसूची में भी शामिल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उर्दू राजभाषा है और पहले तो वही अकेली राजभाषा थी। परीक्षा टिप: पाँच नाम याद रखें, कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी।

Q5.कला और संस्कृतिमध्यम

चेरॉ बांस नृत्य जिसमें किया जाता है, वह वसंत त्योहार चपचार कुट किस राज्य में मनाया जाता है?

  1. A.मिजोरम
  2. B.सिक्किम
  3. C.अरुणाचल प्रदेश
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मिजोरम

व्याख्या

सही उत्तर A, मिजोरम है। चपचार कुट मिजो समाज का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है, जो मार्च में तब मनाया जाता है जब झूम खेती के खेत साफ और जलाकर तैयार हो जाते हैं और गांव बुवाई की वर्षा की प्रतीक्षा करते हैं। स्त्री-पुरुष थांगछुआह पुआन और वाकिरिया शिरोवस्त्र पहनकर ढोल की ताल पर नाचते हैं, और चेरॉ, जिसमें नर्तक जमीन पर टकराए जाते बांसों के बीच पैर रखते हैं, इसका मुख्य आकर्षण है। मिम कुट और पावल कुट अन्य दो मिजो त्योहार हैं।

विकल्प B, सिक्किम में लोसर, लोसूंग और सागा दावा मनाए जाते हैं। विकल्प C, अरुणाचल प्रदेश में गालो का मोपिन, आदि का सोलुंग और न्यीशी का न्योकुम होता है। विकल्प D, असम में बिहू और अली आई लीगांग मनाए जाते हैं। बांस नृत्य ही संकेत है, क्योंकि चेरॉ मिजोरम की पहचान है और क्षेत्र के मिलते-जुलते नृत्यों से भ्रमित कर दिया जाता है।