निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष रदरफ़ोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग से नहीं निकाला जा सकता था?
- A.परमाणु का अधिकांश भाग खाली होता है।
- B.परमाणु की त्रिज्या नाभिक की त्रिज्या की लगभग 10⁵ गुना होती है।
- C.इलेक्ट्रॉन नियत ऊर्जा वाले वृत्ताकार पथों में घूमते हैं, जिन्हें कक्षाएँ कहते हैं।
- D.परमाणु का लगभग पूरा द्रव्यमान नाभिक में रहता है।
उत्तर देखें
। नियत ऊर्जा वाली कक्षाओं का प्रस्ताव नील्स बोर ने 1913 में दिया था; रदरफ़ोर्ड का प्रयोग इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा के बारे में कुछ नहीं बताता था।
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