माइक्रोफ़ोन परिवर्तित करता है
- A.विद्युत संकेतों को ध्वनि तरंगों में
- B.ध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में
- C.सूक्ष्म तरंगों को ध्वनि तरंगों में
- D.ध्वनि तरंगों को सूक्ष्म तरंगों में
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, ध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में। माइक्रोफ़ोन एक ट्रांसड्यूसर है जो ध्वनि के दाब में होने वाले बदलावों को उसी के अनुरूप विद्युत संकेत में बदल देता है।
सामान्य डायनेमिक माइक्रोफ़ोन में ध्वनि तरंगें एक पतले डायाफ्राम को कंपित करती हैं। डायाफ्राम से जुड़ी एक छोटी कुंडली स्थायी चुंबक के क्षेत्र में हिलती है, और विद्युत चुंबकीय प्रेरण से एक बदलती धारा बनती है जो ध्वनि के पैटर्न का अनुसरण करती है। इस संकेत को फिर बढ़ाया, रिकॉर्ड किया या भेजा जा सकता है, जैसे लाउडस्पीकर सिस्टम, टेलीफ़ोन या मोबाइल फ़ोन में। कंडेंसर माइक्रोफ़ोन जैसे अन्य प्रकार चलती कुंडली की जगह बदलती धारिता का उपयोग करते हैं।
A गलत है: विद्युत संकेतों को फिर से ध्वनि में बदलना लाउडस्पीकर या ईयरफ़ोन का काम है, जो उलटा काम करता है। C गलत है: सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव) विद्युत चुंबकीय तरंगें हैं जो रडार, ओवन और संचार में काम आती हैं; माइक्रोफ़ोन इनसे काम नहीं करता। D गलत है: माइक्रोफ़ोन का निर्गत विद्युत संकेत होता है, सूक्ष्म तरंगें नहीं।
परीक्षा टिप: माइक्रोफ़ोन: ध्वनि से विद्युत ऊर्जा; लाउडस्पीकर: विद्युत से ध्वनि ऊर्जा; दोनों विद्युत चुंबकीय प्रेरण पर काम करते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऋणात्मक कार्य तब होता है जब लगाया गया बल F और संगत विस्थापन S
- A.एक-दूसरे के लंबवत हों।
- B.एक-दूसरे के समांतर हों।
- C.एक-दूसरे के प्रतिसमांतर हों।
- D.परिमाण में बराबर हों।
उत्तर देखें
जब बल विस्थापन की उलटी दिशा में लगता है तो दोनों के बीच का कोण 180° होता है, और कार्य ऋणात्मक होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर रहे उपग्रह के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.उपग्रह को भू-केंद्र से रिमोट कंट्रोल द्वारा कक्षा में रखा जाता है।
- B.उपग्रह को रेट्रो-रॉकेट द्वारा कक्षा में रखा जाता है और सौर ऊर्जा उसे पृथ्वी के चारों ओर घुमाती रहती है।
- C.उपग्रह को परिक्रमा के लिए सौर पैनलों और ठोस ईंधन से ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- D.उपग्रह को परिक्रमा के लिए किसी ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती।
उत्तर देखें
सही वेग के साथ कक्षा में स्थापित होने के बाद पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण उपग्रह को बिना किसी इंजन के घुमाता रहता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा संरक्षी बल नहीं है?
- A.घर्षण बल
- B.विद्युत बल
- C.गुरुत्वाकर्षण बल
- D.स्प्रिंग बल
उत्तर देखें
घर्षण असंरक्षी बल है, क्योंकि इसके द्वारा किया गया कार्य चले गए पथ पर निर्भर करता है और जो ऊर्जा यह लेता है वह ऊष्मा बनकर निकल जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब कोई प्रकाश किरण शून्येतर कोण पर वायु से जल में प्रवेश करती है, तो किरण
- A.अभिलंब की ओर मुड़ेगी
- B.अभिलंब से दूर मुड़ेगी
- C.सीधी रेखा में चलेगी
- D.विपरीत दिशा में परावर्तित होगी
उत्तर देखें
वायु से जल में जाने पर प्रकाश की चाल कम हो जाती है, इसलिए तिरछी पड़ने वाली किरण अभिलंब की ओर मुड़ जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाश वर्ष किसका मापक है?
- A.समय
- B.दूरी
- C.एक वर्ष में पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रकाश की कुल मात्रा
- D.एक वर्ष में पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रकाश की औसत तीव्रता
उत्तर देखें
प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश निर्वात में एक वर्ष में तय करता है। नाम में "वर्ष" होने के बावजूद यह लंबाई को मापता है, समय को नहीं।
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