विभवांतर का SI मात्रक ______ है।
- A.एम्पियर
- B.टेस्ला
- C.कूलॉम
- D.वोल्ट
सही उत्तर
D. वोल्ट
व्याख्या
सही उत्तर है D, वोल्ट। दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश को ले जाने में किया गया कार्य विभवांतर कहलाता है और इसका SI मात्रक वोल्ट है। V = W/Q, इसलिए 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम। इसे वोल्टमीटर से मापा जाता है, जिसे परिपथ के उस भाग के सिरों पर हमेशा समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। यह मात्रक इटली के वैज्ञानिक एलेसांद्रो वोल्टा के नाम पर है, जिन्होंने पहली विद्युत बैटरी, वोल्टीय पुंज, बनाई थी। भारत में घरों की बिजली 230 V की होती है, जबकि एक पेंसिल सेल 1.5 V देता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा का मात्रक है, जिसे श्रेणी क्रम में जुड़े एमीटर से मापते हैं। B गलत है क्योंकि टेस्ला चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (चुंबकीय फ्लक्स घनत्व) का मात्रक है। C गलत है क्योंकि कूलॉम विद्युत आवेश का मात्रक है; एक कूलॉम लगभग 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों का आवेश है। परीक्षा टिप: धारा = एम्पियर, आवेश = कूलॉम, विभवांतर = वोल्ट, प्रतिरोध = ओम, शक्ति = वाट, ऊर्जा = जूल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें‘विशिष्ट रोगवाहक - जनित रोग - रोगाणु के प्रकार’ के गलत समुच्चय का चयन कीजिए।
- A.एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु
- B.क्यूलेक्स - लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस - परजीवी
- C.एनोफ़िलीज़ - मलेरिया - परजीवी
- D.एडीस - डेंगू - विषाणु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु
व्याख्या
सही उत्तर है A, एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु। यह समुच्चय गलत है, क्योंकि चिकुनगुनिया जीवाणु से नहीं, बल्कि विषाणु, यानी चिकुनगुनिया वायरस से होता है। यह एडीस मच्छरों से फैलता है, यानी वही दिन में काटने वाले मच्छर जो डेंगू और ज़ीका भी फैलाते हैं, और इसमें तेज़ बुखार के साथ जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। यह नाम पूर्वी अफ्रीका की मकोंडे भाषा के एक शब्द से आया है, जिसका अर्थ है 'जो झुका दे', क्योंकि दर्द से मरीज़ झुककर चलने लगता है। एडीस कूलर, टायर, गमलों और टंकियों में जमा साफ पानी में पनपता है, इसीलिए मानसून के बाद डेंगू और चिकुनगुनिया के मामले बढ़ते हैं। विकल्प B सही समुच्चय है, क्योंकि क्यूलेक्स मच्छर लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस यानी हाथीपाँव फैलाता है, जो वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे परजीवी कृमियों से होता है। विकल्प C सही है, क्योंकि मादा एनोफिलीज़ मलेरिया फैलाती है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी प्लास्मोडियम से होता है। विकल्प D सही है, क्योंकि एडीस डेंगू भी फैलाता है, जो डेंगू वायरस से होता है। परीक्षा टिप: एडीस से डेंगू, चिकुनगुनिया और ज़ीका, तीनों विषाणु; एनोफिलीज़ से मलेरिया; क्यूलेक्स से फाइलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस।
निम्नलिखित में से किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है?
- A.प्रोटीन
- B.कार्बोहाइड्रेट
- C.वसा
- D.अश्रु ग्रन्थि
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रोटीन
व्याख्या
सही उत्तर है A, प्रोटीन। आँख का लेंस मुख्य रूप से पानी और क्रिस्टलिन नाम के विशेष प्रोटीनों से बना होता है, जो इतने व्यवस्थित क्रम में जमे रहते हैं कि लेंस पारदर्शी रहता है और प्रकाश सीधे रेटिना तक पहुँचता है। उम्र बढ़ने के साथ, और मधुमेह, पराबैंगनी प्रकाश, धूम्रपान या चोट से और जल्दी, ये प्रोटीन टूटकर आपस में गुच्छे बना लेते हैं। ये गुच्छे प्रकाश को बिखेर देते हैं, जिससे लेंस धुँधला हो जाता है और दिखना धुँधला, मंद और चौंधयुक्त हो जाता है। लेंस का यही धुँधलापन मोतियाबिन्द है, और यह भारत में अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसका इलाज एक छोटे ऑपरेशन से होता है, जिसमें धुँधला लेंस हटाकर कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस लगाया जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लेंस कार्बोहाइड्रेट में बदलाव से धुँधला नहीं होता, हालाँकि मधुमेह में रक्त शर्करा अधिक होने से प्रोटीन की क्षति तेज़ होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वसा लेंस की पारदर्शी संरचना नहीं बनाती। विकल्प D गलत है, क्योंकि अश्रु ग्रन्थि आँख को नम रखती है और उसका लेंस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: मोतियाबिन्द = प्रोटीन के गुच्छों से धुँधला लेंस; ग्लूकोमा = आँख के भीतर बढ़ा दबाव।
प्लास्मोडियम की प्रजाति जो घातक मलेरिया का कारण बनती है:
- A.विवैक्स
- B.फाल्सीपेरम
- C.ओवेल
- D.मलेरिये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फाल्सीपेरम
व्याख्या
सही उत्तर है B, फाल्सीपेरम। प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम घातक या सेरेब्रल मलेरिया पैदा करता है, जो इस रोग का सबसे खतरनाक रूप है। इससे संक्रमित लाल रक्त कोशिकाएँ चिपचिपी होकर मस्तिष्क और दूसरे अंगों की छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक देती हैं, जिससे इलाज में देर होने पर बेहोशी और मृत्यु तक हो सकती है। मलेरिया मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है; परजीवी पहले यकृत में और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ता है, और इन कोशिकाओं के फटने से ठंड लगकर तेज़ बुखार के दौर आते हैं। रोनाल्ड रॉस ने भारत में काम करते हुए 1897 में मच्छर से संबंध सिद्ध किया और 1902 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पी. विवैक्स सौम्य तृतीयक मलेरिया करता है, जो यकृत में छिपी अवस्थाओं से दोबारा लौट सकता है, पर कम ही जानलेवा होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पी. ओवेल मुख्यतः अफ्रीका में मिलने वाला हल्का तृतीयक मलेरिया करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पी. मलेरिये चतुर्थक मलेरिया करता है, जिसमें हर चौथे दिन बुखार आता है। परीक्षा टिप: फाल्सीपेरम = घातक; विवैक्स = सौम्य पर लौटने वाला; मादा एनोफिलीज़ = वाहक।
निम्न में से कौन से विटामिन्स वसा में घुलनशील हैं?
- A.B12 एवं D
- B.C एवं E
- C.A एवं C
- D.A एवं D
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. A एवं D
व्याख्या
सही उत्तर है D, A एवं D। विटामिन A, D, E और K वसा में घुलते हैं, जबकि B समूह और विटामिन C पानी में घुलते हैं। वसा में घुलनशील विटामिन भोजन की वसा के साथ अवशोषित होते हैं और यकृत तथा वसा ऊतकों में जमा रहते हैं, इसलिए शरीर इनका भंडार बना लेता है; इसी कारण इनकी अधिक मात्रा, खासकर गोलियों के रूप में A और D, नुकसान भी कर सकती है। अधिकांश जल में घुलनशील विटामिन बड़ी मात्रा में जमा नहीं होते, अतिरिक्त मात्रा मूत्र से बाहर निकल जाती है, इसलिए इन्हें रोज़ के भोजन से लेना पड़ता है। विटामिन A आँखों को स्वस्थ रखता है और इसकी कमी से रतौंधी होती है, जबकि विटामिन D धूप में त्वचा में बनता है और इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि D भले ही वसा में घुलनशील है, पर B12 जल में घुलनशील है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विटामिन C जल में घुलनशील है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें वसा में घुलनशील A के साथ जल में घुलनशील C जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: वसा में घुलनशील विटामिन 'ADEK' याद रखें; B समूह और C जल में घुलते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी मानव शरीर में सबसे छोटी मांसपेशी है?
- A.बाइसेप
- B.सार्टोरियस
- C.स्टेपीडियस
- D.ट्राइसेप
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्टेपीडियस
व्याख्या
सही उत्तर है C, स्टेपीडियस। लगभग 1 मिलीमीटर लंबी स्टेपीडियस मानव शरीर की सबसे छोटी कंकाल पेशी है। यह मध्य कर्ण में होती है और स्टेपीज से जुड़ी रहती है, जो स्वयं शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। जब बहुत तेज़ आवाज़ कान तक पहुँचती है, तो स्टेपीडियस सिकुड़कर स्टेपीज के कंपन को कम कर देती है और नाज़ुक आंतरिक कर्ण की रक्षा करती है; इसे ध्वनिक प्रतिवर्त कहते हैं। इसे चेहरे की तंत्रिका (फेशियल नर्व) नियंत्रित करती है, इसलिए उस तंत्रिका को चोट लगने पर सामान्य आवाज़ें भी बहुत तेज़ और चुभने वाली लग सकती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाइसेप्स ऊपरी बाँह के आगे की बड़ी पेशी है, जो कोहनी को मोड़ती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जाँघ पर तिरछी फैली सार्टोरियस शरीर की सबसे लंबी पेशी है, सबसे छोटी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊपरी बाँह के पीछे की ट्राइसेप्स कोहनी को सीधा करती है और एक बड़ी पेशी है। परीक्षा टिप: सबसे छोटी पेशी स्टेपीडियस, सबसे छोटी हड्डी स्टेपीज, सबसे लंबी पेशी सार्टोरियस, सबसे बड़ी पेशी ग्लूटियस मैक्सिमस।