उत्तर प्रदेश विधानसभा में कितने निर्वाचित सदस्य हैं?
- A.225
- B.325
- C.403
- D.425
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, 403 है। उत्तर प्रदेश विधानसभा का निर्वाचन 403 क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से होता है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी राज्य विधानसभा बनती है। अनुच्छेद 170 विधानसभा में अधिकतम 500 और न्यूनतम 60 सदस्यों की अनुमति देता है, इसलिए यह संख्या संवैधानिक सीमा के भीतर है।
विकल्प D, 425, 9 नवंबर 2000 से पहले की संख्या है, जब पर्वतीय जिलों को निकालकर उत्तरांचल, अब उत्तराखंड, बनाया गया था, और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा भटकाव है। विकल्प A और B का कोई आधार नहीं; 225 मध्य प्रदेश विधानसभा की संख्या के निकट है और 325 केवल विश्वसनीय दिखने वाला अंक है। इसके साथ दो तथ्य याद रखें: 2008 के परिसीमन के बाद 84 सीटें अनुसूचित जातियों और 2 अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं, तथा मनोनीत आंग्ल-भारतीय सीट जनवरी 2020 में समाप्त हो गई।
पूरा लेख पढ़ें: उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद: सीटें और शक्तियाँ
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंउत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्य संख्या कितनी है?
- A.75
- B.78
- C.100
- D.134
उत्तर देखें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 100 सदस्य हैं और यह भारतीय राज्यों में सबसे बड़ी विधान परिषद है। अनुच्छेद 171 कहता है कि परिषद में विधानसभा की संख्या के एक-तिहाई से अधिक और 40 से कम सदस्य नहीं होंगे, इसलिए 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए ऊपरी सीमा 134 बनती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य का कार्यकाल कितना होता है?
- A.चार वर्ष
- B.पाँच वर्ष
- C.छह वर्ष
- D.दो वर्ष
उत्तर देखें
विधान परिषद के सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और प्रत्येक दूसरे वर्ष एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं, इसलिए सदन अंशों में बदलता रहता है और पूरा सदन कभी विघटित नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विधान परिषद का सदस्य चुने जाने के लिए न्यूनतम आयु कितनी है?
- A.21 वर्ष
- B.25 वर्ष
- C.30 वर्ष
- D.35 वर्ष
उत्तर देखें
अनुच्छेद 173 राज्य विधानमंडल की सदस्यता की योग्यताएँ बताता है: व्यक्ति भारत का नागरिक हो और विधानसभा की सीट के लिए कम से कम 25 वर्ष तथा विधान परिषद की सीट के लिए कम से कम 30 वर्ष की आयु का हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश में धन विधेयक कहाँ पेश किया जा सकता है?
- A.विधानमंडल के किसी भी सदन में
- B.केवल विधानसभा में, राज्यपाल की सिफारिश पर
- C.केवल विधान परिषद में
- D.विधानसभा में, राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से
उत्तर देखें
अनुच्छेद 198 कहता है कि धन विधेयक विधान परिषद में पेश नहीं किया जाएगा, और अनुच्छेद 207 के अनुसार धन विधेयक या अनुच्छेद 199 में गिनाए विषयों वाले विधेयक को पेश करने से पहले राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विधानसभा से पारित साधारण विधेयक को उत्तर प्रदेश विधान परिषद अधिकतम कितने समय तक रोक सकती है?
- A.एक मास
- B.तीन मास
- C.चार मास
- D.छह मास
उत्तर देखें
अनुच्छेद 197 के अनुसार विधानसभा से आए साधारण विधेयक को विधान परिषद पहली बार अधिकतम तीन मास तक रोक सकती है।
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