तनु HCl के साथ अभिक्रिया करने वाली धातुओं का सही अभिक्रियाशीलता क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.Mg > Al > Zn > Fe
- B.Mg < Al < Zn < Fe
- C.Mg > Zn > Fe > Al
- D.Fe > Mg > Al > Zn
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, Mg > Al > Zn > Fe। सक्रियता श्रेणी में ये धातुएँ इसी क्रम में हैं, और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन निकालने की इनकी तीव्रता भी इसी क्रम में है।
सक्रियता श्रेणी इस प्रकार है: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au। तनु HCl के साथ मैग्नीशियम सबसे तेज़ी से अभिक्रिया करता है और हाइड्रोजन के बुलबुले तेज़ी से निकलते हैं; ऐलुमिनियम अपनी पतली सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत हटने के बाद तेज़ अभिक्रिया करता है; ज़िंक स्थिर गति से अभिक्रिया करता है, इसीलिए प्रयोगशाला में हाइड्रोजन बनाने में इसका प्रयोग होता है; और लोहा धीरे-धीरे अभिक्रिया करता है। हर बार धातु का क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस बनती है, जैसे Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂। हाइड्रोजन से नीचे स्थित ताँबा अभिक्रिया नहीं करता।
विकल्प B गलत है, क्योंकि यह सही क्रम को उलट देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐलुमिनियम ज़िंक और लोहे से अधिक सक्रिय है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इन चारों में लोहा सबसे कम सक्रिय है।
Exam tip: क्रम याद रखें: Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu; हाइड्रोजन से नीचे की धातुएँ तनु अम्ल से H₂ नहीं देतीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंक्वथनांकों में पर्याप्त अंतर वाले दो मिश्रणीय द्रवों के मिश्रण को अलग करने के लिए किस विधि का प्रयोग किया जाता है?
- A.निस्यंदन (फिल्ट्रेशन)
- B.विलायक निष्कर्षण
- C.अपकेंद्रण (सेंट्रीफ्यूजेशन)
- D.साधारण आसवन
उत्तर देखें
जो दो द्रव पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं पर अलग-अलग तापमान पर उबलते हैं, उन्हें मिश्रण गर्म करके और कम क्वथनांक वाले द्रव की वाष्प को पहले संघनित करके अलग किया जा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए 'ऊर्जा मुद्रा' है?
- A.ग्लूकोज़
- B.ATP
- C.ADP
- D.पाइरुविक अम्ल
उत्तर देखें
एडिनोसिन ट्राइफ़ॉस्फ़ेट अपने फ़ॉस्फ़ेट आबंधों में ऊर्जा संचित रखता है और कोशिका को जहाँ ज़रूरत हो वहाँ उसे मुक्त करता है, इसलिए इसे कोशिका की ऊर्जा मुद्रा कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लौह (आयरन) की कमी से क्या होता है?
- A.एनीमिया (रक्ताल्पता)
- B.स्कर्वी
- C.रिकेट्स
- D.हैज़ा
उत्तर देखें
हीमोग्लोबिन बनाने के लिए लौह ज़रूरी है, इसलिए लौह की कमी से हीमोग्लोबिन कम बनता है और रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता घट जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तरंगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माध्यम के कण तरंग की गति की दिशा में गति करते हैं, तो तरंग अनुदैर्ध्य तरंग कहलाती है। 2. यदि माध्यम के कण तरंग की गति की दिशा के लंबवत गति करते हैं, तो तरंग अनुप्रस्थ तरंग कहलाती है। 3. अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के आकार में परिवर्तन हो सकता है, जबकि अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के घनत्व में परिवर्तन होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन दोनों प्रकार की यांत्रिक तरंगों में कणों की गति का सही वर्णन करते हैं। अनुदैर्ध्य तरंग में, जैसे हवा में ध्वनि, कण उसी दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जिसमें तरंग चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कागज़ निर्माण में कच्चे माल का गोंद-निष्कासन (डीगमिंग) किसके द्वारा किया जाता है?
- A.सल्फ़्यूरिक अम्ल
- B.विरंजक चूर्ण
- C.कास्टिक सोडा
- D.नाइट्रिक अम्ल
उत्तर देखें
कागज़ बनाने में कच्चे वनस्पति पदार्थ को कास्टिक सोडा के साथ पकाया जाता है, जो सेल्यूलोज़ रेशों को आपस में बाँधने वाले गोंद, रेज़िन और लिग्निन को घोल देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →