स्वतंत्रता के बाद ऊपरी असम से पहली अंतरराष्ट्रीय माल खेप किस टर्मिनल से रवाना हुई?
- A.पांडू टर्मिनल, गुवाहाटी
- B.बोगीबील टर्मिनल, डिब्रूगढ़
- C.धुबरी टर्मिनल
- D.जोगीघोपा टर्मिनल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर बोगीबील टर्मिनल, डिब्रूगढ़ है। कुशल कोनवार टगबोट द्वारा धकेला जा रहा डीएलबी पटकाई बजरा 5 अक्टूबर 2026 को 540 मीट्रिक टन मेथनॉल लेकर बोगीबील से बांग्लादेश के लिए रवाना हुआ और वर्ष 1947 में देश के स्वतंत्र होने के बाद ऊपरी असम से किसी विदेशी बंदरगाह को भेजी गई यह पहली खेप है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पांडू वह स्थान है जहां जहाज मरम्मत सुविधा बनाई जा रही है और जहां से दिसंबर 2017 में धुबरी के लिए पहली बार सीमेंट भेजा गया था, जब इस जलमार्ग पर नियमित माल ढुलाई शुरू हुई; यह इस यात्रा का आरंभ बिंदु नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि धुबरी राष्ट्रीय जलमार्ग-2 के निचले सिरे पर है और बोगीबील के साथ उन दो स्थानों में से एक है जहां सीमा शुल्क एवं आव्रजन परिसर तैयार किया गया, वहां माल नहीं लादा गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि वहां से ऐसी कोई खेप नहीं भेजी गई। बोगीबील यात्री एवं मालवाहक टर्मिनल स्वयं फरवरी 2024 में खोला गया था और इसकी आधारशिला जुलाई 2023 में रखी गई थी।
पूरा लेख पढ़ें: बोगीबील से बांग्लादेश भेजी गई 540 टन मेथनॉल की पहली खेप
अभ्यास प्रश्न
ब्रह्मपुत्र नदी का कितना हिस्सा राष्ट्रीय जलमार्ग-2 घोषित किया गया है?
- A.768 किलोमीटर
- B.891 किलोमीटर
- C.1,300 किलोमीटर
- D.218 किलोमीटर
उत्तर देखें
सदिया से धुबरी तक ब्रह्मपुत्र का हिस्सा 891 किलोमीटर लंबा है और इसे 1988 में राष्ट्रीय जलमार्ग-2 घोषित किया गया था, हालांकि इस पर नियमित माल ढुलाई दिसंबर 2017 में ही शुरू हो सकी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बोगीबील से ढाका भेजा गया मेथनॉल किस कंपनी ने बनाया है?
- A.ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलिमर लिमिटेड
- B.असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड
- C.ऑयल इंडिया लिमिटेड
- D.नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड
उत्तर देखें
बोगीबील में लादा गया 540 मीट्रिक टन मेथनॉल इस सरकारी कंपनी ने अपने नामरूप संयंत्र में बनाया है और यह खेप ढाका के पांगाओन बंदरगाह के लिए रवाना हुई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ई1 या टीडीएम लिंक पर चल रहे मौजूदा पीओआई को आईपी आधारित इंटरकनेक्शन पर कितने समय में बदलना होगा?
- A.एक वर्ष
- B.दो वर्ष
- C.तीन वर्ष
- D.पांच वर्ष
उत्तर देखें
संशोधन विनियमों में कहा गया है कि नियम लागू होने के बाद स्थापित हर इंटरकनेक्शन आईपी आधारित होगा, और जो पीओआई अब भी ई1 या टीडीएम तकनीक पर काम कर रहे हैं उन्हें चरणबद्ध तरीके से तीन वर्ष के भीतर आईपी आधारित इंटरकनेक्शन में बदलना होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इंटरकनेक्शन शुल्क के विलंबित भुगतान पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा क्या है?
- A.आरबीआई रेपो दर में एक प्रतिशत जोड़कर
- B.एसबीआई की एक वर्षीय एमसीएलआर में दो प्रतिशत जोड़कर
- C.सालाना 18 प्रतिशत की निश्चित दर
- D.बैंक दर में तीन प्रतिशत जोड़कर
उत्तर देखें
एक नया प्रावधान इंटरकनेक्शन शुल्क और इंटरकनेक्शन उपयोग शुल्क के देर से भुगतान से निपटता है, जिसमें दोनों सेवा प्रदाता ब्याज दर आपस में तय कर सकते हैं, मगर वह इस मानक से ऊपर नहीं जा सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित नियमों के तहत इंटरकनेक्शन किस स्तर पर आ जाएगा?
- A.शॉर्ट डिस्टेंस चार्जिंग एरिया (एसडीसीए) स्तर
- B.लॉन्ग डिस्टेंस चार्जिंग एरिया (एलडीसीए) स्तर
- C.लाइसेंस्ड सर्विस एरिया (एलएसए) स्तर
- D.जिला स्तर
उत्तर देखें
संशोधन ट्रैफिक सौंपने और लेने की व्यवस्था को पुराने चार्जिंग एरिया वाले भूगोल से हटाकर लाइसेंस्ड सर्विस एरिया पर ले आता है, और इंटरकनेक्शन देने वाले तथा लेने वाले को आपसी सहमति से स्थान तय करने की छूट देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →