स्वामी दयानंद सरस्वती ने किससे प्रेरणा ली थी?
- A.पुराण
- B.वेद
- C.मध्यकालीन संत
- D.सूफ़ीवाद
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, वेद। स्वामी दयानंद सरस्वती वेदों को ज्ञान का एकमात्र सच्चा और अचूक स्रोत मानते थे और उनका आह्वान था "वेदों की ओर लौटो"। 1824 में गुजरात के टंकारा में मूल शंकर के नाम से जन्मे दयानंद ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की और अपने विचार हिंदी में लिखे ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश में रखे। वेदों के आधार पर उन्होंने मूर्ति पूजा, जन्म आधारित जाति, बाल विवाह और पुरोहितों के वर्चस्व का विरोध किया तथा विधवा पुनर्विवाह, स्त्री शिक्षा और शुद्धि आंदोलन का समर्थन किया। बाद में उनके अनुयायियों ने दयानंद एंग्लो-वैदिक (DAV) विद्यालय और महाविद्यालय खोले, जिनमें पहला 1886 में लाहौर में था। विकल्प A गलत है, क्योंकि दयानंद ने पुराणों को अस्वीकार किया और उन्हें मूर्ति पूजा व बाद के कर्मकांडों का स्रोत माना। विकल्प C गलत है, क्योंकि उनकी शिक्षा भक्ति परंपरा के मध्यकालीन संतों पर आधारित नहीं थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूफ़ीवाद इस्लाम की रहस्यवादी परंपरा है, जिसका उनके वैदिक सुधार से संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: दयानंद सरस्वती = आर्य समाज (1875), सत्यार्थ प्रकाश, "वेदों की ओर लौटो"।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें'(ब्रिटिश) सरकार के साथ (सभी) स्वैच्छिक संबंधों के त्याग' का आह्वान किसके दौरान किया गया था?
- A.असहयोग आंदोलन
- B.सविनय अवज्ञा आंदोलन
- C.भारत छोड़ो आंदोलन
- D.बंगाल विभाजन के विरुद्ध विरोध
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सितंबर 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन में पारित और दिसंबर 1920 के नागपुर अधिवेशन में पुष्ट कांग्रेस के असहयोग प्रस्ताव में ब्रिटिश सरकार के साथ सभी स्वैच्छिक संबंधों के त्याग का आह्वान किया गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय स्वतंत्रता की ओर ले जाने वाली निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए: 1. लखनऊ समझौता 2. सुभाष चंद्र बोस की भारत वापसी 3. क्रिप्स मिशन 4. बंबई में नौसेना विद्रोह नीचे दिए गए कूट से इन घटनाओं का कालानुक्रम (प्राचीनतम से नवीनतम) चुनिए:
- A.4, 3, 2, 1
- B.3, 4, 2, 1
- C.1, 2, 3, 4
- D.2, 1, 3, 4
उत्तर देखें
ये घटनाएं 1916 के लखनऊ समझौते से शुरू होकर 1920 और 1930 के दशक में सुभाष चंद्र बोस की भारत वापसी, 1942 के क्रिप्स मिशन और 1946 के नौसेना विद्रोह तक जाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →100 ईसा पूर्व - 200 ईसवी की अवधि में भारत के समुद्री व्यापार संबंधों के महत्वपूर्ण प्रमाण कोरोमंडल तट के निम्नलिखित में से किस स्थल से मिले हैं?
- A.अरिकामेडु
- B.ताम्रलिप्ति
- C.भरुकच्छ
- D.मुचिरी
उत्तर देखें
कोरोमंडल तट पर पुदुच्चेरी के पास स्थित अरिकामेडु से लगभग पहली सदी ईसा पूर्व से दूसरी सदी ईसवी के बीच रोमन जगत के साथ व्यापार के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कलकत्ता में महाकाली पाठशाला की संस्थापक कौन थीं?
- A.परम पूज्य माताजी महारानी तपस्विनी
- B.सिस्टर निवेदिता
- C.मैडम ब्लावात्स्की
- D.सरोजिनी नायडू
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माताजी तपस्विनी ने 1893 में कलकत्ता में महाकाली पाठशाला की स्थापना की, ताकि लड़कियों को भारतीय परंपरा पर आधारित शिक्षा मिल सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुगल काल के भारतीय-फ़ारसी स्रोतों में किसान को दर्शाने के लिए निम्नलिखित में से किन शब्दों का प्रयोग किया गया था? 1. रैयत 2. आसामी 3. मुज़ारियान 4. मजूर नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1, 2 और 3
- D.केवल 1, 3 और 4
उत्तर देखें
मुगल काल के स्रोतों में रैयत, मुज़ारियान और आसामी तीनों शब्द किसान के लिए आए हैं, जबकि मजूर का अर्थ श्रमिक है।
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