'(ब्रिटिश) सरकार के साथ (सभी) स्वैच्छिक संबंधों के त्याग' का आह्वान किसके दौरान किया गया था?
- A.असहयोग आंदोलन
- B.सविनय अवज्ञा आंदोलन
- C.भारत छोड़ो आंदोलन
- D.बंगाल विभाजन के विरुद्ध विरोध
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, असहयोग आंदोलन। सितंबर 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन में पारित और दिसंबर 1920 के नागपुर अधिवेशन में पुष्ट कांग्रेस के असहयोग प्रस्ताव में ब्रिटिश सरकार के साथ सभी स्वैच्छिक संबंधों के त्याग का आह्वान किया गया था। जलियांवाला बाग हत्याकांड और ख़िलाफ़त के प्रश्न के बाद महात्मा गांधी का तर्क था कि अंग्रेज़ी राज भारतीयों के सहयोग से ही टिका है। कार्यक्रम उपाधियों और मानद पदों के त्याग से शुरू होकर सरकारी विद्यालयों, कॉलेजों, अदालतों, विधान परिषदों और विदेशी कपड़े के बहिष्कार तक जाता था, और अंतिम चरण में कर न देना शामिल था। चौरी चौरा की हिंसा के बाद फ़रवरी 1922 में गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1930 का सविनय अवज्ञा आंदोलन दांडी में नमक कानून तोड़ने से शुरू होकर कानूनों को सक्रिय रूप से तोड़ने पर केंद्रित था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में "करो या मरो" के नारे के साथ अंग्रेज़ी राज की तुरंत समाप्ति मांगी गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1905 में बंगाल विभाजन का विरोध स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन था। परीक्षा टिप: असहयोग = कलकत्ता विशेष अधिवेशन और नागपुर, 1920; चौरी चौरा के बाद 1922 में वापस।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय स्वतंत्रता की ओर ले जाने वाली निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए: 1. लखनऊ समझौता 2. सुभाष चंद्र बोस की भारत वापसी 3. क्रिप्स मिशन 4. बंबई में नौसेना विद्रोह नीचे दिए गए कूट से इन घटनाओं का कालानुक्रम (प्राचीनतम से नवीनतम) चुनिए:
- A.4, 3, 2, 1
- B.3, 4, 2, 1
- C.1, 2, 3, 4
- D.2, 1, 3, 4
उत्तर देखें
ये घटनाएं 1916 के लखनऊ समझौते से शुरू होकर 1920 और 1930 के दशक में सुभाष चंद्र बोस की भारत वापसी, 1942 के क्रिप्स मिशन और 1946 के नौसेना विद्रोह तक जाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →100 ईसा पूर्व - 200 ईसवी की अवधि में भारत के समुद्री व्यापार संबंधों के महत्वपूर्ण प्रमाण कोरोमंडल तट के निम्नलिखित में से किस स्थल से मिले हैं?
- A.अरिकामेडु
- B.ताम्रलिप्ति
- C.भरुकच्छ
- D.मुचिरी
उत्तर देखें
कोरोमंडल तट पर पुदुच्चेरी के पास स्थित अरिकामेडु से लगभग पहली सदी ईसा पूर्व से दूसरी सदी ईसवी के बीच रोमन जगत के साथ व्यापार के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कलकत्ता में महाकाली पाठशाला की संस्थापक कौन थीं?
- A.परम पूज्य माताजी महारानी तपस्विनी
- B.सिस्टर निवेदिता
- C.मैडम ब्लावात्स्की
- D.सरोजिनी नायडू
उत्तर देखें
माताजी तपस्विनी ने 1893 में कलकत्ता में महाकाली पाठशाला की स्थापना की, ताकि लड़कियों को भारतीय परंपरा पर आधारित शिक्षा मिल सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वामी दयानंद सरस्वती ने किससे प्रेरणा ली थी?
- A.पुराण
- B.वेद
- C.मध्यकालीन संत
- D.सूफ़ीवाद
उत्तर देखें
स्वामी दयानंद सरस्वती वेदों को ज्ञान का एकमात्र सच्चा और अचूक स्रोत मानते थे और उनका आह्वान था "वेदों की ओर लौटो"।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुगल काल के भारतीय-फ़ारसी स्रोतों में किसान को दर्शाने के लिए निम्नलिखित में से किन शब्दों का प्रयोग किया गया था? 1. रैयत 2. आसामी 3. मुज़ारियान 4. मजूर नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1, 2 और 3
- D.केवल 1, 3 और 4
उत्तर देखें
मुगल काल के स्रोतों में रैयत, मुज़ारियान और आसामी तीनों शब्द किसान के लिए आए हैं, जबकि मजूर का अर्थ श्रमिक है।
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