संरक्षी बल द्वारा किया गया कार्य किसके बराबर होता है?
- A.स्थितिज ऊर्जा में कमी
- B.गतिज ऊर्जा में वृद्धि
- C.स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि
- D.गतिज ऊर्जा में कमी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. स्थितिज ऊर्जा में कमी
व्याख्या
सही उत्तर है A, स्थितिज ऊर्जा में कमी। संरक्षी बल वह है जिसका कार्य केवल आरंभ और अंत की स्थिति पर निर्भर करता है, रास्ते पर नहीं, और जिसका किसी बंद पथ पर कुल कार्य शून्य होता है। गुरुत्व बल और स्प्रिंग बल इसके सामान्य उदाहरण हैं। ऐसे बल के लिए स्थितिज ऊर्जा की परिभाषा ही यही है कि उसके द्वारा किया गया कार्य स्थितिज ऊर्जा की कमी के बराबर होता है। जब पत्थर गिरता है, गुरुत्व धनात्मक कार्य करता है और पत्थर की स्थितिज ऊर्जा उतनी ही घट जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह उल्टा कहता है; स्थितिज ऊर्जा तभी बढ़ती है जब बल के विरुद्ध कार्य किया जाए, जैसे पत्थर उठाने में। विकल्प B तभी सही होता है जब केवल वही संरक्षी बल लग रहा हो, इसलिए यह परिभाषा नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसे धनात्मक कार्य से गतिज ऊर्जा घटती नहीं, बढ़ती है। परीक्षा टिप: संरक्षी बल का कार्य = स्थितिज ऊर्जा में ह्रास, बंद पथ पर कार्य शून्य।