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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 18

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 18) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: कार्य, ऊर्जा और शक्ति, जंतु जगत: अकशेरुकी और कशेरुकी, प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 29 May 2022मध्यम

संरक्षी बल द्वारा किया गया कार्य किसके बराबर होता है?

  1. A.स्थितिज ऊर्जा में कमी
  2. B.गतिज ऊर्जा में वृद्धि
  3. C.स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि
  4. D.गतिज ऊर्जा में कमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्थितिज ऊर्जा में कमी

व्याख्या

सही उत्तर है A, स्थितिज ऊर्जा में कमी। संरक्षी बल वह है जिसका कार्य केवल आरंभ और अंत की स्थिति पर निर्भर करता है, रास्ते पर नहीं, और जिसका किसी बंद पथ पर कुल कार्य शून्य होता है। गुरुत्व बल और स्प्रिंग बल इसके सामान्य उदाहरण हैं। ऐसे बल के लिए स्थितिज ऊर्जा की परिभाषा ही यही है कि उसके द्वारा किया गया कार्य स्थितिज ऊर्जा की कमी के बराबर होता है। जब पत्थर गिरता है, गुरुत्व धनात्मक कार्य करता है और पत्थर की स्थितिज ऊर्जा उतनी ही घट जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह उल्टा कहता है; स्थितिज ऊर्जा तभी बढ़ती है जब बल के विरुद्ध कार्य किया जाए, जैसे पत्थर उठाने में। विकल्प B तभी सही होता है जब केवल वही संरक्षी बल लग रहा हो, इसलिए यह परिभाषा नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसे धनात्मक कार्य से गतिज ऊर्जा घटती नहीं, बढ़ती है। परीक्षा टिप: संरक्षी बल का कार्य = स्थितिज ऊर्जा में ह्रास, बंद पथ पर कार्य शून्य।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 19 March 2020, Shift 1आसान

किस संघ के जंतुओं के पैर संधियुक्त होते हैं?

  1. A.मोलस्का
  2. B.निमेटोडा
  3. C.आर्थ्रोपोडा
  4. D.इकाइनोडर्मेटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आर्थ्रोपोडा

व्याख्या

सही उत्तर है C, आर्थ्रोपोडा। नाम में ही उत्तर छिपा है - ग्रीक में आर्थ्रोस का अर्थ संधि और पोडोस का अर्थ पैर है, इसलिए आर्थ्रोपोडा वे जंतु हैं जिनके पैर संधियुक्त होते हैं। इनके शरीर पर काइटिन का कठोर बाह्य कंकाल होता है, शरीर खंडों में बँटा रहता है और परिसंचरण तंत्र खुला होता है। बढ़ने के लिए ये अपना कंकाल उतारते हैं, जिसे निर्मोचन कहते हैं। आर्थ्रोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसमें कीट, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा, झींगा, कनखजूरा आदि आते हैं; ज्ञात जंतु जातियों में लगभग अस्सी प्रतिशत इसी संघ की हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि घोंघा, ऑक्टोपस और सीपी जैसे मोलस्का का शरीर कोमल होता है, जिसमें पेशीय पाद और प्रायः कवच होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एस्केरिस जैसे निमेटोड बिना खंड वाले गोल कृमि हैं, जिनके पैर होते ही नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तारा मछली और समुद्री अर्चिन जैसे इकाइनोडर्म काँटेदार त्वचा वाले समुद्री जंतु हैं, जो नाल पाद से चलते हैं। परीक्षा टिप: आर्थ्रोपोडा सबसे बड़ा संघ, मोलस्का दूसरा सबसे बड़ा।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 14 Nov 2021आसान

विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाने वाली प्रकाश किरण:

  1. A.धीमी होती है और अभिलंब से दूर मुड़ती है
  2. B.धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है
  3. C.तेज होती है और अभिलंब से दूर मुड़ती है
  4. D.तेज होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है

व्याख्या

सही उत्तर B, वह धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है है। सघन माध्यम का अपवर्तनांक अधिक होता है, और अपवर्तनांक निर्वात में प्रकाश की चाल में माध्यम की चाल का भाग है, इसलिए उसके भीतर प्रकाश को धीमा चलना ही पड़ता है। जब किरण सतह पर तिरछी पड़ती है तो तरंगाग्र का जो भाग पहले प्रवेश करता है वही पहले धीमा होता है, जिससे किरण अभिलंब की ओर झुक जाती है। वायु से काँच और वायु से जल इसके मानक उदाहरण हैं।

विकल्प A में चाल का परिवर्तन सही है पर मुड़ने की दिशा गलत। विकल्प C उल्टी स्थिति का वर्णन करता है, जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाता है। विकल्प D में दोनों बातें गलत हैं। अभिलंब के अनुदिश पड़ने वाली किरण विशेष स्थिति है, जो बिना मुड़े निकल जाती है यद्यपि उसकी चाल तब भी बदलती है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निषेचित अंड, अर्थात युग्मनज, ________ में स्थापित होता है।

  1. A.गर्भाशय ग्रीवा
  2. B.अंडाशय
  3. C.योनि
  4. D.गर्भाशय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गर्भाशय

व्याख्या

सही उत्तर है D, गर्भाशय। युग्मनज फैलोपियन नलिका से नीचे आते हुए विभाजित होता रहता है और कोशिकाओं का यह पिंड गर्भाशय की मोटी आंतरिक परत में स्थापित हो जाता है।

निषेचन स्वयं फैलोपियन नलिका में होता है, जहाँ शुक्राणु अंडाणु से संयुग्मन कर युग्मनज बनाता है। बार-बार विभाजन से यह भ्रूण बनता है, जो लगभग एक सप्ताह में गर्भाशय तक पहुँचकर एंडोमेट्रियम यानी हार्मोन द्वारा तैयार कोमल भित्ति में धँस जाता है। वहीं प्लेसेंटा विकसित होता है, जो माता के रक्त से भ्रूण तक भोजन और ऑक्सीजन पहुँचाता है तथा अपशिष्ट बाहर ले जाता है। मनुष्य में गर्भावधि लगभग नौ माह की होती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय का सँकरा मुख है, जो योनि में खुलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंडाशय अंडाणु और हार्मोन बनाता है, भ्रूण धारण नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि योनि शुक्राणु ग्रहण करने वाला तथा प्रसव का मार्ग है।

परीक्षा टिप: निषेचन फैलोपियन नलिका में, स्थापन गर्भाशय में और पोषण प्लेसेंटा से।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019आसान

किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 50 हर्ट्ज और तरंगदैर्घ्य 4 मीटर है। यह तरंग 3 सेकंड में कितनी दूरी तय करेगी?

  1. A.100 मीटर
  2. B.600 मीटर
  3. C.200 मीटर
  4. D.300 मीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 600 मीटर

व्याख्या

सही उत्तर B, 600 मीटर है। तरंग की चाल उसकी आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य का गुणनफल होती है, इसलिए यहाँ चाल 50 हर्ट्ज गुणा 4 मीटर अर्थात 200 मीटर प्रति सेकंड है। दूरी बराबर चाल गुणा समय, इसलिए 3 सेकंड में तरंग 200 गुणा 3 अर्थात 600 मीटर चलेगी। ऐसे प्रश्नों में सदा पहले चाल निकालें और उसके बाद ही समय लगाएँ।

विकल्प A, 100 मीटर, तब आता है जब कहीं गुणा के स्थान पर भाग कर दिया जाए। विकल्प C, 200 मीटर, एक सेकंड में तय दूरी है, अर्थात चाल; यह पूछा गया उत्तर नहीं है। विकल्प D, 300 मीटर, किसी सही चरण से नहीं निकलता और केवल इसलिए दिया गया है कि यह वायु में ध्वनि की मोटी चाल जैसा लगता है, जो यहाँ अप्रासंगिक है क्योंकि चाल स्वयं आँकड़ों से निकल आती है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किनके संयोग से सोल्डर बनता है?

  1. A.सीसा और ताँबा
  2. B.टिन और लोहा
  3. C.सीसा और लोहा
  4. D.सीसा और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सीसा और टिन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सीसा और टिन। सोल्डर सीसा और टिन का मिश्रधातु है, जिसमें दोनों की मात्रा लगभग बराबर होती है।

मिश्रधातु किसी धातु के साथ एक या अधिक तत्वों का मिश्रण है, जिसे ऐसा गुण पाने के लिए बनाया जाता है जो शुद्ध धातु में नहीं होता। सोल्डर का महत्व इसलिए है कि यह मिश्रण सीसा या टिन दोनों से बहुत कम ताप पर पिघल जाता है, इसलिए यह सरलता से बहकर तारों और विद्युत जोड़ों को जोड़ने में काम आता है। परीक्षा में पूछी जाने वाली अन्य मिश्रधातुएँ हैं पीतल, जो ताँबा और जस्ता से बनता है, काँसा जो ताँबा और टिन से, स्टेनलेस स्टील जो लोहा, क्रोमियम और निकल से तथा जर्मन सिल्वर जो ताँबा, जस्ता और निकल से बनता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सीसा और ताँबा का मिश्रण सोल्डर नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि टिन और लोहे से टिन की परत चढ़ाई जाती है, जिससे डिब्बे बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और लोहा सोल्डर के रूप में प्रयुक्त नहीं होते।

परीक्षा टिप: सोल्डर = सीसा और टिन, कम गलनांक; पीतल = ताँबा और जस्ता, काँसा = ताँबा और टिन।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 26 Dec 2020मध्यम

स्थायी चुंबक प्रकार के यंत्र का उपयोग किया जा सकता है -

  1. A.केवल A.C. के लिए
  2. B.केवल D.C. के लिए
  3. C.आवेग राशियों के लिए
  4. D.A.C. और D.C. दोनों के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल D.C. के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल D.C. के लिए। स्थायी चुंबक चल कुंडली यंत्र में कुंडली स्थायी चुंबक के क्षेत्र में धुरी पर टिकी रहती है, इसलिए विक्षेपण बल आघूर्ण धारा के वर्ग के नहीं, बल्कि धारा के समानुपाती होता है। प्रत्यावर्ती धारा देने पर यह बल आघूर्ण हर अर्ध चक्र में दिशा बदल लेता है; सूचक एक सेकंड में पचास बार दिशा नहीं बदल सकता और शून्य पर ही ठहरा रहता है, क्योंकि पूरे चक्र में साइन तरंग का औसत मान शून्य होता है। इसी कारण ऐसा अमीटर या वोल्टमीटर केवल दिष्ट धारा मापता है, और प्रत्यावर्ती धारा मापनी हो तो उसके आगे दिष्टकारी लगाया जाता है। इसका स्केल समान विभाजन वाला होता है और यह बहुत कम शक्ति लेता है, इसलिए प्रयोगशाला का चल कुंडली धारामापी इसी प्रकार का होता है। विकल्प A और D इसी कारण गलत हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि आवेग कुछ माइक्रोसेकंड ही रहता है, जो कुंडली और सूचक के जड़त्व के लिए बहुत कम समय है। परीक्षा टिप: चल कुंडली केवल D.C. मापती है, चल लोह यंत्र A.C. और D.C. दोनों।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 3मध्यम

यूरिया, जो सामान्य रूप से प्रयोग किया जाने वाला नाइट्रोजन आधारित उर्वरक है, अमोनिया और ______ के बीच अभिक्रिया से बनाया जाता है।

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.ऑक्सीजन
  4. D.सल्फर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कार्बन डाइऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है A, कार्बन डाइऑक्साइड। औद्योगिक रूप से यूरिया अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की उच्च दबाव पर अभिक्रिया से बनाया जाता है।

यह अभिक्रिया दो चरणों में होती है: पहले अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड मिलकर अमोनियम कार्बामेट बनाते हैं, जो फिर एक जल अणु खोकर यूरिया देता है। इसका सूत्र CO(NH2)2 है और इसमें लगभग 46 प्रतिशत नाइट्रोजन होती है, जो सामान्य ठोस उर्वरकों में सबसे अधिक है; इसी कारण भारत में यह सबसे अधिक प्रयोग होने वाला नाइट्रोजन उर्वरक है। अमोनिया स्वयं हैबर-बॉश प्रक्रिया से बनती है। रसायन विज्ञान के इतिहास में यूरिया पहला कार्बनिक यौगिक है जिसे 1828 में फ्रेडरिक वोलर ने प्रयोगशाला में बनाया था।

B गलत है: अमोनिया स्वयं नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बनती है, हाइड्रोजन मिलाने से यूरिया नहीं बनता। C गलत है: अमोनिया और ऑक्सीजन से नाइट्रिक ऑक्साइड बनता है। D गलत है: अमोनिया और सल्फ्यूरिक अम्ल से अमोनियम सल्फेट बनता है, जो दूसरा उर्वरक है।

परीक्षा टिप: यूरिया - अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड, सूत्र CO(NH2)2, लगभग 46 प्रतिशत नाइट्रोजन।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 2आसान

12°C पर जल की भौतिक अवस्था क्या होती है?

  1. A.द्रव
  2. B.आयनिक
  3. C.गैस
  4. D.ठोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. द्रव

व्याख्या

सही उत्तर है A, द्रव। सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C से 100 °C के बीच द्रव अवस्था में रहता है और 12 °C इसी परास में आता है। एक वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C पर जमकर बर्फ़ बनता है, जो इसका गलनांक है, और 100 °C पर उबलकर भाप बनता है, जो इसका क्वथनांक है। इन दोनों स्थिर बिंदुओं के बीच अणुओं में इतनी ऊर्जा होती है कि वे एक-दूसरे पर फिसल सकें, पर इतनी नहीं कि अलग होकर उड़ जाएँ; इसीलिए जल बहता है और बर्तन का आकार ले लेता है, जबकि उसका आयतन निश्चित रहता है। 12 °C पर खुली सतह से जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है, पर यह केवल ऊपरी परत से होता है और नीचे के जल की अवस्था नहीं बदलती। विकल्प B गलत है, क्योंकि आयनिक पदार्थ की कोई अवस्था नहीं, बल्कि बंध का प्रकार है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जल 100 °C से ऊपर ही गैस बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जल 0 °C या उससे नीचे ही ठोस बनता है। परीक्षा टिप: जल के दो स्थिर बिंदु 0 °C और 100 °C याद रखें।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 5 Oct 2021, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  1. A.धातुओं के गलनांक उच्च होते हैं।
  2. B.धातुएँ ऊष्मा की सुचालक होती हैं।
  3. C.सीसा और पारा ऊष्मा के सर्वोत्तम चालक हैं।
  4. D.शुद्ध धातुओं की सतह चमकदार होती है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सीसा और पारा ऊष्मा के सर्वोत्तम चालक हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है C। वास्तव में सीसा और पारा धातुओं में ऊष्मा के सबसे खराब चालक हैं, इसलिए उन्हें सर्वोत्तम चालक कहना गलत है।

धातुएँ ऊष्मा और विद्युत का चालन अपने मुक्त इलेक्ट्रॉनों के कारण करती हैं, जो जालक में स्वतंत्र रूप से चलते हैं। ऊष्मा का सर्वोत्तम चालक चांदी है और उसके बाद तांबा, इसीलिए बरतन और ऊष्मा-सिंक तांबे तथा एल्युमिनियम के बनाए जाते हैं। सीसा और पारा इतना कमजोर चालन करते हैं कि उन्हें खराब धात्विक चालकों का उदाहरण माना जाता है।

विकल्प A सही कथन है, अधिकांश धातुएँ ऊँचे तापमान पर पिघलती हैं, जैसे टंगस्टन लगभग 3400 डिग्री सेल्सियस पर, हालाँकि गैलियम और सीजियम अपवाद हैं। विकल्प B सही है क्योंकि ऊष्मा का अच्छा चालन धातुओं का प्रमुख गुण है। विकल्प D भी सही है, ताजा कटी धातु की सतह चमकदार होती है और कलंकन ऑक्साइड की परत से होता है।

परीक्षा टिप: सर्वोत्तम चालक - चांदी, फिर तांबा; सबसे खराब धात्विक चालक - सीसा और पारा।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

यदि कोई सिलिकॉन डायोड 12 V आपूर्ति और 240 Ω प्रतिरोधक वाले परिपथ में अग्र अभिनति (फॉरवर्ड बायस) में कार्य कर रहा है, तो डायोड के सिरों पर वोल्टता पात कितना होगा?

  1. A.1.5 V
  2. B.6 V
  3. C.12 V
  4. D.0.7 V
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 0.7 V

व्याख्या

सही उत्तर है D, 0.7 V। अग्र अभिनति में सिलिकॉन डायोड के सिरों पर लगभग 0.7 वोल्ट का पात होता है, चाहे आपूर्ति वोल्टता कितनी भी हो। यह मान सिलिकॉन p-n संधि की अवरोध या नी वोल्टता कहलाता है। लगाई गई वोल्टता जब तक लगभग 0.7 वोल्ट पार नहीं करती, तब तक धारा नहीं बहती, और उसके बाद डायोड पर पात लगभग 0.7 वोल्ट ही बना रहता है, जबकि शेष वोल्टता प्रतिरोधक पर आ जाती है। यहाँ 12 वोल्ट में से 0.7 वोल्ट घटाने पर बचे 11.3 वोल्ट 240 ओम के प्रतिरोधक पर पड़ते हैं और परिपथ की धारा तय करते हैं। जर्मेनियम डायोड की नी वोल्टता लगभग 0.3 वोल्ट होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.5 वोल्ट शुष्क सेल की वोल्टता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आधी आपूर्ति डायोड पर तभी आती जब वह उतने ही मान के प्रतिरोधक जैसा व्यवहार करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पूरी 12 वोल्ट तब दिखती है जब डायोड उत्क्रम अभिनति में हो या परिपथ खुला हो। परीक्षा टिप: सिलिकॉन 0.7 वोल्ट, जर्मेनियम 0.3 वोल्ट।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2आसान

CH3CH2OH सूत्र वाले यौगिक का नाम क्या है?

  1. A.एथेनॉल
  2. B.एसिटिक अम्ल
  3. C.क्लोरोफॉर्म
  4. D.मीथेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एथेनॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, एथेनॉल। CH3CH2OH, जिसे C2H5OH भी लिखा जाता है, एथेनॉल या एथिल ऐल्कोहॉल है और यह ऐल्कोहॉल श्रेणी का दूसरा सदस्य है। कार्बन श्रृंखला से जुड़ा -OH समूह ही वह क्रियात्मक समूह है, जो इसे ऐल्कोहॉल बनाता है। एथेनॉल रंगहीन द्रव है, जिसका क्वथनांक लगभग 78 डिग्री सेल्सियस है, यह जल में हर अनुपात में घुल जाता है और मादक पेयों, दवाओं के विलायक तथा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में उपयोग होता है। जल रहित ऐल्कोहॉल को निरपेक्ष ऐल्कोहॉल कहते हैं, जबकि मेथेनॉल और रंग मिलाकर पीने योग्य न रह जाने वाले ऐल्कोहॉल को विकृत स्पिरिट कहा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि सिरके में पाया जाने वाला एसिटिक अम्ल CH3COOH है और इसमें -COOH समूह होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि क्लोरोफॉर्म CHCl3 है, जो पहले निश्चेतक के रूप में प्रयोग होता था। विकल्प D गलत है क्योंकि मीथेन CH4 है, जो सबसे सरल हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस का मुख्य भाग है। परीक्षा टिप: -OH का अर्थ ऐल्कोहॉल और -COOH का अर्थ कार्बोक्सिलिक अम्ल।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 4आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही मेल नहीं खाता है?

  1. A.टमाटर में उपस्थित अम्ल - फॉर्मिक अम्ल
  2. B.संतरे में उपस्थित अम्ल - सिट्रिक अम्ल
  3. C.अंगूर में उपस्थित अम्ल - टार्टरिक अम्ल
  4. D.बासी मक्खन में उपस्थित अम्ल - ब्यूटिरिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. टमाटर में उपस्थित अम्ल - फॉर्मिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है A, टमाटर में उपस्थित अम्ल - फॉर्मिक अम्ल। यह युग्म गलत है, क्योंकि टमाटर में ऑक्सैलिक अम्ल होता है, साथ में कुछ सिट्रिक और मैलिक अम्ल भी।

फॉर्मिक अम्ल या मेथेनोइक अम्ल चींटी और मधुमक्खी के डंक का अम्ल है, और इसका नाम चींटी के लैटिन शब्द से बना है। ऑक्सैलिक अम्ल टमाटर, पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियों में मिलता है। ऐसे प्रश्नों के लिए प्राकृतिक अम्लों को जोड़ों में याद रखना सबसे आसान है: नींबू और संतरे में सिट्रिक अम्ल, दही में लैक्टिक अम्ल, सिरके में एसिटिक अम्ल, सेब में मैलिक अम्ल और इमली में टार्टरिक अम्ल।

B सही मेल है, इसलिए उत्तर नहीं है: संतरे में सिट्रिक अम्ल ही होता है। C भी सही है, क्योंकि अंगूर और इमली में टार्टरिक अम्ल होता है। D भी सही है, क्योंकि बासी मक्खन की गंध ब्यूटिरिक अम्ल के कारण आती है।

परीक्षा टिप: टमाटर - ऑक्सैलिक अम्ल; चींटी का डंक - फॉर्मिक अम्ल; दोनों में भ्रम न करें।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022आसान

निम्नलिखित में से किस संदर्भ में 'क्यूबिट' शब्द का उल्लेख होता है?

  1. A.क्लाउड सेवाएँ
  2. B.क्वांटम कंप्यूटिंग
  3. C.दृश्य प्रकाश संचार प्रौद्योगिकियाँ
  4. D.वायरलेस संचार प्रौद्योगिकियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्वांटम कंप्यूटिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्वांटम कंप्यूटिंग। क्यूबिट, यानी क्वांटम बिट, क्वांटम कंप्यूटर में सूचना की मूल इकाई है। साधारण बिट केवल 0 या 1 हो सकता है, लेकिन क्यूबिट एक साथ 0 और 1 की अध्यारोपण (सुपरपोजिशन) अवस्था में रह सकता है, और क्यूबिट उलझे (एंटैंगल्ड) भी हो सकते हैं, जिससे एक की अवस्था दूसरे से जुड़ जाती है। इसी कारण क्यूबिट का समूह कई संभावनाओं को एक साथ परख सकता है, जिससे क्वांटम कंप्यूटर अणुओं का अनुकरण या कुछ प्रकार के कूटलेखन तोड़ने जैसी समस्याएँ सामान्य कंप्यूटरों से कहीं तेज हल कर सकते हैं। क्यूबिट अतिचालक परिपथों, फँसे आयनों या फोटॉनों से बनते हैं, और ज्यादातर को परम शून्य के पास ठंडा रखना पड़ता है। भारत 2023 में स्वीकृत राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रहा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि क्लाउड सेवाएँ साधारण बिट और सर्वर पर चलती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दृश्य प्रकाश संचार, यानी Li-Fi, LED प्रकाश से डेटा भेजता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायरलेस संचार रेडियो तरंगों का उपयोग करता है, क्यूबिट का नहीं। परीक्षा टिप: बिट यानी 0 या 1, क्यूबिट यानी अध्यारोपण और उलझाव।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 20 Oct 2021, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक जंतु शरीर में सुरक्षात्मक ऊतक है?

  1. A.पेशीय ऊतक
  2. B.तंत्रिका ऊतक
  3. C.उपकला ऊतक
  4. D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उपकला ऊतक

व्याख्या

सही उत्तर है C, उपकला ऊतक। उपकला ऊतक शरीर को ढकता है और अंगों का आंतरिक आस्तर बनाता है, इसलिए यही सुरक्षात्मक ऊतक है।

यह त्वचा की बाहरी परत तथा मुँह, आमाशय, आँत, रक्त वाहिकाओं और वृक्क नलिकाओं का आस्तर बनाता है। इसकी कोशिकाएँ बहुत सटी हुई होती हैं, उनके बीच लगभग कोई अंतरकोशिकीय पदार्थ नहीं होता और वे आधार झिल्ली पर टिकी रहती हैं। ये रोगाणुओं, चोट और जल की हानि के विरुद्ध अवरोध का काम करती हैं। उपकला ऊतक अवशोषण और स्रावण में भी भाग लेता है, इसीलिए ग्रंथियाँ इसी से बनी होती हैं। इसके प्रकार हैं - शल्की, घनाकार, स्तंभाकार, पक्ष्माभी और ग्रंथिल।

विकल्प A गलत है क्योंकि पेशीय ऊतक संकुचन से गति उत्पन्न करता है। विकल्प B गलत है, तंत्रिका ऊतक आवेगों का संचालन करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अस्थि, उपास्थि, रक्त और वसा जैसे संयोजी ऊतक अंगों को जोड़ते और सहारा देते हैं।

परीक्षा टिप: चार जंतु ऊतक - उपकला रक्षा, पेशीय गति, तंत्रिका संचालन, संयोजी सहारा।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 15 October 2022, Shift 1आसान

निमोनिया मानव शरीर के निम्नलिखित में से किस भाग को प्रभावित करता है?

  1. A.गुर्दा
  2. B.फेफड़े
  3. C.यकृत
  4. D.हृदय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फेफड़े

व्याख्या

सही उत्तर है B, फेफड़े। निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जिसमें कूपिकाएँ यानी वे नन्ही वायु थैलियाँ, जहाँ ऑक्सीजन रक्त में जाती है, तरल या मवाद से भर जाती हैं। इसी कारण रोगी को बलगम वाली खाँसी, ठंड के साथ बुखार, छाती में दर्द और साँस लेने में कठिनाई होती है, और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर गिर सकता है। यह प्रायः स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनी नामक जीवाणु से होता है, तथा अन्य जीवाणु, विषाणु और कवक भी इसका कारण बनते हैं; यह बूँदों से फैलता है और बच्चों तथा बुजुर्गों को सबसे अधिक प्रभावित करता है। न्यूमोकोकस और इन्फ्लुएंजा के टीके इससे बचाव देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुर्दे को नेफ्राइटिस और पथरी प्रभावित करती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यकृत को हेपेटाइटिस, पीलिया और सिरोसिस प्रभावित करते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि हृदय को आमवाती हृदय रोग जैसी बीमारियाँ प्रभावित करती हैं। परीक्षा टिप: निमोनिया और तपेदिक फेफड़े, हेपेटाइटिस यकृत, नेफ्राइटिस गुर्दा।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 30 Sept 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग परिपथ में विद्युत की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है?

  1. A.ओहममीटर
  2. B.वोल्टमीटर
  3. C.रिओस्टेट
  4. D.गैल्वेनोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गैल्वेनोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है D, गैल्वेनोमीटर। गैल्वेनोमीटर यह पता लगाता है कि परिपथ में धारा बह रही है या नहीं और उसकी दिशा भी बताता है, क्योंकि इसकी सुई बीच के शून्य से इधर या उधर घूमती है। यह धारावाही कुंडली पर चुंबकीय क्षेत्र के घूर्णन प्रभाव पर काम करता है और इतना संवेदनशील होता है कि बहुत कम धारा पर भी प्रतिक्रिया देता है, इसीलिए इसे मापने के बजाय पता लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसी उपकरण के समांतर कम प्रतिरोध का शंट जोड़ देने पर यह अमीटर बन जाता है और श्रेणीक्रम में अधिक प्रतिरोध जोड़ने पर वोल्टमीटर। विकल्प A गलत है, क्योंकि ओहममीटर प्रतिरोध मापता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वोल्टमीटर विभवांतर मापता है और समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रिओस्टेट परिवर्ती प्रतिरोध है, जो धारा घटाता-बढ़ाता है। परीक्षा टिप: गैल्वेनोमीटर पता लगाए, अमीटर श्रेणीक्रम में, वोल्टमीटर समांतर क्रम में।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 20 Sep 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया ठोस अशुद्धियों के शोधन के लिए उपयोगी नहीं है?

  1. A.आसवन
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.क्रिस्टलीकरण
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसवन

व्याख्या

सही उत्तर है A, आसवन। आसवन किसी द्रव को उबालकर और वाष्प को संघनित करके उसे विलयन या दूसरे द्रव से अलग करता है, इसलिए यह तभी काम आता है जब घटकों के क्वथनांक अलग हों, जैसे खारे पानी से शुद्ध पानी लेना या एसीटोन को पानी से अलग करना। ठोस अशुद्धियों वाले ठोस को शुद्ध करने की यह विधि नहीं है। विकल्प B उपयोगी है, क्योंकि ऊर्ध्वपातन उस ठोस को शुद्ध करता है जो गर्म करने पर सीधे वाष्प बन जाता है, जैसे कपूर, नेफ्थलीन, आयोडीन या अमोनियम क्लोराइड, और अवाष्पशील अशुद्धि पीछे रह जाती है। विकल्प C उपयोगी है, क्योंकि क्रिस्टलीकरण में ठोस को गर्म विलायक में घोलकर ठंडा करने पर शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं; फिटकरी, कॉपर सल्फेट और चीनी इसी तरह शुद्ध होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो विधियाँ ठोस को शुद्ध करती हैं। परीक्षा टिप: ठोस के लिए ऊर्ध्वपातन और क्रिस्टलीकरण, द्रव के लिए आसवन।

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