शुल्क कटौती के बाद खाद्य तेल कंपनियों से कौन से दो मूल्य तुरंत संशोधित करने को कहा गया?
- A.न्यूनतम समर्थन मूल्य और उचित एवं लाभकारी मूल्य
- B.वितरकों के लिए मूल्य और अधिकतम खुदरा मूल्य
- C.थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
- D.निर्गम मूल्य और केंद्रीय निर्गम मूल्य
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर वितरकों के लिए मूल्य और अधिकतम खुदरा मूल्य है, जिन्हें पीटीडी और एमआरपी कहा जाता है। खाद्य तेल संघों तथा उद्योग से जुड़े पक्षों को दिए गए परामर्श में कहा गया है कि घटी हुई लागत के अनुरूप इन दोनों को तुरंत नीचे लाएं और सदस्य कंपनियों को भी बिना देर किए ऐसा करने की सलाह दें, जिससे शुल्क कटौती का लाभ आपूर्ति श्रृंखला में ही न रुक जाए। विकल्प A में किसानों को फसल के लिए मिलने वाले मूल्य हैं, जो सरकार तय करती है और जिन्हें कोई शोधक या पैकर संशोधित नहीं करता। विकल्प C में दो मूल्य सूचकांक हैं, जो महंगाई मापते हैं, तय नहीं करते, इसलिए कोई कंपनी उन्हें बदल नहीं सकती। विकल्प D सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ा है, जो सस्ते अनाज की अलग व्यवस्था है।
पूरा लेख पढ़ें: कच्चे सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क शून्य, पाम-सोयाबीन पर 5%
अभ्यास प्रश्न
कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क घटाकर कितना कर दिया गया है?
- A.5%
- B.शून्य
- C.7.5%
- D.10%
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इस निर्णय में शामिल तेलों में कच्चा सूरजमुखी तेल ही एकमात्र ऐसा तेल है जिस पर मूल सीमा शुल्क पूरी तरह घटाकर शून्य किया गया, जबकि पहले यह 10% था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सरकार ने कच्चे और परिष्कृत खाद्य तेलों के बीच आयात शुल्क का कितना अंतर बनाए रखा है?
- A.8.25%
- B.13.75%
- C.19.25%
- D.22.50%
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कच्चे तेलों पर शुल्क घटाते समय सरकार ने संबंधित परिष्कृत तेलों पर भी शुल्क घटाया, लेकिन दोनों दरों के बीच की दूरी इसी स्तर पर बनी रहने दी, उसे सिकुड़ने नहीं दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रमुख खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती की घोषणा किस मंत्रालय ने की?
- A.वित्त मंत्रालय
- B.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
- C.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- D.उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
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यही मंत्रालय इसलिए सामने आता है क्योंकि इस कदम का घोषित उद्देश्य खाने के तेल की खुदरा कीमत को नरम करना और घर के बजट को आयातित महंगाई से बचाना है, जो उपभोक्ता मामलों तथा खाद्य वितरण के दायरे में आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?
- A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
- B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
- C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
- D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
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इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.गुजरात में दाहेज
- B.ओडिशा में पारादीप
- C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
- D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
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भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।
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