संतृप्त हाइड्रोकार्बनों का सामान्य सूत्र निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.CₙH₂ₙ₊₂
- B.CₙH₂ₙ₋₂
- C.CₙH₂ₙ₊₁
- D.CₙH₂ₙ₋₁
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, CₙH₂ₙ₊₂। खुली शृंखला वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन एल्केन हैं, और हर एल्केन CₙH₂ₙ₊₂ सूत्र में आता है।
संतृप्त हाइड्रोकार्बन में हर कार्बन परमाणु दूसरे परमाणुओं से केवल एकल बंधों से जुड़ा होता है, इसलिए प्रत्येक कार्बन अधिकतम संभव हाइड्रोजन परमाणु रखता है। n = 1 रखने पर मेथेन (CH₄), n = 2 पर एथेन (C₂H₆) और n = 3 पर प्रोपेन (C₃H₈) मिलता है। कम अभिक्रियाशील होने के कारण एल्केन को पैराफिन भी कहते हैं। असंतृप्त हाइड्रोकार्बनों में द्वि या त्रि बंध होते हैं, इसलिए उतने ही कार्बन के लिए हाइड्रोजन कम होते हैं।
B गलत है: CₙH₂ₙ₋₂ एल्काइन का सूत्र है, जैसे एथाइन (C₂H₂), जिनमें त्रि बंध होता है।
C गलत है: CₙH₂ₙ₊₁ स्थायी अणु नहीं बल्कि एल्किल समूह है, जैसे मेथिल (CH₃–), जो एल्केन से एक हाइड्रोजन हटाने पर बनता है।
D गलत है: CₙH₂ₙ₋₁ किसी हाइड्रोकार्बन श्रेणी का सूत्र नहीं है; यह विनाइल जैसे मूलक का है, संतृप्त यौगिक का नहीं।
परीक्षा टिप: एल्केन CₙH₂ₙ₊₂ (एकल बंध), एल्कीन CₙH₂ₙ (एक द्वि बंध), एल्काइन CₙH₂ₙ₋₂ (एक त्रि बंध)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयुग्मक संलयन (सिनगैमी) के परिणामस्वरूप किसका निर्माण होता है?
- A.अगुणित युग्मनज
- B.द्विगुणित युग्मनज
- C.अचल नर युग्मक
- D.चल नर युग्मक
उत्तर देखें
सिनगैमी नर और मादा युग्मक का संलयन है, और प्रत्येक युग्मक अगुणित होने के कारण उनके मेल से द्विगुणित युग्मनज बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव इंसुलिन अणु 21 अमीनो अम्लों वाली एक α-शृंखला और 30 अमीनो अम्लों वाली एक β-शृंखला से बना होता है। वयस्क मनुष्यों में कितने कार्यशील इंसुलिन जीन पाए जाते हैं?
- A.एक
- B.दो
- C.तीन
- D.चार
उत्तर देखें
मनुष्य में केवल एक कार्यशील इंसुलिन जीन, INS, गुणसूत्र 11 की छोटी भुजा पर होता है, और इंसुलिन की दोनों शृंखलाएँ इसी से बनती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक नैनोमीटर का मान है?
- A.10⁻⁷ cm
- B.10⁻⁶ cm
- C.10⁻⁴ cm
- D.10⁻³ cm
उत्तर देखें
एक नैनोमीटर 10⁻⁹ मीटर होता है, और एक मीटर में 100 (10²) सेंटीमीटर होते हैं, इसलिए यह 10⁻⁷ सेंटीमीटर के बराबर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक महामारी रोग नहीं है?
- A.हैजा
- B.मलेरिया
- C.चेचक
- D.फ़ीलपाँव (एलिफ़ेंटियासिस)
उत्तर देखें
फ़ीलपाँव, यानी लसीका फ़ाइलेरिया, एक स्थानिक रोग है: यह कुछ क्षेत्रों में लगातार बना रहता है और वर्षों में धीरे-धीरे विकसित होता है, अचानक बहुत लोगों में नहीं फैलता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी स्प्रिंग के बल नियतांक k का मात्रक है
- A.N-m
- B.N/m
- C.N-m²
- D.N/m²
उत्तर देखें
स्प्रिंग नियतांक बल को विस्तार से भाग देने पर मिलता है, इसलिए इसका SI मात्रक न्यूटन प्रति मीटर है। हुक का नियम कहता है कि प्रत्यास्थता सीमा के भीतर स्प्रिंग का प्रत्यानयन बल उसके खिंचाव या संपीडन के अनुपाती होता है: F = −kx।
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