सामान्य श्वसन के दौरान मानव फेफड़ों द्वारा अंदर ली गई और बाहर छोड़ी गई वायु की मात्रा को क्या कहते हैं?
- A.जैव क्षमता
- B.ज्वारीय आयतन
- C.अंतःश्वसन आयतन
- D.कुल फेफड़ा क्षमता
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, ज्वारीय आयतन। एक सामान्य, शांत साँस में अंदर ली गई या बाहर छोड़ी गई वायु का आयतन ज्वारीय आयतन है, जो स्वस्थ वयस्क में लगभग 500 mL होता है।
फेफड़ों के आयतन स्पाइरोमीटर से मापे जाते हैं। ज्वारीय आयतन के अलावा व्यक्ति ज़ोर लगाकर लगभग 2,500 से 3,000 mL अधिक वायु अंदर ले सकता है (अंतःश्वसन आरक्षित आयतन) और लगभग 1,000 से 1,100 mL अधिक बाहर निकाल सकता है (निःश्वसन आरक्षित आयतन)। सबसे ज़ोरदार निःश्वसन के बाद भी लगभग 1,100 से 1,200 mL वायु फेफड़ों में बची रहती है; इसे अवशिष्ट आयतन कहते हैं। प्रति मिनट 12 से 16 साँसों पर आराम कर रहा वयस्क लगभग 6 से 8 लीटर वायु प्रति मिनट लेता-छोड़ता है।
A गलत है, क्योंकि जैव क्षमता सबसे गहरी साँस लेने के बाद बाहर निकाली जा सकने वाली अधिकतम वायु है, लगभग 3,500 से 4,600 mL। C गलत है, क्योंकि अंतःश्वसन आयतन ज़ोर लगाकर ली गई अतिरिक्त वायु को दर्शाता है, सामान्य साँस को नहीं। D गलत है, क्योंकि कुल फेफड़ा क्षमता सबसे गहरी साँस के बाद फेफड़ों में भरी पूरी वायु है, जिसमें अवशिष्ट आयतन भी शामिल है।
Exam tip: ज्वारीय आयतन लगभग 500 mL; जैव क्षमता = ज्वारीय + अंतःश्वसन आरक्षित + निःश्वसन आरक्षित; कुल क्षमता = जैव क्षमता + अवशिष्ट आयतन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंध्वनि के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.ध्वनि प्रकाश की चाल से धीमी चाल से चलती है
- B.ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं
- C.ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें हैं
- D.ध्वनि शुष्क वायु की अपेक्षा नम वायु में तेज़ चलती है
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंगों के रूप में चलती है, अनुप्रस्थ तरंगों के रूप में नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →25 सेमी फोकस दूरी वाले लेंस की क्षमता है
- A.+2.5 डायोप्टर
- B.+3 डायोप्टर
- C.+4 डायोप्टर
- D.+5 डायोप्टर
उत्तर देखें
क्षमता मीटर में फोकस दूरी का व्युत्क्रम होती है, इसलिए P = 1 ÷ 0.25 m = +4 D। लेंस की क्षमता बताती है कि वह प्रकाश को कितनी तीव्रता से अभिसरित या अपसरित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस युक्ति में प्रकाश ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदलती है?
- A.प्रकाश उत्सर्जक डायोड
- B.लेज़र डायोड
- C.सौर सेल
- D.ट्रांजिस्टर
उत्तर देखें
सौर सेल प्रकाश-वोल्टीय प्रभाव के द्वारा सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को सीधे बिजली में बदलता है। सौर सेल एक बड़ा p-n संधि होता है, जो प्रायः सिलिकॉन से बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ही पदार्थ के समान लंबाई और समान व्यास वाले दो चालक तारों को एक ही विभवांतर पर पहले समानांतर क्रम में और फिर श्रेणी क्रम में परिपथ में जोड़ा जाता है। समानांतर और श्रेणी संयोजनों में उत्पन्न ऊष्मा का अनुपात है
- A.2:1
- B.4:1
- C.1:2
- D.1:4
उत्तर देखें
समान वोल्टता पर ऊष्मा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और समानांतर प्रतिरोध श्रेणी प्रतिरोध का एक-चौथाई होता है। दोनों तार एक जैसे हैं, इसलिए प्रत्येक का प्रतिरोध R है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव नेत्र में कॉर्निया
- A.प्रकाश-संवेदी पर्दा है।
- B.एक पेशीय डायफ्राम है।
- C.में रक्त वाहिकाएँ होती हैं।
- D.प्रोटीन और कोशिकाओं से बना होता है।
उत्तर देखें
कॉर्निया कोशिकाओं और प्रोटीन, मुख्यतः नियमित ढंग से सजे कोलेजन तंतुओं, से बनी पारदर्शी परत है, और यही व्यवस्था उसे पारदर्शी रखती है।
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