मानव नेत्र में कॉर्निया
- A.प्रकाश-संवेदी पर्दा है।
- B.एक पेशीय डायफ्राम है।
- C.में रक्त वाहिकाएँ होती हैं।
- D.प्रोटीन और कोशिकाओं से बना होता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, प्रोटीन और कोशिकाओं से बना होता है। कॉर्निया कोशिकाओं और प्रोटीन, मुख्यतः नियमित ढंग से सजे कोलेजन तंतुओं, से बनी पारदर्शी परत है, और यही व्यवस्था उसे पारदर्शी रखती है।
कॉर्निया आँख का पारदर्शी, गुंबदाकार अगला भाग है जो परितारिका और पुतली को ढकता है। प्रकाश इसी से आँख में प्रवेश करता है, और प्रकाश का अधिकांश अपवर्तन यहीं होता है, पीछे के लेंस से भी अधिक। इसमें रक्त वाहिकाएँ नहीं होतीं; यह ऑक्सीजन हवा से और पोषण आँसुओं व नेत्रोद (एक्वस ह्यूमर) से लेता है। रक्त आपूर्ति न होने के कारण दान किया गया कॉर्निया शायद ही अस्वीकार होता है, इसलिए कॉर्निया प्रत्यारोपण सबसे सफल प्रत्यारोपणों में गिना जाता है।
A गलत है, क्योंकि आँख का प्रकाश-संवेदी पर्दा रेटिना है, जिसमें शलाकाएँ और शंकु होते हैं। B गलत है, क्योंकि पुतली का आकार नियंत्रित करने वाला पेशीय डायफ्राम परितारिका है। C गलत है, क्योंकि कॉर्निया में कोई रक्त वाहिका नहीं होती।
Exam tip: कॉर्निया सबसे अधिक अपवर्तन करता है और उसमें रक्त वाहिकाएँ नहीं; परितारिका पुतली को नियंत्रित करती है; रेटिना पर्दा है; नेत्रदान यानी कॉर्निया दान।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंध्वनि के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.ध्वनि प्रकाश की चाल से धीमी चाल से चलती है
- B.ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं
- C.ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें हैं
- D.ध्वनि शुष्क वायु की अपेक्षा नम वायु में तेज़ चलती है
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंगों के रूप में चलती है, अनुप्रस्थ तरंगों के रूप में नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →25 सेमी फोकस दूरी वाले लेंस की क्षमता है
- A.+2.5 डायोप्टर
- B.+3 डायोप्टर
- C.+4 डायोप्टर
- D.+5 डायोप्टर
उत्तर देखें
क्षमता मीटर में फोकस दूरी का व्युत्क्रम होती है, इसलिए P = 1 ÷ 0.25 m = +4 D। लेंस की क्षमता बताती है कि वह प्रकाश को कितनी तीव्रता से अभिसरित या अपसरित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस युक्ति में प्रकाश ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदलती है?
- A.प्रकाश उत्सर्जक डायोड
- B.लेज़र डायोड
- C.सौर सेल
- D.ट्रांजिस्टर
उत्तर देखें
सौर सेल प्रकाश-वोल्टीय प्रभाव के द्वारा सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को सीधे बिजली में बदलता है। सौर सेल एक बड़ा p-n संधि होता है, जो प्रायः सिलिकॉन से बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ही पदार्थ के समान लंबाई और समान व्यास वाले दो चालक तारों को एक ही विभवांतर पर पहले समानांतर क्रम में और फिर श्रेणी क्रम में परिपथ में जोड़ा जाता है। समानांतर और श्रेणी संयोजनों में उत्पन्न ऊष्मा का अनुपात है
- A.2:1
- B.4:1
- C.1:2
- D.1:4
उत्तर देखें
समान वोल्टता पर ऊष्मा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और समानांतर प्रतिरोध श्रेणी प्रतिरोध का एक-चौथाई होता है। दोनों तार एक जैसे हैं, इसलिए प्रत्येक का प्रतिरोध R है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सामान्य श्वसन के दौरान मानव फेफड़ों द्वारा अंदर ली गई और बाहर छोड़ी गई वायु की मात्रा को क्या कहते हैं?
- A.जैव क्षमता
- B.ज्वारीय आयतन
- C.अंतःश्वसन आयतन
- D.कुल फेफड़ा क्षमता
उत्तर देखें
एक सामान्य, शांत साँस में अंदर ली गई या बाहर छोड़ी गई वायु का आयतन ज्वारीय आयतन है, जो स्वस्थ वयस्क में लगभग 500 mL होता है।
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