राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना किस कानून के अंतर्गत की गई थी?
- A.मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
- B.मानवाधिकार संरक्षण और कार्यान्वयन अधिनियम, 1993
- C.मानवाधिकार अधिनियम, 1993
- D.मानवाधिकार आयोग अधिनियम, 1993
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993। एनएचआरसी एक वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को इसी अधिनियम के तहत हुई; संसद ने इसे सितंबर 1993 के अध्यादेश के बाद पारित किया।
यह आयोग संविधान से नहीं, बल्कि संसद के कानून से बना है, इसलिए यह संवैधानिक नहीं, वैधानिक निकाय है। इसी अधिनियम में राज्य मानवाधिकार आयोगों और जिलों में मानवाधिकार न्यायालयों का भी प्रावधान है। इसका अध्यक्ष भारत का पूर्व मुख्य न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय का पूर्व न्यायाधीश होता है, जिसे प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं। आयोग मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच करता है, पर उसकी सिफारिशें बाध्यकारी नहीं होतीं।
B गलत है: 'मानवाधिकार संरक्षण और कार्यान्वयन अधिनियम' नाम का कोई कानून नहीं है।
C गलत है: ह्यूमन राइट्स एक्ट ब्रिटेन का 1998 का कानून है, भारत का नहीं।
D गलत है: मानवाधिकार आयोग अधिनियम नाम का कोई कानून नहीं; आयोग 1993 के मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम से बना है।
Exam tip: एनएचआरसी वैधानिक है: मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993, स्थापना 12 अक्टूबर 1993।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमहिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर अभिसमय (CEDAW) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. यह अभिसमय संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग के तीस से अधिक वर्षों के कार्य का परिणाम था। 2. यह अभिसमय महिलाओं के प्रजनन अधिकारों पर विशेष ध्यान देता है। 3. इस अभिसमय के कार्यान्वयन की निगरानी मानवाधिकार समिति करती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
CEDAW महिला स्थिति आयोग के काम से निकला और प्रजनन अधिकारों की बात करता है, पर इसकी निगरानी के लिए अपनी अलग समिति है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों से निकले भारत के संविधान के 'मूल लक्षणों' में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? 1. न्याय तक प्रभावी पहुँच 2. विधि का शासन 3. अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संशोधन शक्ति पर सीमाएँ नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सर्वोच्च न्यायालय ने तीनों को उन मूल लक्षणों में गिना है जिन्हें संसद नष्ट नहीं कर सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी राज्य का राज्यपाल विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग कब कर सकता है? 1. जब वह मंत्रिपरिषद की सलाह से सहमत न हो 2. जब संविधान कुछ मामलों में उसे अपने विवेक से कार्य करने की अपेक्षा करता हो 3. जब उसे किसी निकटवर्ती केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासक नियुक्त किया गया हो नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
राज्यपाल केवल वहीं विवेक से काम करता है जहाँ संविधान अनुमति देता है, और इसमें निकटवर्ती केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन भी शामिल है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में संघीय व्यवस्था की प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. चूँकि संघ के गठन से पहले राज्यों का स्वतंत्र अस्तित्व था, इसलिए भारत के संविधान ने संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान की तरह 'राज्यों के अधिकारों' की रक्षा के लिए सुरक्षा उपाय किए। 2. संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान में अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों के पास हैं, जबकि भारत के संविधान में ये संघ के पास हैं। 3. अवशिष्ट शक्तियाँ सौंपने में भारत के संविधान ने आयरलैंड के संविधान का अनुसरण किया है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
केवल अवशिष्ट शक्तियों के स्थान से जुड़ा कथन सही है। अमेरिकी संघ पहले से मौजूद राज्यों के आपसी समझौते से बना था, इसलिए वहाँ का संविधान 'राज्यों के अधिकारों' की रक्षा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. प्रत्येक विधायक (MLA) के मत का मूल्य राज्य-दर-राज्य भिन्न होता है। 2. लोकसभा के सांसदों के मत का मूल्य राज्यसभा के सांसदों के मत के मूल्य से अधिक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
विधायक के मत का मूल्य राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करता है, पर किसी भी सदन के हर निर्वाचित सांसद के मत का मूल्य एक जैसा होता है।
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