राज्यसभा में सीटों की संख्या के आधार पर निम्नलिखित में से सबसे बड़ा राज्य कौन-सा है?
- A.आंध्र प्रदेश
- B.बिहार
- C.राजस्थान
- D.कर्नाटक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, बिहार। दिए गए चार राज्यों में बिहार की राज्यसभा में सबसे अधिक, 16 सीटें हैं।
राज्यसभा में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सीटें संविधान की चौथी अनुसूची द्वारा, मोटे तौर पर जनसंख्या के अनुपात में, दी जाती हैं। सदस्य प्रत्येक राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से चुने जाते हैं। सदन में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश का है, 31 सीटें, फिर महाराष्ट्र 19 और तमिलनाडु 18, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल की 16-16 सीटें हैं। 2000 में झारखंड बनने तक बिहार की 22 सीटें थीं।
A गलत है, क्योंकि 7 सीटों वाले तेलंगाना के अलग होने के बाद आंध्र प्रदेश की 11 सीटें हैं। C गलत है, क्योंकि राजस्थान की केवल 10 सीटें हैं। D गलत है, क्योंकि कर्नाटक की 12 सीटें हैं, जो बिहार की 16 से कम हैं।
परीक्षा टिप: राज्यसभा सीटें चौथी अनुसूची में तय हैं; उ.प्र. 31, महाराष्ट्र 19, तमिलनाडु 18, बिहार 16।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान का अनुच्छेद 231 दो या अधिक राज्यों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय स्थापित करने की शक्ति किसे देता है?
- A.संसद को
- B.सर्वोच्च न्यायालय को
- C.भारत के राष्ट्रपति को
- D.केंद्रीय मंत्रिमंडल को
उत्तर देखें
अनुच्छेद 231 के अंतर्गत संसद कानून बनाकर दो या अधिक राज्यों के लिए, या दो या अधिक राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के लिए, एक साझा उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 12 में परिभाषित 'राज्य' शब्द का सही अर्थ निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.इसका अर्थ केवल भारत सरकार है।
- B.इसका अर्थ केवल भारत सरकार और भारत की संसद है।
- C.इसका अर्थ केवल भारत सरकार, भारत की संसद तथा प्रत्येक राज्य की सरकार और विधानमंडल है।
- D.इसका अर्थ भारत सरकार, भारत की संसद, प्रत्येक राज्य की सरकार और विधानमंडल तथा भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी स्थानीय या अन्य प्राधिकारी हैं।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 12 के अनुसार राज्य में भारत सरकार और संसद, प्रत्येक राज्य की सरकार और विधानमंडल, तथा भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर या भारत सरकार के नियंत्रण में सभी स्थानीय और अन्य प्राधिकारी शामिल हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी समिति भारत में पंचायती राज संस्थाओं के विकेंद्रीकरण से संबंधित नहीं है?
- A.बलवंत राय मेहता समिति
- B.अशोक मेहता समिति
- C.एल. एम. सिंघवी समिति
- D.अभिजीत सेन समिति
उत्तर देखें
अभिजीत सेन समिति का संबंध कृषि अर्थशास्त्र से था, स्थानीय स्वशासन से नहीं। इसकी प्रमुख रिपोर्टें 2002 में दीर्घकालीन खाद्यान्न नीति पर और 2008 में इस प्रश्न पर थीं कि क्या वायदा कारोबार से कृषि कीमतें बढ़ीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भारत के संविधान के अनुसार, केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि वह राज्यों की आंतरिक अशांति से रक्षा करे। 2. भारत का संविधान राज्यों को निवारक निरोध में रखे गए व्यक्ति को विधिक परामर्शदाता उपलब्ध कराने से छूट देता है। 3. आतंकवाद निवारण अधिनियम, 2002 के अनुसार, पुलिस के समक्ष अभियुक्त की संस्वीकृति को साक्ष्य के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.सभी तीन
- D.कोई भी नहीं
उत्तर देखें
कथन 1 और 2 सही हैं, जबकि कथन 3 गलत है। अनुच्छेद 355 के अनुसार संघ का कर्तव्य है कि वह हर राज्य की बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से रक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि राज्य की सरकार संविधान के अनुसार चले, इसलिए कथन 1 सही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसने सुझाव दिया था कि राज्यपाल राज्य के बाहर का कोई प्रख्यात व्यक्ति होना चाहिए और ऐसा तटस्थ व्यक्ति होना चाहिए जिसके गहरे राजनीतिक संबंध न हों अथवा जिसने हाल के अतीत में राजनीति में भाग न लिया हो?
- A.प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966)
- B.राजमन्नार समिति (1969)
- C.सरकारिया आयोग (1983)
- D.संविधान के कामकाज की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग (2000)
उत्तर देखें
केंद्र-राज्य संबंधों पर बने सरकारिया आयोग ने राज्यपाल चुनने के लिए यही गुण बताए थे। केंद्र सरकार ने यह आयोग 1983 में न्यायमूर्ति आर.एस. सरकारिया की अध्यक्षता में बनाया और इसकी रिपोर्ट 1988 में आई।
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