प्रकाश ऊर्जा का ऑप्टिकल फाइबर में संचरण निम्नांकित घटना के अनुप्रयोग द्वारा किया जाता है
- A.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
- B.विवर्तन
- C.प्रकीर्णन
- D.अपवर्तन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, पूर्ण आंतरिक परावर्तन। सघन से विरल माध्यम में जाता प्रकाश जब सीमा पर क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर टकराता है, तो बाहर निकलने के बजाय पूरा वापस परावर्तित हो जाता है। ऑप्टिकल फाइबर इसी सिद्धांत पर काम करता है। इसमें अधिक अपवर्तनांक वाले काँच या प्लास्टिक का पतला कोर होता है, जिस पर कम अपवर्तनांक वाली परत (क्लैडिंग) चढ़ी रहती है, इसलिए एक सिरे से घुसा प्रकाश बार-बार परावर्तित होकर मोड़ों पर भी बहुत कम हानि के साथ दूर तक पहुँचता है। इसी से इंटरनेट और टेलीफ़ोन के संकेत जाते हैं और एंडोस्कोप से शरीर के भीतर देखा जाता है। भारतीय मूल के भौतिक विज्ञानी नरिंदर सिंह कपानी को फाइबर ऑप्टिक्स का जनक कहा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विवर्तन छोटी बाधाओं के किनारों या पतली झिरी से प्रकाश का मुड़ना है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रकीर्णन प्रकाश को कई दिशाओं में बिखेरता है, जिससे आकाश नीला दिखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अपवर्तन केवल नए माध्यम में जाते समय प्रकाश का मुड़ना है, जबकि फाइबर प्रकाश को बाहर निकलने से रोककर काम करता है। परीक्षा टिप: ऑप्टिकल फाइबर, मरीचिका और हीरे की चमक, तीनों पूर्ण आंतरिक परावर्तन से।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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