निम्नलिखित में से किसने वह रिट याचिका दायर की थी जिसके परिणामस्वरूप भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता देने वाला प्रसिद्ध निर्णय दिया?
- A.न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती
- B.न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन
- C.न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टस्वामी
- D.न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टस्वामी। कर्नाटक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के. एस. पुट्टस्वामी ने 2012 में आधार योजना को चुनौती दी थी, और उनकी याचिका से 2017 का वह निर्णय आया जिसमें निजता को मौलिक अधिकार माना गया।
न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ मामले में 24 अगस्त 2017 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अभिन्न अंग है और भाग III की स्वतंत्रताओं में शामिल है। पीठ ने एम. पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने निर्णयों को पलट दिया, जिनमें कहा गया था कि संविधान निजता की गारंटी नहीं देता। बाद में इस मामले ने आधार, डेटा संरक्षण और व्यक्तिगत चुनाव से जुड़े फ़ैसलों को दिशा दी।
A, न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती जनहित याचिका और 1978 के मेनका गांधी मामले के लिए जाने जाते हैं। B, न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन निजता वाली पीठ में न्यायाधीश थे, याचिकाकर्ता नहीं। D, न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे, इस मामले के पक्षकार नहीं।
परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी, 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21 के तहत निजता।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान के निम्नलिखित में से कौन-सा/से उपबंध 26 नवंबर 1949 से प्रभावी हुआ/हुए? 1. निर्वाचन 2. नागरिकता 3. आपात उपबंध 4. न्यायाधीशों की नियुक्ति नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.1, 2 और 3
- D.2 और 4
उत्तर देखें
नागरिकता और निर्वाचन से जुड़े उपबंध 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए, जिस दिन संविधान सभा ने संविधान अंगीकार किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के कार्य हैं? 1. मानवाधिकारों के उल्लंघन की स्वयं अपनी पहल पर जाँच 2. पीड़ित द्वारा प्रस्तुत याचिका पर जाँच 3. बंदियों की स्थिति का अध्ययन करने के लिए जेलों का दौरा 4. मानवाधिकार के क्षेत्र में अनुसंधान करना और उसे बढ़ावा देना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2, 3 और 4
- C.केवल 1, 3 और 4
- D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें
मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 NHRC को ये चारों कार्य सौंपती है। NHRC एक सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं, जिसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत 12 अक्टूबर 1993 को हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची के अनुसार, निम्नलिखित में से किन विषयों के संबंध में कृषि भूमि पर राज्यों का अधिकार क्षेत्र है? 1. कृषि आय पर कर 2. कृषि भूमि के उत्तराधिकार के संबंध में शुल्क 3. कृषि भूमि के संबंध में संपदा शुल्क नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों राज्य सूची के विषय हैं: कृषि आय पर कर, कृषि भूमि के उत्तराधिकार पर शुल्क और कृषि भूमि पर संपदा शुल्क।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं? 1. पहले विधि आयोग ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की सिफारिश की थी। 2. भारतीय दंड संहिता, 1860 को भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने पूरी तरह प्रतिस्थापित कर दिया है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
भारतीय दंड संहिता पहले विधि आयोग की सिफारिश पर तैयार हुई थी, और भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने इसे निरस्त करके इसकी जगह ले ली है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के बयालीसवें संशोधन द्वारा इसकी उद्देशिका में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से जोड़ा/जोड़े गया/गए? 1. 'विचार, अभिव्यक्ति और विश्वास की स्वतंत्रता' के स्थान पर 'विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता' रखा गया। 2. 'राष्ट्र की एकता' अभिव्यक्ति के स्थान पर 'राष्ट्र की एकता और अखंडता' रखा गया। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
1976 के 42वें संशोधन ने 'राष्ट्र की एकता' को 'राष्ट्र की एकता और अखंडता' में बदला, लेकिन स्वतंत्रता से जुड़े शब्दों को नहीं छुआ।
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