निम्नलिखित में से कौन-सा पद इस सूत्र को दर्शाता है कि 'किसी व्यक्ति को बिना सुने दंडित नहीं किया जाएगा'?
- A.ऑत्रेफ़ोआ एक्विट (Autrefois acquit)
- B.नॉन बिस इन इडेम (Non bis in idem)
- C.ऑत्रेफ़ोआ कन्विक्ट (Autrefois convict)
- D.ऑडी आल्टरम पार्टम (Audi Alteram Partem)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, ऑडी आल्टरम पार्टम। इस लैटिन सूत्र का अर्थ है 'दूसरे पक्ष को सुनो', यानी किसी व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना दोषी ठहराया या दंडित नहीं किया जाना चाहिए। यह प्राकृतिक न्याय के दो स्तंभों में से एक है; दूसरा है नेमो जुडेक्स इन कॉसा सुआ, यानी कोई अपने ही मामले में न्यायाधीश न बने। भारतीय न्यायालय इसे अनुच्छेद 14 और 21 के अंतर्गत निष्पक्षता का हिस्सा मानते हैं। मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि धारक को सुने बिना पासपोर्ट ज़ब्त करना अनुचित था और स्वतंत्रता छीनने वाली हर प्रक्रिया न्यायसंगत, निष्पक्ष और युक्तियुक्त होनी चाहिए। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऑत्रेफ़ोआ एक्विट यह दलील है कि व्यक्ति उसी अपराध से पहले बरी हो चुका है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नॉन बिस इन इडेम का अर्थ है एक ही बात के लिए दो बार दंड नहीं, जो अनुच्छेद 20(2) का आधार है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऑत्रेफ़ोआ कन्विक्ट यह दलील है कि व्यक्ति उसी अपराध में पहले दोषी ठहराया जा चुका है। परीक्षा टिप: ऑडी आल्टरम पार्टम = सुनवाई का अधिकार; नेमो जुडेक्स = पक्षपात नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत की संसद में स्थगन प्रस्ताव के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसका उद्देश्य सदन का ध्यान हाल के किसी अविलंबनीय लोक महत्व के विषय की ओर दिलाना है।
- B.स्थगन प्रस्ताव एक असाधारण प्रक्रिया है।
- C.यह प्रस्ताव अविलंबनीय महत्व के किसी भी विषय पर लाया जा सकता है, चाहे वह राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में ही क्यों न हो।
- D.अध्यक्ष (पीठासीन अधिकारी) को सहमति देने से इनकार करने का पूर्ण विवेकाधिकार है।
उत्तर देखें
यह कथन सही नहीं है, क्योंकि स्थगन प्रस्ताव केवल ऐसे विषय पर लाया जा सकता है जो मुख्य रूप से केंद्र सरकार से जुड़ा हो, राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार वाले विषय पर नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की संसद के सदस्यों के संसदीय विशेषाधिकार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से विवरण सही है/हैं?
1. अध्यक्ष (स्पीकर) विशेषाधिकार के किसी भी प्रश्न को स्वतः संज्ञान से जाँच के लिए भेजने का अधिकार रखते हैं
2. विशेषाधिकार के प्रश्न को कार्य-सूची की अन्य मदों पर प्राथमिकता दी जाती है
3. यह विशेषाधिकार निवारक गिरफ्तारी या नजरबंदी से मुक्ति तक फैला है
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 1 और 2 लोकसभा की विशेषाधिकार प्रक्रिया को सही बताते हैं, जबकि कथन 3 गिरफ्तारी से मुक्ति को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत के संविधान में उल्लेख है कि अध्यक्ष (स्पीकर) को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की शक्ति है।
II. सत्रावसान होने पर केवल अध्यक्ष (स्पीकर) ही सदनों को आहूत कर सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I, न ही II
उत्तर देखें
संविधान लोकसभा अध्यक्ष को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की कोई शक्ति नहीं देता, और सदनों को आहूत करने व उनका सत्रावसान करने की शक्ति राष्ट्रपति की है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय एकीकरण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. क्षेत्रीय मुद्दों की अभिव्यक्ति लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा नहीं है।
II. राष्ट्र-निर्माण एक सतत प्रक्रिया है।
III. क्षेत्रीय असंतुलन भारत के विकास-अनुभव से जुड़ा है।
IV. क्षेत्र मिलकर राष्ट्र बनाते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.II, III और IV
- B.I, II और IV
- C.केवल III और IV
- D.केवल II और III
उत्तर देखें
कथन I गलत है: क्षेत्रीय मुद्दों और आकांक्षाओं को उठाना लोकतांत्रिक राजनीति का सामान्य और वैध हिस्सा है, उससे बाहर की चीज नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान सभा के किस सदस्य ने यह संकल्प प्रस्तावित किया था कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज "केसरिया, सफेद और गहरे हरे रंग का समान अनुपात वाला क्षैतिज तिरंगा" होगा, जिसके केंद्र में गहरे नीले रंग का चक्र होगा?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.बी. आर. अंबेडकर
- C.राजेंद्र प्रसाद
- D.सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर देखें
नेहरू ने 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में राष्ट्रीय ध्वज का संकल्प प्रस्तुत किया और सभा ने उसी दिन इसे स्वीकार कर लिया।
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