भारत की संसद के सदस्यों के संसदीय विशेषाधिकार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से विवरण सही है/हैं? 1. अध्यक्ष (स्पीकर) विशेषाधिकार के किसी भी प्रश्न को स्वतः संज्ञान से जाँच के लिए भेजने का अधिकार रखते हैं 2. विशेषाधिकार के प्रश्न को कार्य-सूची की अन्य मदों पर प्राथमिकता दी जाती है 3. यह विशेषाधिकार निवारक गिरफ्तारी या नजरबंदी से मुक्ति तक फैला है नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 1 और 2। कथन 1 और 2 लोकसभा की विशेषाधिकार प्रक्रिया को सही बताते हैं, जबकि कथन 3 गिरफ्तारी से मुक्ति को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है। लोकसभा की प्रक्रिया नियमावली के अनुसार अध्यक्ष किसी सदस्य के प्रस्ताव के बिना भी, स्वयं, विशेषाधिकार के किसी प्रश्न को विशेषाधिकार समिति को भेज सकते हैं। अध्यक्ष द्वारा स्वीकार किए जाने पर विशेषाधिकार का प्रश्न नियमित कार्य से पहले लिया जाता है, क्योंकि वह सदन की गरिमा और कामकाज से जुड़ा होता है। अनुच्छेद 105 सदस्यों को बोलने की स्वतंत्रता और अन्य विशेषाधिकार देता है, और गिरफ्तारी से मुक्ति केवल दीवानी मामलों में, सत्र के दौरान तथा उसके 40 दिन पहले और बाद तक मिलती है। यह आपराधिक आरोप में गिरफ्तारी या निवारक नजरबंदी से सदस्य को नहीं बचाती। विकल्प A गलत है क्योंकि कथन 2 भी सही है। विकल्प B गलत है क्योंकि कथन 3 गलत है और कथन 1 सही है। विकल्प D गलत है क्योंकि इसमें गलत कथन 3 शामिल है। परीक्षा टिप: गिरफ्तारी से मुक्ति केवल दीवानी मामलों में, आपराधिक मामलों या निवारक नजरबंदी में नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत की संसद में स्थगन प्रस्ताव के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसका उद्देश्य सदन का ध्यान हाल के किसी अविलंबनीय लोक महत्व के विषय की ओर दिलाना है।
- B.स्थगन प्रस्ताव एक असाधारण प्रक्रिया है।
- C.यह प्रस्ताव अविलंबनीय महत्व के किसी भी विषय पर लाया जा सकता है, चाहे वह राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में ही क्यों न हो।
- D.अध्यक्ष (पीठासीन अधिकारी) को सहमति देने से इनकार करने का पूर्ण विवेकाधिकार है।
उत्तर देखें
यह कथन सही नहीं है, क्योंकि स्थगन प्रस्ताव केवल ऐसे विषय पर लाया जा सकता है जो मुख्य रूप से केंद्र सरकार से जुड़ा हो, राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार वाले विषय पर नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत के संविधान में उल्लेख है कि अध्यक्ष (स्पीकर) को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की शक्ति है।
II. सत्रावसान होने पर केवल अध्यक्ष (स्पीकर) ही सदनों को आहूत कर सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I, न ही II
उत्तर देखें
संविधान लोकसभा अध्यक्ष को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की कोई शक्ति नहीं देता, और सदनों को आहूत करने व उनका सत्रावसान करने की शक्ति राष्ट्रपति की है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय एकीकरण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. क्षेत्रीय मुद्दों की अभिव्यक्ति लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा नहीं है।
II. राष्ट्र-निर्माण एक सतत प्रक्रिया है।
III. क्षेत्रीय असंतुलन भारत के विकास-अनुभव से जुड़ा है।
IV. क्षेत्र मिलकर राष्ट्र बनाते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.II, III और IV
- B.I, II और IV
- C.केवल III और IV
- D.केवल II और III
उत्तर देखें
कथन I गलत है: क्षेत्रीय मुद्दों और आकांक्षाओं को उठाना लोकतांत्रिक राजनीति का सामान्य और वैध हिस्सा है, उससे बाहर की चीज नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान सभा के किस सदस्य ने यह संकल्प प्रस्तावित किया था कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज "केसरिया, सफेद और गहरे हरे रंग का समान अनुपात वाला क्षैतिज तिरंगा" होगा, जिसके केंद्र में गहरे नीले रंग का चक्र होगा?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.बी. आर. अंबेडकर
- C.राजेंद्र प्रसाद
- D.सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर देखें
नेहरू ने 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में राष्ट्रीय ध्वज का संकल्प प्रस्तुत किया और सभा ने उसी दिन इसे स्वीकार कर लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'समाजवादी' शब्द भारत के संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) में निम्नलिखित में से किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था?
- A.41वाँ संशोधन अधिनियम
- B.42वाँ संशोधन अधिनियम
- C.43वाँ संशोधन अधिनियम
- D.44वाँ संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
संविधान (बयालीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1976 ने उद्देशिका में 'समाजवादी' और 'पंथनिरपेक्ष' शब्द जोड़े, साथ ही 'अखंडता' शब्द भी। 42वाँ संशोधन आपातकाल के दौरान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय पारित हुआ और इतने अधिक प्रावधान बदलने के कारण इसे 'लघु संविधान' कहा जाता है।
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